बैलेट पेपर में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला: भाजपा नेता रामचंद्र राव का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रामचंद्र राव ने 29 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हाल ही में बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उसके आरोप बेबुनियाद साबित हो गए हैं। एनडीए खेमे ने इन नतीजों को विपक्ष के 'वोट चोरी' के दावों के खिलाफ एक निर्णायक जवाब बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
हैदराबाद से भाजपा नेता रामचंद्र राव ने कहा, 'हाल ही में हुए चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। कांग्रेस कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश — हर जगह हार गई है। ऐसे में कांग्रेस का यह दावा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, अब किस आधार पर टिकता है?'
राव ने आगे सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब बैलेट पेपर को भी हटाना चाहती है। उनका कहना था कि 'वोट चोरी' जैसी बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन नतीजों ने कांग्रेस के तर्कों की असलियत सबके सामने रख दी है।
बिहार मंत्री की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'विपक्ष आरोप लगाता था कि अगर बैलेट से चुनाव होगा तो विपक्ष जीत जाएगा। बिहार में तो ऐसा हुआ नहीं, कहीं भी ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला।' कुशवाहा ने कहा कि यह चुनाव परिणाम साबित करते हैं कि जनता जिसके साथ है, वही जीतेगा।
रामलीला मैदान रैली पर एनडीए की माँग
विपक्ष द्वारा विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि एमएलसी चुनावों के नतीजों के बाद विपक्ष को यह रैली स्थगित कर देनी चाहिए। उनके अनुसार विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं और उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
सरकार का विकास का दावा
कुशवाहा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है — राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर राज्य हाईवे तक विकास कार्य जारी हैं और रोज़गार के अवसर बनाए जा रहे हैं। उनका तर्क था कि इस सकारात्मक परिवेश में विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई प्रासंगिक मुद्दा नहीं है।
आगे क्या
गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन लंबे समय से ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। बैलेट पेपर से हुए इन एमएलसी चुनावों के नतीजे आने के बाद विपक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली होती है या स्थगित, यह देखना अब राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।