इंडी गठबंधन की 30 सितंबर को बैठक: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की रणनीति पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में एक अहम संयुक्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को संसद के माध्यम से पद से हटाने के प्रस्ताव की रणनीति तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर जुटाना भी इस बैठक का केंद्रीय उद्देश्य होगा।
बैठक का एजेंडा और प्रमुख मुद्दे
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। पहला — संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव की रणनीति और सांसदों के हस्ताक्षर अभियान की रूपरेखा। दूसरा — चुनाव आयोग (ECI) के फैसलों की स्वतंत्र जाँच और CEC के इस्तीफे की माँग को और तेज़ करना। तीसरा — पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों सहित पूरे देश में आंदोलन की योजना बनाना।
गौरतलब है कि यह विपक्ष की इस दिशा में तीसरी कोशिश बताई जा रही है। हाल ही में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सामने आई आंतरिक मतभेद की खबरों ने विपक्ष को इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाने का अवसर दिया है।
कौन-कौन से नेता होंगे शामिल
बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी, शिवसेना (UBT) और वाम दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, प्रमुख नामों में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे शामिल हैं।
हालाँकि, तमिलनाडु की हालिया राजनीतिक हलचलों के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की उपस्थिति को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
वाम दलों और CPI(ML) का रुख
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और CPI (ML)-लिबरेशन पहले ही ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया तत्काल रोकने की माँग कर चुके हैं। CPI (ML)-लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 30 सितंबर की बैठक केवल इंडी गठबंधन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें अन्य विपक्षी दलों, नागरिक समाज और लोकतंत्र की चिंता रखने वाले सभी लोगों को भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वाम दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 29 सितंबर को
संयुक्त बैठक से एक दिन पहले — 29 सितंबर को — कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अलग से बैठक होगी, जिसमें पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने राहुल गांधी और माकपा महासचिव एम.ए. बेबी से फोन पर बातचीत के बाद 30 सितंबर की संयुक्त बैठक का निर्णय लिया गया।
BJP और चुनाव आयोग का जवाब
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोप चुनावी हार से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय और टिप्पणियाँ संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार, SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और पूरी प्रक्रिया कानून तथा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप है।
यह टकराव ऐसे समय में आया है जब आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर जनमत बनाने में जुटा है। आने वाले दिनों में 30 सितंबर की बैठक का नतीजा तय करेगा कि इंडी गठबंधन इस मुद्दे को संसदीय मोर्चे पर कितनी एकजुटता से उठा पाता है।