29 अक्टूबर 2026
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एमएलसी चुनाव नतीजों पर संजय सेठ का कांग्रेस पर हमला: 'जनता ने पार्टी को फिर किनारे किया'

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एमएलसी चुनाव नतीजों पर संजय सेठ का कांग्रेस पर हमला: 'जनता ने पार्टी को फिर किनारे किया'

सारांश

एमएलसी चुनाव के बैलेट पेपर परिणामों के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया — ईवीएम से बैलेट तक के बहाने गिनाए और गांधी परिवार को 'सत्ता के बिना बेचैन मछली' बताया। झारखंड की राजनीति में यह हार कांग्रेस के लिए गहरे सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने 29 अक्टूबर 2026 को रांची में एमएलसी चुनाव नतीजों पर कांग्रेस पर हमला बोला।
सेठ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विदेश जाकर देश के खिलाफ बोलते हैं और संवैधानिक संस्थाओं तथा सेना की आलोचना करते हैं।
बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस की हार को सेठ ने ईवीएम विरोध के बहाने पर सीधा तंज बताया।
गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता के बिना 'पानी बिन मछली' की तरह तड़पती है।
सेठ ने चेतावनी दी कि भविष्य में पार्टी की स्थिति इतनी कमज़ोर हो सकती है कि उसका नाम लेने वाला भी नहीं बचेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने 29 अक्टूबर 2026 को रांची में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार देश, संवैधानिक संस्थाओं और विकास के विरुद्ध बयानबाज़ी करती रही है, और इसी का खामियाजा पार्टी को चुनावी मैदान में भुगतना पड़ रहा है।

मुख्य आरोप और बयान

सेठ ने कहा कि जब भी कांग्रेस नेता विदेश जाते हैं, वे देश के खिलाफ बोलते हैं। उनके अनुसार, यही रवैया जनता को कांग्रेस से दूर करता है और पार्टी चुनाव-दर-चुनाव हाशिये पर जाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं, सेना के पराक्रम और प्रधानमंत्री का भी विरोध करती है।

ईवीएम विवाद पर कटाक्ष

केंद्रीय राज्य मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न तो ईवीएम पर भरोसा था और न ही चुनाव प्रक्रिया पर। जब बैलेट पेपर के ज़रिये एमएलसी चुनाव हुए, तो परिणाम सबके सामने आ गए। सेठ ने व्यंग्यपूर्वक कहा कि अब कांग्रेस नेता शायद बैलेट बॉक्स में गड़बड़ी या 'जादू-टोना' का भी आरोप लगा सकते हैं।

गांधी परिवार पर निशाना

सेठ ने गांधी परिवार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने परिवार को सत्ता के बिना बेचैन बताते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता से दूर रहने पर उस तरह परेशान होती है, जैसे पानी के बिना मछली तड़पती है। उनके अनुसार, जनता ने पार्टी को बार-बार सत्ता से दूर रखा है।

कांग्रेस के भविष्य पर चिंता

सेठ ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर तंज करते हुए कहा कि पार्टी के नेता खुद तो डूबेंगे ही, साथ ही पूरी कांग्रेस को भी डुबो देंगे। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पार्टी की स्थिति इतनी कमज़ोर हो सकती है कि उसका नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचेगा। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कई राज्यों में चुनावी नुकसान झेल रही है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

एमएलसी चुनाव परिणामों के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। विपक्षी दलों के लिए यह नतीजे एक संकेत माने जा रहे हैं। सेठ ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को देश के खिलाफ बयानबाज़ी, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल और सेना की आलोचना से बचना चाहिए, अन्यथा राजनीतिक नुकसान जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बैलेट पेपर प्रक्रिया में कांग्रेस की हार क्या पार्टी की ज़मीनी कमज़ोरी उजागर करती है या महज़ स्थानीय समीकरणों का नतीजा है। ईवीएम विरोध करने वाली कांग्रेस का बैलेट में भी पिछड़ना विपक्ष की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष के मंत्री का इस तरह का आक्रामक बयान दर्शाता है कि भाजपा हर चुनावी जीत को कांग्रेस-विरोधी कथा में बदलने की रणनीति पर चल रही है। झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ जनजातीय और सामाजिक मुद्दे केंद्रीय हैं, इस तरह की बयानबाज़ी राजनीतिक एजेंडे से असली मुद्दों को ढकने का काम भी कर सकती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय सेठ ने एमएलसी चुनाव नतीजों पर कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि कांग्रेस नेता विदेश जाकर देश के खिलाफ बोलते हैं, संवैधानिक संस्थाओं और सेना की आलोचना करते हैं — इसीलिए जनता पार्टी को बार-बार चुनावों में किनारे कर रही है। उन्होंने कहा कि एमएलसी नतीजे इसी जनभावना का प्रतिबिंब हैं।
एमएलसी चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल क्यों हुआ और इस पर सेठ ने क्या कहा?
विधान परिषद चुनाव परंपरागत रूप से बैलेट पेपर के ज़रिये होते हैं। सेठ ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस को ईवीएम पर भरोसा नहीं था, लेकिन बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी उसे हार मिली — अब शायद कांग्रेस बैलेट बॉक्स में भी गड़बड़ी का आरोप लगाए।
सेठ ने गांधी परिवार पर क्या टिप्पणी की?
संजय सेठ ने गांधी परिवार को सत्ता के बिना बेचैन बताया और कहा कि कांग्रेस सत्ता से दूर रहने पर उस तरह परेशान होती है जैसे पानी के बिना मछली तड़पती है। उन्होंने इसे कांग्रेस की मुख्य राजनीतिक कमज़ोरी बताया।
संजय सेठ ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर क्या चेतावनी दी?
सेठ ने कहा कि पार्टी नेता खुद डूबेंगे और पूरी कांग्रेस को भी डुबो देंगे। उनके अनुसार, आने वाले समय में पार्टी की स्थिति इतनी कमज़ोर हो सकती है कि उसका नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचेगा।
एमएलसी चुनाव क्या होता है और यह किन मतदाताओं द्वारा होता है?
विधान परिषद (एमएलसी) राज्य विधानमंडल का उच्च सदन होता है, जहाँ चुनाव प्रत्यक्ष मतदान की बजाय निर्वाचक मंडलों — जैसे विधायक, स्थानीय निकाय सदस्य, शिक्षक और स्नातक — के ज़रिये होता है। यह चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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