गुजरात के 34 जिला अस्पतालों में खुलेंगे नशा मुक्ति केंद्र, ₹14.90 करोड़ मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 22 जुलाई 2026 को 'ड्रग फ्री गुजरात' अभियान को नई गति देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹14.90 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के तहत राज्य के सभी 34 जिला अस्पतालों में 15-15 बेड वाले नशा मुक्ति केंद्र (डी-एडिक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। यह पहल नशे की लत से पीड़ित लोगों को उनके अपने जिले में ही समग्र उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
केंद्रों में मिलेंगी कौन-सी सुविधाएँ
प्रत्येक जिला अस्पताल में स्थापित होने वाले इन केंद्रों में वैज्ञानिक डिटॉक्सिफिकेशन, नशा मुक्ति उपचार, काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ, पारिवारिक परामर्श और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। सरकार के अनुसार, यहाँ ओपीडी और आईपीडी दोनों प्रकार की सेवाएँ दी जाएंगी।
इन केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों, काउंसलरों, मनोवैज्ञानिकों और अन्य प्रशिक्षित विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम मरीजों को एकीकृत और समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगी। इससे पीड़ित व्यक्तियों को केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक सहयोग भी मिलेगा।
आम जनता पर असर
अब तक नशे की लत से पीड़ित लोगों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था, जिससे उन पर और उनके परिवारों पर आर्थिक एवं भावनात्मक बोझ बढ़ता था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तर पर ये केंद्र उपलब्ध होने से उपचार की पहुँच बेहतर होगी और परिवारों पर पड़ने वाला दोहरा बोझ कम होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाइयाँ पहले से तेज़ हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में गुजरात पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की है, और अब यह नीतिगत कदम उसी अभियान को पुनर्वास के मोर्चे पर भी मज़बूत करता है।
पारदर्शिता और निगरानी तंत्र
सरकार ने बताया कि सभी आवश्यक उपकरणों की खरीद गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके अतिरिक्त पूरे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी, सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा, ताकि धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, समय पर इलाज, प्रभावी काउंसलिंग और बेहतर पुनर्वास सुविधाओं के ज़रिए नशे की लत से जूझ रहे लोगों को नई दिशा मिलेगी। यह पहल गुजरात को 'ड्रग फ्री राज्य' बनाने के सरकार के व्यापक लक्ष्य की ओर एक ठोस संस्थागत कदम मानी जा रही है। केंद्रों के संचालन की समयसीमा और चरणबद्ध क्रियान्वयन का विवरण शीघ्र जारी किए जाने की उम्मीद है।