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वैष्णवी शर्मा का वडोदरा में करियर-बेस्ट 5 विकेट, भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया

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वैष्णवी शर्मा का वडोदरा में करियर-बेस्ट 5 विकेट, भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया

सारांश

20 साल की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ करियर की पहली बार 5 विकेट लेकर भारत को सीरीज में क्लीन स्वीप दिलाया। घबराहट से शुरू हुए सफर का अंत हुआ — एक स्टंप-हिटिंग 'चमत्कार' से।

मुख्य बातें

वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे में 10 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लिए — यह उनका करियर-बेस्ट प्रदर्शन है।
जिम्बाब्वे की पूरी टीम 131 रन पर ऑलआउट; भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज की।
भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से जीती।
20 वर्षीय वैष्णवी ने सफलता का श्रेय भारत ए के साथ मिले अनुभव और टीम के सपोर्ट को दिया।
दीप्ति शर्मा , हरमनप्रीत कौर , स्मृति मंधाना सहित पूरी टीम ने पाँचवें विकेट के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में 29 अक्टूबर 2026 को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे महिला वनडे मैच में 10 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लेकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। उनकी इस घातक स्पिन गेंदबाज़ी की बदौलत जिम्बाब्वे की पूरी टीम मात्र 131 रन पर सिमट गई और भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज 3-0 से अपने नाम की।

मैच का मुख्य घटनाक्रम

20 वर्षीय वैष्णवी ने सीरीज के निर्णायक तीसरे मुकाबले में पूरे दस ओवर गेंदबाज़ी करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाज़ी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने केवल 39 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे मेज़बान भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान हो गया। गौरतलब है कि यह वैष्णवी के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला पाँच-विकेट हॉल था।

घबराहट से जीत तक का सफर

बीसीसीआई द्वारा गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में वैष्णवी ने अपनी भावनाएँ खुलकर व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, '5 विकेट लेने का एहसास बिल्कुल अलग होता है। जब आप कड़ी मेहनत करते हैं और फिर मैदान पर आकर 5 विकेट लेते हैं, तो यह वाकई बहुत शानदार एहसास होता है।'

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सीरीज की शुरुआत में वह काफी नर्वस थीं। उन्होंने कहा, 'वनडे सीरीज के पहले दिन मैं बहुत नर्वस थी। पहले मैच में मैं बाहर बैठी थी। मैंने स्थिति को समझा और सोचा कि मुझे क्या करना चाहिए।' दूसरे मैच में खेलने का मौका मिला तो रात को नींद नहीं आई, पर मैदान पर खुद को शांत करके प्रदर्शन किया।

भारत ए के अनुभव ने दिया आत्मविश्वास

वैष्णवी ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय भारत ए के साथ मिले अनुभव को दिया। उन्होंने बताया, 'मैंने ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था — एक बार 6 विकेट लिए, फिर 4 विकेट चटकाए। मैं उस सीरीज में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ रही।' इस अनुभव और कोचों के साथ बनाई गई रणनीति ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार किया।

साथियों का हौसला और पाँचवाँ विकेट

वैष्णवी के अनुसार, दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और हरलीन देओल सहित पूरी टीम उनका लगातार हौसला बढ़ा रही थी। पाँचवें विकेट का इंतज़ार उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन रहा। उन्होंने बताया, 'पाँचवें विकेट के इंतज़ार ने मुझे बहुत तनाव में डाल दिया था। जब आखिरी ओवर में सिर्फ छह गेंदें बची थीं, तो मैंने सोचा — अगर विकेट मिल जाए तो बहुत बढ़िया, वरना आराम से गेंदबाज़ी करो।'

अंत में एक अप्रत्याशित तरीके से पाँचवाँ विकेट मिला — बल्लेबाज ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, गेंद पैड से नहीं लगी और सीधे स्टंप्स से जा टकराई। वैष्णवी ने इसे 'चमत्कार' करार दिया।

क्या होगा आगे

इस शानदार प्रदर्शन के बाद वैष्णवी शर्मा भारतीय महिला टीम की नियमित स्पिन आक्रमण में अपनी जगह और मज़बूत कर सकती हैं। यह सीरीज जीत भारत की महिला क्रिकेट टीम के बढ़ते दबदबे को और पुख्ता करती है, खासकर घरेलू परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाज़ी के मोर्चे पर।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की उस गहरी बेंच-स्ट्रेंथ की कहानी है जो अक्सर सुर्खियों से बाहर रहती है। भारत ए की नर्सरी प्रणाली ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तैयारी सीधे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन में तब्दील होती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर स्टार खिलाड़ियों पर केंद्रित रहती है — वैष्णवी जैसी उभरती प्रतिभाएँ तब ही ध्यान पाती हैं जब वे पाँच विकेट लेती हैं। असली सवाल यह है कि क्या चयन समिति इस प्रदर्शन को निरंतरता देने के लिए उन्हें नियमित मौके देगी।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में कितने विकेट लिए?
वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे महिला वनडे मैच में 10 ओवर में केवल 39 रन देकर 5 विकेट लिए। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला पाँच-विकेट हॉल था।
भारत महिला टीम ने जिम्बाब्वे सीरीज का नतीजा क्या रहा?
भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से जीती। तीसरे और निर्णायक मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 131 रन पर ऑलआउट कर 8 विकेट से जीत दर्ज की।
वैष्णवी शर्मा को 5 विकेट लेने से पहले क्या चुनौतियाँ आईं?
वैष्णवी ने बताया कि वह सीरीज की शुरुआत में बहुत नर्वस थीं और पहले मैच में टीम से बाहर रहीं। दूसरे मैच से पहले रात को ठीक से नींद नहीं आई, लेकिन उन्होंने मैदान पर खुद को शांत करके प्रदर्शन किया।
वैष्णवी शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?
उन्होंने सफलता का श्रेय भारत ए के साथ मिले अनुभव को दिया, जहाँ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ एक बार 6 और एक बार 4 विकेट लिए थे। इसके अलावा कोचों की रणनीति और दीप्ति शर्मा, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना जैसी सीनियर साथियों के समर्थन को भी उन्होंने सराहा।
वैष्णवी शर्मा की उम्र क्या है और वे किस तरह की गेंदबाज़ हैं?
वैष्णवी शर्मा 20 वर्षीय बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज़ हैं। उन्होंने भारत ए के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दौरों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके वरिष्ठ राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है।
राष्ट्र प्रेस
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