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ओडिशा नशामुक्त अभियान: मुख्यमंत्री माझी ने किया 100 सप्ताह के जन-आंदोलन का ऐलान

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ओडिशा नशामुक्त अभियान: मुख्यमंत्री माझी ने किया 100 सप्ताह के जन-आंदोलन का ऐलान

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने 100 सप्ताह के नशामुक्त जन-आंदोलन का ऐलान किया — यह महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि दो साल की सामाजिक मुहिम है। पुलिस ने दो वर्षों में ₹2,106 करोड़ का गांजा जब्त किया है, फिर भी चुनौती बड़ी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम से 100 सप्ताह के नशामुक्त जन-आंदोलन की घोषणा की।
यह अभियान केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047' कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे PM नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली लॉन्च किया।
देश भर में 10,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से ज़्यादा युवाओं ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।
जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच ओडिशा पुलिस ने 63,720 एकड़ की अवैध गांजे की खेती नष्ट की, ₹2,106 करोड़ का 432 टन गांजा जब्त किया।
इसी अवधि में 2,576 मामले दर्ज और 3,699 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
सरकार ने ड्रग तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के साथ-साथ पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करने का भी संकल्प लिया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 3 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एक विशेष राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में घोषणा की कि ओडिशा को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए 100 सप्ताह का सतत जन-आंदोलन चलाया जाएगा। यह अभियान केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047' राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से लॉन्च किया।

कार्यक्रम का स्वरूप और सहभागिता

कलिंगा स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कम्भम्पति, खेल और युवा सेवा मंत्री सूर्यबंशी सूरज और सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत 'माई भारत' द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को सभी ने वर्चुअली देखा। राज्यपाल डॉ. कम्भम्पति ने उपस्थित सभी लोगों को 'नशा मुक्त युवा – विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान' की शपथ दिलाई। देश भर में 10,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से ज़्यादा युवाओं ने एक साथ यह संकल्प लिया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेश

राज्यपाल डॉ. कम्भम्पति ने युवाओं को राष्ट्र-निर्माण का मुख्य स्तंभ बताते हुए नशे के विकल्प के रूप में खेल, फिटनेस, योग, मूल्य-आधारित जीवन और समाज सेवा अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'सिर्फ सरकारी प्रयासों से नशा-मुक्त समाज नहीं बनाया जा सकता। यह तभी एक क्रांतिकारी जन-आंदोलन बन सकता है जब माता-पिता, शिक्षक, सामाजिक संगठन और खासकर युवा खुद इस आंदोलन की मशाल थामें।'

मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लगभग दो वर्षों तक अनवरत चलने वाला सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे की लत अब केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं रही — यह परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगाड़ती है और राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में बड़ी बाधा बनती है।

ओडिशा पुलिस की कार्रवाई के आँकड़े

मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच ओडिशा पुलिस ने 63,720 एकड़ में फैली अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,911 करोड़ आँकी गई। इसी अवधि में 2,576 मामले दर्ज किए गए, 3,699 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 432 टन गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाज़ार कीमत ₹2,106 करोड़ बताई गई है।

सरकार की नीति और अपील

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने राज्य में अवैध ड्रग्स के कारोबार और सिंडिकेट के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। कानून प्रवर्तन के साथ-साथ सरकार नशे की लत से प्रभावित लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास केंद्रों को भी सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अपने इलाके में किसी भी संदिग्ध ड्रग गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह अभियान ओडिशा को एक स्वस्थ और नशामुक्त राज्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

106 करोड़ का गांजा जब्त और 3,699 गिरफ्तारियाँ — लेकिन इतनी बड़ी जब्ती यह भी बताती है कि राज्य में अवैध नशे का नेटवर्क कितना गहरा जड़ें जमा चुका है। 100 सप्ताह का यह अभियान जन-जागरण की दृष्टि से महत्वाकांक्षी है, परंतु असली कसौटी यह होगी कि क्या इसमें पुनर्वास, सामाजिक पुनर्एकीकरण और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता के ठोस और मापने योग्य लक्ष्य निर्धारित किए जाएँगे। राजनीतिक संकल्प और ज़मीनी अमल के बीच की खाई को पाटे बिना, यह आंदोलन भी पिछले ऐसे अभियानों की तरह सुर्खियों तक सिमट सकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा का 100 सप्ताह का नशामुक्त अभियान क्या है?
यह मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा घोषित एक सतत सामाजिक आंदोलन है जो लगभग दो वर्षों तक चलेगा और राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। यह केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047' राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है।
इस अभियान की शुरुआत कहाँ और कब हुई?
इस अभियान की शुरुआत 3 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में एक विशेष राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से इसे वर्चुअली लॉन्च किया।
ओडिशा पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है?
जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच ओडिशा पुलिस ने 63,720 एकड़ की अवैध गांजे की खेती नष्ट की, ₹2,106 करोड़ मूल्य का 432 टन गांजा जब्त किया, 2,576 मामले दर्ज किए और 3,699 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्या इस अभियान में केवल कानूनी कार्रवाई शामिल है?
नहीं, सरकार ने कानून प्रवर्तन के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास केंद्रों को भी मजबूत करने की बात कही है। राज्यपाल ने युवाओं को खेल, योग और समाज सेवा को विकल्प के रूप में अपनाने की अपील भी की।
इस अभियान में आम नागरिक कैसे भागीदार बन सकते हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने इलाके में किसी भी संदिग्ध ड्रग गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। राज्यपाल ने माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से भी इस जन-आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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