'दिल्ली चलो मार्च': जेबी माथेर बोले — भाजपा रोकने की कोशिश करे, हर कोने से पहुँचेंगे लोग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जेबी माथेर ने 29 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की 'वोट बचाओ महा रैली' और 'दिल्ली चलो मार्च' को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर से दिल्ली आ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर रोका जा रहा है, लेकिन पार्टी इन बाधाओं से विचलित नहीं होगी।
माथेर का बयान और पार्टी की चेतावनी
माथेर ने कहा, "कांग्रेस पार्टी में सूचनाओं के आदान प्रदान की एक व्यवस्था है। हमें जानकारी मिली है कि देश के अलग अलग हिस्सों से दिल्ली आ रहे कई लोगों को रोका जा रहा है। हालांकि हम पूरे यकीन के साथ कहना चाहते हैं कि वे हमें रोकने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन भारत के हर कोने से लोग दिल्ली जरूर पहुँचेंगे, चाहे वे कुछ भी कर लें।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब रैली से ठीक तीन दिन पहले विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के बीच टकराव तेज़ हो गया है।
वेणुगोपाल का आरोप: रेलवे और प्रशासन पर निशाना
इससे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया था कि तेलंगाना सहित कई राज्यों से दिल्ली आने वाले कांग्रेस सांसदों, विधायकों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे द्वारा रोकने की कोशिश की जा रही है। वेणुगोपाल के अनुसार, भारतीय रेलवे ने तेलंगाना से दिल्ली के लिए विशेष ट्रेनों की माँग को टाल दिया। इस कथित भेदभाव के विरोध में तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं ने सिकंदराबाद में दक्षिण मध्य रेलवे कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
उदित राज का हमला: 'सरकार राहुल गांधी से डरी'
कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "स्पेशल ट्रेनें ये अपने लिए लगाते हैं, जब इनका कोई कार्यक्रम होता है। जब कोई सोशल फंक्शन या बड़ा कार्यक्रम होता है, तो अतिरिक्त कोच अटैच किए ही जाते हैं लेकिन इस बार कोच भी अटैच नहीं होने दे रहे हैं।" उदित राज ने यह भी दावा किया कि सरकार कांग्रेस नेता राहुल गांधी से डरी हुई है और हरसंभव कोशिश कर रही है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली न हो सके।
रैली की पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 'वोट बचाओ महा रैली' इंडिया ब्लॉक द्वारा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आयोजित की जा रही है। यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग करके विपक्षी जनसमावेश को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है — हालाँकि केंद्र सरकार या भारतीय रेलवे की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या
रैली 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में निर्धारित है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, देशभर से बड़ी संख्या में समर्थक दिल्ली पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटनाक्रम की दिशा यह तय करेगी कि विपक्षी एकजुटता सड़क पर कितनी मज़बूती से दिखाई देती है।