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कर्नाटक में 3 महीनों में 17.78 लाख किलो राशन जब्त, 238 एफआईआर और 215 गिरफ्तारियाँ

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कर्नाटक में 3 महीनों में 17.78 लाख किलो राशन जब्त, 238 एफआईआर और 215 गिरफ्तारियाँ

सारांश

कर्नाटक में सूखे जैसी स्थिति के बीच गरीबों का राशन काले बाज़ार में पहुँच रहा था। तीन महीनों में 17.78 लाख किलो अनाज, 156 वाहन जब्त और 215 गिरफ्तारियाँ — यह आँकड़े बताते हैं कि PDS तस्करी नेटवर्क कितना संगठित था।

मुख्य बातें

कर्नाटक खाद्य विभाग ने 1 अगस्त 2026 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच 17.78 लाख किलोग्राम राशन सामग्री जब्त की।
कुल 238 एफआईआर दर्ज और 215 लोग गिरफ्तार ; तस्करी में इस्तेमाल 156 वाहन जब्त।
बेलगावी जिले से सबसे अधिक 5 लाख किलोग्राम से अधिक सामग्री बरामद।
14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण भी पकड़ा गया।
जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹10 करोड़ आँकी गई है।
मंत्री रिजवान अरशद ने छापेमारी जारी रखने और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

कर्नाटक के खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग ने 1 अगस्त 2026 से अब तक चले अभियान में 17.78 लाख किलोग्राम राशन सामग्री जब्त की है, 238 एफआईआर दर्ज की हैं और 215 लोगों को गिरफ्तार किया है। 29 अक्टूबर को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के खाद्यान्न की अवैध हेराफेरी और तस्करी के खिलाफ राज्यव्यापी छापेमारी अभियान का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

खाद्य मंत्री रिजवान अरशद के निर्देश पर विभाग के अधिकारी राशन ले जाने वाले वाहनों की जाँच और निजी गोदामों पर छापेमारी कर रहे हैं। जब्त सामग्री में चावल, गेहूँ, रागी और विभिन्न दालें शामिल हैं। तस्करी में इस्तेमाल 156 वाहन भी ज़ब्त किए गए हैं।

इसके अलावा विभाग ने 14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण भी पकड़ा है। कुल जब्त सामग्री की कीमत लगभग ₹10 करोड़ आँकी गई है।

जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा

उत्तरी कर्नाटक के बेलगावी जिले से सबसे अधिक 5 लाख किलोग्राम से अधिक राशन सामग्री बरामद की गई। कोलार जिले से 3.5 लाख किलोग्राम सामग्री जब्त हुई, जबकि बागलकोट और विजयपुरा जिलों में से प्रत्येक से 1 लाख किलोग्राम से अधिक अनाज जब्त किया गया। गौरतलब है कि यह तस्करी राज्यव्यापी नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रही थी, जो एक सुनियोजित आपूर्ति श्रृंखला का संकेत देती है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री रिजवान अरशद ने स्पष्ट किया कि सूखे जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे राज्य में गरीबों के लिए आरक्षित अनाज को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना 'अक्षम्य अपराध' है। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ऐसा नहीं होने देगी।' अरशद ने अधिकारियों को तस्करी नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

आम जनता पर असर

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब राज्य में चावल की कीमतें बढ़ रही हैं और सूखे जैसी स्थिति ने खाद्य सुरक्षा को चुनौती दी है। PDS के अनाज को काला बाज़ार में बेचने से लाखों गरीब परिवारों का हक मारा जाता है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो लोग अवैध भंडारण या ब्लैक मार्केट से इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या होगा आगे

विभाग ने संकेत दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और राशन वितरण नेटवर्क की निगरानी बढ़ाई जाएगी। यह कर्नाटक सरकार की PDS सुधार की दिशा में एक बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि PDS की संरचनागत खामियों का दर्पण है — तस्करी इतने बड़े पैमाने पर तभी होती है जब निगरानी तंत्र महीनों तक विफल रहे। यह उचित सवाल उठाता है कि अगस्त से पहले यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें आपूर्ति श्रृंखला के भीतर से मिलीभगत थी या नहीं। सूखे जैसी स्थिति और बढ़ती चावल कीमतों के बीच यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से ज़रूरी थी, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए राज्य को डिजिटल राशन ट्रैकिंग और वेयरहाउस ऑडिट को अभियान-आधारित कार्रवाई से स्थायी प्रणाली में बदलना होगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में राशन जब्ती अभियान क्या है?
कर्नाटक के खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग ने 1 अगस्त 2026 से PDS अनाज की तस्करी रोकने के लिए राज्यव्यापी छापेमारी शुरू की है। तीन महीनों में 17.78 लाख किलोग्राम राशन सामग्री जब्त की गई है और 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
किन जिलों में सबसे ज़्यादा राशन जब्त हुआ?
बेलगावी जिले से सबसे अधिक 5 लाख किलोग्राम से अधिक राशन सामग्री बरामद हुई। कोलार से 3.5 लाख किलोग्राम, जबकि बागलकोट और विजयपुरा से प्रत्येक में 1 लाख किलोग्राम से अधिक अनाज जब्त किया गया।
जब्त सामग्री की कुल कीमत कितनी है?
जब्त राशन, गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कुल कीमत लगभग ₹10 करोड़ आँकी गई है। इसमें 14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर भी शामिल हैं।
मंत्री रिजवान अरशद ने इस मामले में क्या कहा?
मंत्री रिजवान अरशद ने कहा कि सूखे जैसी परिस्थितियों में गरीबों के लिए आरक्षित अनाज को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना अक्षम्य अपराध है। उन्होंने अधिकारियों को तस्करी नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी जारी रखने और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण नेटवर्क की निगरानी जारी रहेगी। विशेष रूप से चावल की बढ़ती कीमतों के मद्देनज़र अवैध भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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