कर्नाटक में नशामुक्ति अभियान: 'ऑपरेशन राइज' और 'बेडा ब्रो' लॉन्च, ₹97.90 करोड़ की ड्रग्स होगी नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने 30 जून 2026 को राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में दो महत्वाकांक्षी अभियानों — 'ऑपरेशन राइज' और 'बेडा ब्रो' — की औपचारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर यह घोषणा करते हुए कहा कि मादक पदार्थों और साइकोट्रॉपिक ड्रग्स के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, व्यापक जनजागरूकता और पुनर्वास — तीनों मोर्चों पर एक साथ यह मुहिम चलाई जाएगी। इसी अवसर पर कर्नाटक पुलिस अदालत की अनुमति के बाद ₹97.90 करोड़ मूल्य के 4,276.405 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों को भी नष्ट करेगी।
अभियान की पृष्ठभूमि और चुनौती
सरकारी बयान के अनुसार, कर्नाटक के शहरी क्षेत्र — विशेष रूप से बेंगलुरु — नशे की समस्या से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इसके पीछे बड़ी छात्र आबादी, कामकाजी युवा, नाइटलाइफ संस्कृति, विदेशी नागरिकों की उपस्थिति और डिजिटल नेटवर्क का दुरुपयोग प्रमुख कारण बताए गए हैं। जाँच एजेंसियों ने कई मामलों में सिंथेटिक ड्रग्स की कूरियर के ज़रिए आपूर्ति और विदेशी नागरिकों की संलिप्तता का खुलासा किया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या माँग और आपूर्ति — दोनों कारणों से बढ़ रही है। युवाओं में साथियों का दबाव, तनाव और प्रयोग की प्रवृत्ति माँग को बढ़ाती है, जबकि संगठित अपराध गिरोह, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में ड्रग से जुड़े मामलों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की जा रही है।
ऑपरेशन राइज: पुलिस की समन्वित कार्रवाई
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और सुदृढ़ करते हुए सरकार ने 'ऑपरेशन राइज' के तहत पुलिस को समन्वित छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान चलाने का निर्देश दिया है। राज्य ने नशीले पदार्थों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति घोषित करते हुए कहा है कि जब तक इस समस्या का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा।
बेडा ब्रो: युवाओं के लिए जागरूकता मुहिम
'बेडा ब्रो' अभियान युवाओं की भाषा और शैली में नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराने पर केंद्रित है। इस मुहिम में साथियों के दबाव से बचने, सही निर्णय लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, सोशल मीडिया अभियान और संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
कार्रवाई के आँकड़े
सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पुलिस ने ₹216.93 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए। 1 जनवरी से 31 मई 2026 के बीच ₹184.72 करोड़ की ड्रग्स बरामद की गई — जो इस गति को देखते हुए पूरे वर्ष का आँकड़ा 2025 को पार कर सकता है।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत वर्ष 2025 में 9,064 आरोपियों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए, जबकि 2026 में अब तक 6,651 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी के मामले में 2025 में 2,611 और 2026 के पहले पाँच महीनों में 1,406 तस्करों को पकड़ा गया। नशीले पदार्थों के सेवन के आरोप में 2025 में 6,455 और 2026 में अब तक 5,090 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। ड्रग निर्माताओं की गिरफ्तारी में 2025 में 41 और 2026 में अब तक 17 निर्माता पकड़े गए हैं।
आगे की रणनीति
सरकार ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और समाज की सक्रिय भागीदारी के साथ समग्र रणनीति अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि यह अभियान केवल पुलिसिया कार्रवाई तक सीमित न रहकर सामाजिक पुनर्वास और रोकथाम को भी समान महत्व देता है — जो इसे पिछले एकआयामी अभियानों से अलग करता है। राज्य सरकार ने दोहराया कि नशामुक्त कर्नाटक के लक्ष्य की प्राप्ति तक हर संभव प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।