31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली में 10 लाख से अधिक लोग आएंगे — कांग्रेस का दावा, CEC हटाने की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली में 10 लाख से अधिक लोग आएंगे — कांग्रेस का दावा, CEC हटाने की माँग

सारांश

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रामलीला मैदान रैली से पहले सियासी बयानबाजी चरम पर है — 10 लाख की भीड़ का दावा, CEC हटाने की माँग, और BJP पर व्यापारियों को गुमराह करने का आरोप। यह रैली विपक्षी एकता और जनाधार दोनों की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक की 'वोट बचाओ' रैली 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होगी।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।
रैली की प्रमुख माँग — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने BJP की रैली-बनाम-विपक्ष की रैली पर व्यापारी-नुकसान के दावे को 'दोहरा मापदंड' बताया।
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में इतनी बड़ी रैली नहीं हुई।
रैली को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में 'जनआंदोलन' बताया गया है।

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित 'वोट बचाओ' रैली से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि इस रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे और साफ किया है कि इसका मकसद किसी भी तरह से व्यापारी वर्ग को नुकसान पहुँचाना नहीं है। रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

रैली का मुख्य उद्देश्य

कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि यह रैली 'वोट बचाओ' के मुद्दे पर केंद्रित है और इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग उठाई जाएगी। उनका कहना था कि यदि संसद में इस विषय पर समुचित बहस होती, तो सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती। देशभर से लोग इस रैली को सफल बनाने के लिए दिल्ली पहुँच रहे हैं।

कांग्रेस सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने आरोप लगाया कि संविधान द्वारा स्थापित संवैधानिक संस्थाओं पर BJP सरकार ने 'एक-एक करके कब्जा कर लिया है।' उन्होंने कहा, 'देश का संविधान खतरे में है, इसलिए रामलीला मैदान का पंडाल छोटा पड़ जाएगा।' उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने इसे 'जनआंदोलन' की संज्ञा देते हुए कहा कि यह राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में संविधान व लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान है।

व्यापारियों के नुकसान पर कांग्रेस का पलटवार

BJP नेताओं ने रैली के कारण व्यापारियों और आम जनता को होने वाली परेशानियों का हवाला दिया था। इस पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब बाजार खुला था तब बुधवार को BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली से व्यापारियों को नुकसान नहीं हुआ, तो रविवार को बाजार बंद रहने पर विपक्ष की रैली से नुकसान कैसे होगा? उन्होंने जोड़ा कि तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं और कार्यकर्ताओं की मेहनत रैली के दिन दिखेगी।

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने दलील दी कि 1 नवंबर को रविवार होने से आसपास का बाजार वैसे भी बंद रहता है। उनके अनुसार लाखों लोगों के दिल्ली आने से, और दीपावली का पर्व निकट होने से, व्यापार बढ़ेगा — घटेगा नहीं। उन्होंने BJP से जुड़े कुछ व्यापारियों पर 'झूठ फैलाने' का आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यापारी इस 'झूठ में शामिल नहीं हैं', उन्हें रैली में आने का निमंत्रण है।

कांग्रेस नेता नसीम खान ने भी इसी सुर में कहा कि 8-10 लाख लोगों के दिल्ली आने और दीपावली की खरीदारी से व्यापारियों का कारोबार बढ़ेगा। उन्होंने व्यापारियों के नुकसान की बात को 'BJP के इशारे पर मचाया हो-हल्ला' बताया।

ऐतिहासिक रैली का दावा

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि 'पिछले 20 साल में शायद इतनी बड़ी रैली कभी नहीं हुई होगी।' उन्होंने इसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की 'आजादी की दूसरी लड़ाई' करार दिया। गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

रैली 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में आयोजित होगी। इंडिया ब्लॉक की यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और वोटर अधिकारों की रक्षा के एजेंडे पर केंद्रित रहेगी। रैली की सफलता या विफलता गठबंधन की आंतरिक एकता और जनाधार दोनों की कसौटी बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इंडिया ब्लॉक इस रैली को ठोस चुनावी या संस्थागत दबाव में तब्दील कर पाएगा। CEC को हटाने की माँग संवैधानिक रूप से सही दिशा है, परंतु विपक्ष के पास इसे लागू कराने का कोई तंत्र नहीं है। व्यापारी-नुकसान की बहस असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश लगती है — दोनों पक्षों की ओर से। रैली की सफलता या विफलता 2027 के चुनावी मौसम से पहले इंडिया ब्लॉक की प्रासंगिकता की कसौटी बनेगी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली किस मुद्दे पर है?
यह रैली 'वोट बचाओ' के नारे के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और मतदाता अधिकारों की रक्षा की माँग पर केंद्रित है। कांग्रेस नेताओं ने इसे संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया है।
रामलीला मैदान रैली में कितने लोग आने का अनुमान है?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और अन्य नेताओं ने दावा किया है कि रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। देशभर के विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुँच रहे हैं।
BJP ने रैली पर क्या आपत्ति जताई है?
BJP नेताओं ने कहा है कि रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होगी। कांग्रेस ने इस दावे को 'दोहरा मापदंड' बताते हुए खारिज किया है।
क्या रैली से दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान होगा?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 1 नवंबर को रविवार होने से बाजार वैसे भी बंद रहता है और दीपावली के निकट लाखों लोगों के आने से व्यापार बढ़ेगा। BJP से जुड़े व्यापारियों के दावों को उन्होंने 'झूठ प्रचार' बताया है।
इंडिया ब्लॉक की इस रैली का नेतृत्व कौन करेगा?
रैली का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल भी इसमें भागीदारी करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 19 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले