स्कोरिंग गड़बड़ी से झारखंड महिला अंडर-19 टीम की हार, जेएससीए ने बीसीसीआई से की शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) ने बीसीसीआई से औपचारिक शिकायत की है कि नागपुर में खेले गए महिला अंडर-19 टी20 चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में स्कोरर्स की कथित गलती के कारण झारखंड की टीम उत्तराखंड से 1 रन से हार गई। एसोसिएशन का आरोप है कि आखिरी ओवर में एक वैध रन को रिकॉर्ड नहीं किया गया, जो अंततः मैच के नतीजे का निर्णायक कारण बना।
मुख्य घटनाक्रम
135 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड ने 19 ओवर पूरे होने के बाद 127/7 रन बनाए थे। आखिरी 6 गेंदों पर टीम को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। पहली 3 गेंदों पर 3 रन आए, और चौथी गेंद पर बल्लेबाज लक्ष्मी कुमारी डबल चुराने की कोशिश में रन आउट हो गईं।
रिपोर्टों के अनुसार, आउट होने से पहले लक्ष्मी कुमारी एक रन पूरा कर चुकी थीं, लेकिन स्कोरर्स ने उस रन को दर्ज नहीं किया — केवल 'रन आउट' दर्ज हुआ। इस चूक के चलते झारखंड को आखिरी 2 गेंदों पर 5 रन चाहिए थे, जबकि सही हिसाब से केवल 4 रन की दरकार होती।
अंतिम ओवर का विस्तृत विवरण
गेंदबाज कनिका नेगी ने अगली गेंद वाइड फेंकी, जिससे समीकरण 2 गेंदों पर 4 रन का हो गया। इसके बाद 10वें नंबर की बल्लेबाज ईशा भी 2 रन की कोशिश में रन आउट हुईं — इस बार उस सिंगल को रिकॉर्ड किया गया। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए 3 रन चाहिए थे।
अंतिम गेंद पर बल्लेबाज भगत ने स्ट्राइक संभाली, और इशिका दीपक 2 रन दौड़ने की कोशिश में रन आउट हो गईं। उस सिंगल को जोड़ा गया, लेकिन झारखंड 1 रन से मैच हार गया। जेएससीए का तर्क है कि यदि चौथी गेंद पर वह छूटा हुआ रन दर्ज होता, तो परिणाम टाई या झारखंड की जीत हो सकता था।
हेड कोच की प्रतिक्रिया
हेड कोच जसकरण सिंह ने मामले की जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार था जब झारखंड की टीम महिला अंडर-19 के नॉकआउट चरण में पहुँची थी, इसलिए इसका नतीजा बेहद निराशाजनक है। अगर यह कोई लीग मैच होता, तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। खिलाड़ियों के लिए, विशेष रूप से, इस तरह के टूर्नामेंट बहुत मायने रखते हैं।'
जसकरण ने आगे कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस मामले की जाँच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोका जा सके। शिकायत दर्ज करने से पहले हमने टीम के भीतर आखिरी ओवर का वीडियो भी चेक किया, और यह बिल्कुल साफ था कि स्कोरर्स से गलती हुई है। प्रेजेंटेशन के तुरंत बाद हमने मैच रेफरी अनूपा नार्वेकर को इसकी जानकारी दी।'
आम जनता और खिलाड़ियों पर असर
गौरतलब है कि यह झारखंड महिला अंडर-19 टीम की पहली नॉकआउट उपस्थिति थी — युवा खिलाड़ियों के करियर के लिहाज़ से यह एक महत्वपूर्ण मंच था। इस विवाद ने घरेलू महिला क्रिकेट में स्कोरिंग प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बीसीसीआई घरेलू महिला क्रिकेट को पेशेवर बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। स्कोरिंग की एक चूक यदि नॉकआउट नतीजे को पलट सकती है, तो यह ढाँचागत सुधार की माँग को और तीखा बनाती है।
क्या होगा आगे
जेएससीए ने बीसीसीआई से औपचारिक जाँच और उचित निर्णय की माँग की है। फिलहाल बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि शिकायत स्वीकार की जाती है, तो मैच के परिणाम की समीक्षा हो सकती है या कम-से-कम भविष्य में स्कोरिंग प्रक्रियाओं को और पुख्ता करने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।