4 अक्टूबर 2026
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इंडी गठबंधन की जम्मू में बैठक: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग और गिरफ्तारी की मांग पर रणनीति तय

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इंडी गठबंधन की जम्मू में बैठक: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग और गिरफ्तारी की मांग पर रणनीति तय

सारांश

इंडी गठबंधन ने जम्मू में बैठक कर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग, मुकदमे और गिरफ्तारी की माँग पर एक्शन प्लान तैयार किया। गठबंधन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे।

मुख्य बातें

3 अक्टूबर 2026 को जम्मू में इंडी गठबंधन की बैठक; अध्यक्षता कांग्रेस नेता रमन भल्ला ने की।
गठबंधन ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और गिरफ्तारी की माँग पर रणनीति तय की।
विपक्ष का आरोप — SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए ('वोट की चोरी')।
2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान; जिला स्तर पर रैलियाँ।
विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान बहाल करने की माँग की।

इंडी गठबंधन ने 3 अक्टूबर 2026 को जम्मू में एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की कार्रवाई और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज पर लगाए गए आरोपों के मद्देनजर गठबंधन की राष्ट्रव्यापी मुहिम की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने की।

बैठक में क्या हुआ

शनिवार को जम्मू में हुई इस बैठक में गठबंधन के नेताओं ने चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े अपने व्यापक अभियान के तहत आगे की लामबंदी पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और उनकी गिरफ्तारी की माँग को और तेज करने की योजना बनाई। गठबंधन ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग 'संस्थागत कब्जे' का शिकार हो गया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने 28 सितंबर को पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन किए थे, जिनमें रमन भल्ला ने चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग की थी। जम्मू की यह बैठक उसी कड़ी में अगला कदम है।

मुख्य आरोप और माँगें

इंडी गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब न देने का आरोप लगाया है। विपक्ष इसे 'वोट की चोरी' करार दे रहा है।

इन्हीं आरोपों के आधार पर विपक्षी सांसदों ने CEC के खिलाफ महाभियोग का नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन के अन्य नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने और भविष्य के चुनावों के लिए SIR से पहले की मतदाता सूची का उपयोग करने की माँग भी की है।

राष्ट्रव्यापी अभियान का विस्तार

इंडी गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान छेड़ा है, जिसके अंतर्गत जिला स्तर पर रैलियाँ और सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल पहले से ही आंदोलनरत हैं।

विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की है, जो इस अभियान का प्रमुख पड़ाव होगा।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। इंडी गठबंधन का यह अभियान केवल एक व्यक्ति (CEC) के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित तौर पर चुनाव आयोग की संरचनात्मक स्वतंत्रता के सवाल को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश है।

आने वाले दिनों में 6 अक्टूबर का दिल्ली मार्च और 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान की जिलेवार गतिविधियाँ यह तय करेंगी कि विपक्ष इस मुद्दे पर कितनी जनगोलबंदी कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता के व्यापक सवाल को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश है। SIR के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का दावा गंभीर है — लेकिन विपक्ष ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें से कितने नाम वैध प्रक्रिया के तहत हटाए गए और कितने अनुचित तरीके से। महाभियोग की माँग और गिरफ्तारी की माँग के बीच का फर्क मिटाकर गठबंधन एक संवैधानिक मुद्दे को जन-आंदोलन में बदलने की राह पर है, जो लोकतांत्रिक विमर्श के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना जोखिम भरा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडी गठबंधन की जम्मू बैठक में क्या तय हुआ?
3 अक्टूबर 2026 को जम्मू में हुई बैठक में इंडी गठबंधन ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और गिरफ्तारी की माँग पर आगे की रणनीति तय की। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस नेता रमन भल्ला ने की और 6 अक्टूबर को दिल्ली मार्च समेत राष्ट्रव्यापी अभियान की योजना पर चर्चा हुई।
इंडी गठबंधन ने CEC ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए हैं?
गठबंधन का आरोप है कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिसे वे 'वोट की चोरी' बता रहे हैं। साथ ही आरोप है कि चुनाव आयोग 'संस्थागत कब्जे' का शिकार हो गया है और CEC ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया।
'लोकतंत्र बचाओ' अभियान क्या है और यह कब तक चलेगा?
इंडी गठबंधन का 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश में चल रहा है। इसके तहत जिला स्तर पर रैलियाँ और सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था फिर से लागू करने और भविष्य के चुनावों के लिए SIR से पहले की मतदाता सूची का उपयोग करने की माँग की है। इसके अलावा गठबंधन CEC के खिलाफ महाभियोग नोटिस की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है।
जम्मू-कश्मीर में इससे पहले क्या विरोध-प्रदर्शन हुए थे?
कांग्रेस ने 28 सितंबर 2026 को पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन किए थे, जिनमें रमन भल्ला ने चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग की थी। 3 अक्टूबर की जम्मू बैठक उसी विरोध अभियान की अगली कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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