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स्कोरिंग गड़बड़ी से झारखंड महिला अंडर-19 टीम की हार, जेएससीए ने बीसीसीआई से की शिकायत

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स्कोरिंग गड़बड़ी से झारखंड महिला अंडर-19 टीम की हार, जेएससीए ने बीसीसीआई से की शिकायत

सारांश

नागपुर में एक रन की हार — और एक रन की चूक। झारखंड महिला अंडर-19 टीम का पहला नॉकआउट सफर एक विवादास्पद स्कोरिंग गलती की भेंट चढ़ गया। जेएससीए ने बीसीसीआई से जाँच माँगी है, और सवाल उठा है कि क्या घरेलू महिला क्रिकेट में स्कोरिंग ढाँचा अभी भी इस स्तर के लिए तैयार है।

मुख्य बातें

जेएससीए ने बीसीसीआई से शिकायत की कि स्कोरर्स की गलती से झारखंड महिला अंडर-19 टीम 1 रन से हारी।
मैच नागपुर में उत्तराखंड के खिलाफ महिला अंडर-19 टी20 चैंपियनशिप का प्री-क्वार्टर फाइनल था।
आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर बल्लेबाज लक्ष्मी कुमारी के आउट होने से पहले पूरा किया गया 1 रन स्कोरकार्ड में दर्ज नहीं हुआ।
हेड कोच जसकरण सिंह ने वीडियो साक्ष्य के आधार पर मैच रेफरी अनूपा नार्वेकर को तुरंत सूचित किया।
यह झारखंड महिला अंडर-19 टीम का पहला नॉकआउट चरण था; बीसीसीआई की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) ने बीसीसीआई से औपचारिक शिकायत की है कि नागपुर में खेले गए महिला अंडर-19 टी20 चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में स्कोरर्स की कथित गलती के कारण झारखंड की टीम उत्तराखंड से 1 रन से हार गई। एसोसिएशन का आरोप है कि आखिरी ओवर में एक वैध रन को रिकॉर्ड नहीं किया गया, जो अंततः मैच के नतीजे का निर्णायक कारण बना।

मुख्य घटनाक्रम

135 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड ने 19 ओवर पूरे होने के बाद 127/7 रन बनाए थे। आखिरी 6 गेंदों पर टीम को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। पहली 3 गेंदों पर 3 रन आए, और चौथी गेंद पर बल्लेबाज लक्ष्मी कुमारी डबल चुराने की कोशिश में रन आउट हो गईं।

रिपोर्टों के अनुसार, आउट होने से पहले लक्ष्मी कुमारी एक रन पूरा कर चुकी थीं, लेकिन स्कोरर्स ने उस रन को दर्ज नहीं किया — केवल 'रन आउट' दर्ज हुआ। इस चूक के चलते झारखंड को आखिरी 2 गेंदों पर 5 रन चाहिए थे, जबकि सही हिसाब से केवल 4 रन की दरकार होती।

अंतिम ओवर का विस्तृत विवरण

गेंदबाज कनिका नेगी ने अगली गेंद वाइड फेंकी, जिससे समीकरण 2 गेंदों पर 4 रन का हो गया। इसके बाद 10वें नंबर की बल्लेबाज ईशा भी 2 रन की कोशिश में रन आउट हुईं — इस बार उस सिंगल को रिकॉर्ड किया गया। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए 3 रन चाहिए थे।

अंतिम गेंद पर बल्लेबाज भगत ने स्ट्राइक संभाली, और इशिका दीपक 2 रन दौड़ने की कोशिश में रन आउट हो गईं। उस सिंगल को जोड़ा गया, लेकिन झारखंड 1 रन से मैच हार गया। जेएससीए का तर्क है कि यदि चौथी गेंद पर वह छूटा हुआ रन दर्ज होता, तो परिणाम टाई या झारखंड की जीत हो सकता था।

हेड कोच की प्रतिक्रिया

हेड कोच जसकरण सिंह ने मामले की जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार था जब झारखंड की टीम महिला अंडर-19 के नॉकआउट चरण में पहुँची थी, इसलिए इसका नतीजा बेहद निराशाजनक है। अगर यह कोई लीग मैच होता, तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। खिलाड़ियों के लिए, विशेष रूप से, इस तरह के टूर्नामेंट बहुत मायने रखते हैं।'

जसकरण ने आगे कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस मामले की जाँच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोका जा सके। शिकायत दर्ज करने से पहले हमने टीम के भीतर आखिरी ओवर का वीडियो भी चेक किया, और यह बिल्कुल साफ था कि स्कोरर्स से गलती हुई है। प्रेजेंटेशन के तुरंत बाद हमने मैच रेफरी अनूपा नार्वेकर को इसकी जानकारी दी।'

आम जनता और खिलाड़ियों पर असर

गौरतलब है कि यह झारखंड महिला अंडर-19 टीम की पहली नॉकआउट उपस्थिति थी — युवा खिलाड़ियों के करियर के लिहाज़ से यह एक महत्वपूर्ण मंच था। इस विवाद ने घरेलू महिला क्रिकेट में स्कोरिंग प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बीसीसीआई घरेलू महिला क्रिकेट को पेशेवर बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। स्कोरिंग की एक चूक यदि नॉकआउट नतीजे को पलट सकती है, तो यह ढाँचागत सुधार की माँग को और तीखा बनाती है।

क्या होगा आगे

जेएससीए ने बीसीसीआई से औपचारिक जाँच और उचित निर्णय की माँग की है। फिलहाल बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि शिकायत स्वीकार की जाती है, तो मैच के परिणाम की समीक्षा हो सकती है या कम-से-कम भविष्य में स्कोरिंग प्रक्रियाओं को और पुख्ता करने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब नॉकआउट मैच में स्कोरकार्ड की इतनी बड़ी चूक उस दावे पर सवाल उठाती है। युवा खिलाड़ियों के लिए ये टूर्नामेंट करियर-निर्माण के अवसर होते हैं — और एक प्रशासनिक भूल उस मेहनत को रातों-रात खारिज कर देती है। बीसीसीआई को न केवल इस मामले की जाँच करनी चाहिए, बल्कि सभी घरेलू महिला टूर्नामेंटों में स्वचालित और सत्यापन-योग्य स्कोरिंग प्रणाली लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएससीए ने बीसीसीआई से क्यों शिकायत की?
झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) का आरोप है कि नागपुर में उत्तराखंड के खिलाफ महिला अंडर-19 टी20 चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में स्कोरर्स ने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर 1 वैध रन दर्ज नहीं किया। यही 1 रन मैच का निर्णायक अंतर साबित हुआ और झारखंड 1 रन से हार गया।
आखिरी ओवर में वास्तव में क्या हुआ था?
135 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड को आखिरी ओवर में 8 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर लक्ष्मी कुमारी रन आउट हुईं, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार आउट होने से पहले वे 1 रन पूरा कर चुकी थीं जिसे स्कोरर्स ने नहीं जोड़ा। इस चूक से झारखंड को 1 अतिरिक्त रन की दरकार रही और अंततः टीम 1 रन से हार गई।
झारखंड के हेड कोच ने क्या कहा?
हेड कोच जसकरण सिंह ने कहा कि यह पहली बार था जब झारखंड की टीम महिला अंडर-19 के नॉकआउट चरण में पहुँची थी, इसलिए यह नतीजा बेहद निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज करने से पहले वीडियो फुटेज से गलती की पुष्टि की गई और मैच रेफरी अनूपा नार्वेकर को प्रेजेंटेशन के तुरंत बाद सूचित किया गया।
बीसीसीआई ने इस शिकायत पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अभी तक बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जेएससीए ने मामले की जाँच और उचित निर्णय की माँग की है; यदि शिकायत स्वीकार होती है तो मैच परिणाम की समीक्षा या भविष्य के लिए स्कोरिंग प्रक्रिया में बदलाव संभव है।
क्या इस तरह की स्कोरिंग गलती से मैच का नतीजा बदल सकता है?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि किसी रन को रिकॉर्ड न किया जाए और इसे स्पष्ट वीडियो साक्ष्य से साबित किया जाए, तो संबंधित क्रिकेट बोर्ड मामले की समीक्षा कर सकता है। हालाँकि ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में होता है और यह पूरी तरह साक्ष्यों की जाँच पर निर्भर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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