वैष्णवी शर्मा का वडोदरा में करियर-बेस्ट 5 विकेट, भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने वडोदरा में 29 अक्टूबर 2026 को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे महिला वनडे मैच में 10 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लेकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। उनकी इस घातक स्पिन गेंदबाज़ी की बदौलत जिम्बाब्वे की पूरी टीम मात्र 131 रन पर सिमट गई और भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
20 वर्षीय वैष्णवी ने सीरीज के निर्णायक तीसरे मुकाबले में पूरे दस ओवर गेंदबाज़ी करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाज़ी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने केवल 39 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे मेज़बान भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान हो गया। गौरतलब है कि यह वैष्णवी के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला पाँच-विकेट हॉल था।
घबराहट से जीत तक का सफर
बीसीसीआई द्वारा गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में वैष्णवी ने अपनी भावनाएँ खुलकर व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, '5 विकेट लेने का एहसास बिल्कुल अलग होता है। जब आप कड़ी मेहनत करते हैं और फिर मैदान पर आकर 5 विकेट लेते हैं, तो यह वाकई बहुत शानदार एहसास होता है।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सीरीज की शुरुआत में वह काफी नर्वस थीं। उन्होंने कहा, 'वनडे सीरीज के पहले दिन मैं बहुत नर्वस थी। पहले मैच में मैं बाहर बैठी थी। मैंने स्थिति को समझा और सोचा कि मुझे क्या करना चाहिए।' दूसरे मैच में खेलने का मौका मिला तो रात को नींद नहीं आई, पर मैदान पर खुद को शांत करके प्रदर्शन किया।
भारत ए के अनुभव ने दिया आत्मविश्वास
वैष्णवी ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय भारत ए के साथ मिले अनुभव को दिया। उन्होंने बताया, 'मैंने ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था — एक बार 6 विकेट लिए, फिर 4 विकेट चटकाए। मैं उस सीरीज में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ रही।' इस अनुभव और कोचों के साथ बनाई गई रणनीति ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार किया।
साथियों का हौसला और पाँचवाँ विकेट
वैष्णवी के अनुसार, दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और हरलीन देओल सहित पूरी टीम उनका लगातार हौसला बढ़ा रही थी। पाँचवें विकेट का इंतज़ार उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन रहा। उन्होंने बताया, 'पाँचवें विकेट के इंतज़ार ने मुझे बहुत तनाव में डाल दिया था। जब आखिरी ओवर में सिर्फ छह गेंदें बची थीं, तो मैंने सोचा — अगर विकेट मिल जाए तो बहुत बढ़िया, वरना आराम से गेंदबाज़ी करो।'
अंत में एक अप्रत्याशित तरीके से पाँचवाँ विकेट मिला — बल्लेबाज ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, गेंद पैड से नहीं लगी और सीधे स्टंप्स से जा टकराई। वैष्णवी ने इसे 'चमत्कार' करार दिया।
क्या होगा आगे
इस शानदार प्रदर्शन के बाद वैष्णवी शर्मा भारतीय महिला टीम की नियमित स्पिन आक्रमण में अपनी जगह और मज़बूत कर सकती हैं। यह सीरीज जीत भारत की महिला क्रिकेट टीम के बढ़ते दबदबे को और पुख्ता करती है, खासकर घरेलू परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाज़ी के मोर्चे पर।