29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चुनाव आयोग पर कांग्रेस के हमले पर स्मृति ईरानी का पलटवार: 'हार की समीक्षा करो, संस्थाओं पर नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चुनाव आयोग पर कांग्रेस के हमले पर स्मृति ईरानी का पलटवार: 'हार की समीक्षा करो, संस्थाओं पर नहीं'

सारांश

BJP महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला — हार की ज़िम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को कटघरे में खड़ा करना लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक है। लाहौर सेशन और मतदाता सूची विवाद तक फैले इस बयान ने राजनीतिक बहस को नई धार दी।

मुख्य बातें

BJP महासचिव स्मृति ईरानी ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर चुनाव आयोग (ECI) को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश , पंजाब , केरल और कर्नाटक का हवाला देते हुए सवाल किया कि वहाँ भी चुनाव आयोग पर आरोप लगाए जाएंगे क्या।
मतदाता सूची में मृत और डुप्लीकेट नामों को लेकर कांग्रेस के रुख पर ईरानी ने सवाल उठाए।
ह्यूम और लाहौर सेशन का उल्लेख करते हुए ईरानी ने कांग्रेस के इतिहास को चुनौती दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर चुनावी पराजय का विश्लेषण करने के बजाय चुनाव आयोग (ECI) को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ईरानी ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश में जुटा है।

कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप

ईरानी ने 2019 के संदर्भ में कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि मोदी ने बार-बार स्पष्ट किया था कि व्यक्तिगत आलोचना स्वीकार्य है, परंतु यह हमला संवैधानिक संस्थाओं और भारत के लोकतंत्र पर नहीं होना चाहिए।

ईरानी के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने हाल ही में अपने कार्यकर्ताओं का महिमामंडन करते हुए चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में लाने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सुनियोजित प्रहार बताया।

हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक का सवाल

BJP नेता ने तीखा सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक — जहाँ BJP सत्ता में नहीं है — वहाँ की चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है। उन्होंने पूछा कि क्या उन राज्यों में भी कांग्रेस चुनाव आयोग पर उंगली उठाती है, या यह आरोप केवल हार की स्थिति में लगाए जाते हैं।

ईरानी ने एक नागरिक की हैसियत से कहा कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक संरचना का आधार-स्तंभ है और दुनिया के कई देशों ने इसकी सराहना की है।

मतदाता सूची और डुप्लीकेट एंट्री का विवाद

ईरानी ने यह भी कहा कि जब चुनाव आयोग ने स्वयं मतदाता सूचियों में मृत और डुप्लीकेट नामों की जाँच करने की घोषणा की है, तो कांग्रेस क्यों चाहती है कि ऐसी फ़र्ज़ी एंट्री बनी रहें। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस की इस माँग के पीछे का असल मक़सद क्या है।

गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। विभिन्न दलों ने अलग-अलग मौकों पर सूची की सत्यनिष्ठा को लेकर चुनाव आयोग से सवाल किए हैं।

लाहौर सेशन और कांग्रेस के इतिहास पर हमला

ईरानी ने कांग्रेस द्वारा अपने ऐतिहासिक लाहौर सेशन का उल्लेख किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो वह पन्ना भी पलटा जाए जिसमें ए.ओ. ह्यूम ने वायसराय को यह सुझाव दिया था कि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का गठन किया जाए। ईरानी ने इस ऐतिहासिक तर्क को जनता के सामने रखने की माँग की।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने में सक्रिय हैं। BJP और कांग्रेस के बीच संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर यह बहस आने वाले समय में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसे केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना — किसी भी दल की ओर से — लोकतंत्र को मज़बूत नहीं करता। संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का दावा तभी विश्वसनीय होता है जब वह सत्ता की परवाह किए बिना लागू हो।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP महासचिव स्मृति ईरानी ने 29 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि यह रवैया भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे को नुकसान पहुँचाता है।
मतदाता सूची और डुप्लीकेट एंट्री पर BJP का क्या रुख है?
ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं मतदाता सूचियों में मृत और डुप्लीकेट नामों की जाँच करने की घोषणा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस ऐसी फ़र्ज़ी एंट्री हटाने का विरोध क्यों कर रही है।
ईरानी ने हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक का उल्लेख क्यों किया?
ईरानी ने इन चार राज्यों का उल्लेख इसलिए किया क्योंकि इन सभी में BJP सत्ता में नहीं है। उनका तर्क था कि अगर चुनाव आयोग वास्तव में पक्षपाती होता, तो कांग्रेस इन राज्यों में भी उस पर सवाल उठाती।
ए.ओ. ह्यूम और लाहौर सेशन का विवाद क्या है?
ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर सेशन का उल्लेख किए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि ए.ओ. ह्यूम ने वायसराय को सुझाव दिया था कि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का गठन किया जाए। उन्होंने कांग्रेस को इस ऐतिहासिक संदर्भ का सामना करने की चुनौती दी।
क्या BJP ने हमेशा चुनाव आयोग का समर्थन किया है?
BJP वर्तमान में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का बचाव कर रही है और कांग्रेस की आलोचना को संस्था-विरोधी बता रही है। हालाँकि, राजनीतिक दलों का चुनाव आयोग के प्रति रुख अक्सर उनकी सत्ता में स्थिति के अनुसार बदलता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले