29 अक्टूबर 2026
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बैलेट पेपर में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला: भाजपा नेता रामचंद्र राव का तीखा पलटवार

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बैलेट पेपर में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला: भाजपा नेता रामचंद्र राव का तीखा पलटवार

सारांश

बैलेट पेपर से हुए चार राज्यों के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला — और अब भाजपा ने इसी को ढाल बनाकर विपक्ष के ईवीएम आरोपों पर सीधा हमला बोला है। रामचंद्र राव से लेकर भगवान सिंह कुशवाहा तक, एनडीए का एक ही सवाल: अब क्या जवाब है कांग्रेस के पास?

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश , बिहार , महाराष्ट्र और कर्नाटक में बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।
भाजपा नेता रामचंद्र राव ने कांग्रेस के ईवीएम छेड़छाड़ के दावों को 'पूरी तरह झूठा' और 'बेबुनियाद' बताया।
बिहार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा — 'जनता जिसके साथ है, वही जीतेगा।' विपक्ष की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली स्थगित करने की माँग एनडीए नेताओं ने की।
रैली का मकसद SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बताया गया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रामचंद्र राव ने 29 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हाल ही में बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उसके आरोप बेबुनियाद साबित हो गए हैं। एनडीए खेमे ने इन नतीजों को विपक्ष के 'वोट चोरी' के दावों के खिलाफ एक निर्णायक जवाब बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

हैदराबाद से भाजपा नेता रामचंद्र राव ने कहा, 'हाल ही में हुए चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। कांग्रेस कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश — हर जगह हार गई है। ऐसे में कांग्रेस का यह दावा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, अब किस आधार पर टिकता है?'

राव ने आगे सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब बैलेट पेपर को भी हटाना चाहती है। उनका कहना था कि 'वोट चोरी' जैसी बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन नतीजों ने कांग्रेस के तर्कों की असलियत सबके सामने रख दी है।

बिहार मंत्री की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली में बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'विपक्ष आरोप लगाता था कि अगर बैलेट से चुनाव होगा तो विपक्ष जीत जाएगा। बिहार में तो ऐसा हुआ नहीं, कहीं भी ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला।' कुशवाहा ने कहा कि यह चुनाव परिणाम साबित करते हैं कि जनता जिसके साथ है, वही जीतेगा।

रामलीला मैदान रैली पर एनडीए की माँग

विपक्ष द्वारा विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि एमएलसी चुनावों के नतीजों के बाद विपक्ष को यह रैली स्थगित कर देनी चाहिए। उनके अनुसार विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं और उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

सरकार का विकास का दावा

कुशवाहा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है — राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर राज्य हाईवे तक विकास कार्य जारी हैं और रोज़गार के अवसर बनाए जा रहे हैं। उनका तर्क था कि इस सकारात्मक परिवेश में विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई प्रासंगिक मुद्दा नहीं है।

आगे क्या

गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन लंबे समय से ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। बैलेट पेपर से हुए इन एमएलसी चुनावों के नतीजे आने के बाद विपक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली होती है या स्थगित, यह देखना अब राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एमएलसी चुनाव और आम चुनाव की तुलना करना भ्रामक भी हो सकता है — क्योंकि विधान परिषद चुनावों में मतदाता आधार विधायक और स्थानीय निकाय प्रतिनिधि होते हैं, आम जनता नहीं। असली सवाल यह नहीं कि कांग्रेस हारी या जीती, बल्कि यह है कि ईवीएम पर संस्थागत पारदर्शिता का मुद्दा कहाँ खड़ा है — जिसे इन नतीजों से सीधे खारिज नहीं किया जा सकता। विपक्ष का चुनाव प्रबंधन कमज़ोर हो सकता है, लेकिन वैधानिक जवाबदेही की माँग को हार से नहीं मापा जाना चाहिए।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमएलसी चुनाव क्या होते हैं और इनमें बैलेट पेपर का इस्तेमाल क्यों हुआ?
एमएलसी यानी विधान परिषद सदस्य चुनाव में मतदाता आम जनता नहीं, बल्कि विधायक और स्थानीय निकाय प्रतिनिधि होते हैं। इन चुनावों में परंपरागत रूप से बैलेट पेपर का उपयोग किया जाता है, ईवीएम का नहीं।
रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेता रामचंद्र राव ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी, जिससे उनके ईवीएम छेड़छाड़ के दावे बेबुनियाद साबित होते हैं। उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को 'पूरी तरह झूठा' बताया।
1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर है?
विपक्ष ने SIR (विशेष पहचान रजिस्टर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में रैली का आयोजन प्रस्तावित किया है। एनडीए नेताओं ने एमएलसी चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष से यह रैली स्थगित करने की माँग की है।
भगवान सिंह कुशवाहा ने क्या कहा?
बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी विपक्ष का दावा गलत साबित हुआ और कांग्रेस का खाता नहीं खुला। उन्होंने कहा — 'जनता जिसके साथ है, वही चुनाव जीतेगा।'
क्या इन नतीजों से ईवीएम विवाद पूरी तरह खत्म हो जाता है?
एनडीए नेताओं का तर्क है कि बैलेट पेपर चुनावों में कांग्रेस की हार ईवीएम आरोपों को निराधार सिद्ध करती है। हालांकि, एमएलसी और आम चुनावों का मतदाता आधार अलग होता है, इसलिए इन नतीजों की तुलना सीमित संदर्भ में की जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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