14 जुलाई 2026
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जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी रिजल्ट पर विवाद, रांची में अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय घेरा

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जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी रिजल्ट पर विवाद, रांची में अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय घेरा

सारांश

जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर विवाद गहरा गया है। रांची में आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय का घेराव किया। देर रात परिणाम जारी होने, हस्ताक्षर रहित दस्तावेज, चार बार बदली उत्तर कुंजी और वायरल ओएमआर शीट ने पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर 14 जुलाई को रांची में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ।
आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने बापू वाटिका से जेपीएससी मुख्यालय तक मार्च निकाला।
अभ्यर्थियों ने परिणाम दस्तावेज पर अधिकृत हस्ताक्षर न होने , कट-ऑफ अंक न बताने और उत्तर कुंजी चार बार बदले जाने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर वायरल कथित ओएमआर शीट में एक अभ्यर्थी के एक पेपर में 45 में से 45 और दूसरे में 97 सही उत्तर दर्ज होने का दावा किया गया है।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उच्चस्तरीय जांच का आग्रह किया; मांगें न मानने पर लालपुर चौक से रातू रोड तक सड़क जाम की चेतावनी।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर मंगलवार, 14 जुलाई को रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बापू वाटिका से जेपीएससी मुख्यालय तक मार्च निकाला और परिणाम रद्द करने तथा पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की।

मुख्य आरोप और अभ्यर्थियों की आपत्तियाँ

प्रदर्शनकारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने देर रात परिणाम जारी किया, जिससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके अलावा, परिणाम से संबंधित दस्तावेज पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं और अब तक कट-ऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की कि परिणाम जारी होने की रात आयोग परिसर की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ओएमआर शीट का हवाला भी दिया, जिसमें कथित तौर पर एक अभ्यर्थी के एक प्रश्नपत्र में 45 में से 45 तथा दूसरे में 97 सही उत्तर दर्ज होने का उल्लेख बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस ओएमआर शीट की सत्यता की स्वतंत्र जांच की माँग की है।

उत्तर कुंजी विवाद और प्रक्रियागत सवाल

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा की उत्तर कुंजी चार बार जारी की गई, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया। उनका कहना है कि परिणाम घोषित करते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बहस तेज़ हो रही है।

बाहरी अभ्यर्थियों को लाभ का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी हुई। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पुलिस तैनाती और आंदोलन की चेतावनी

किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जेपीएससी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत लालपुर चौक से रातू रोड तक सड़क जाम करने की भी चेतावनी दी गई है।

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी प्रमुख माँगों में परीक्षा परिणाम और पूरी चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच, कट-ऑफ अंक और अन्य ज़रूरी जानकारियाँ सार्वजनिक करना, तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है। यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो यह विवाद और गहरा होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हस्ताक्षर रहित दस्तावेज और चार बार बदली उत्तर कुंजी — ये अलग-अलग चूकें नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही के अभाव के संकेत हैं। वायरल ओएमआर शीट के दावों की सत्यता अभी अनिश्चित है, लेकिन आयोग की चुप्पी ने संदेह को और गहरा किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए यह केवल एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भरोसे की परीक्षा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी रिजल्ट विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने 14 जुलाई को रांची में आयोग कार्यालय का घेराव किया। आरोप है कि परिणाम देर रात बिना अधिकृत हस्ताक्षर के जारी किया गया और कट-ऑफ अंक अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम रद्द करने, पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच, कट-ऑफ अंक और अन्य ज़रूरी जानकारियाँ सार्वजनिक करने तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही परिणाम जारी होने की रात की सीसीटीवी फुटेज जांचने की भी माँग है।
वायरल ओएमआर शीट का मामला क्या है?
सोशल मीडिया पर एक कथित ओएमआर शीट वायरल हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि एक अभ्यर्थी ने एक प्रश्नपत्र में 45 में से 45 और दूसरे में 97 सही उत्तर दिए। प्रदर्शनकारियों ने इस शीट की सत्यता की स्वतंत्र जांच की माँग की है, हालाँकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उत्तर कुंजी चार बार जारी होने का क्या मतलब है?
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा की उत्तर कुंजी चार बार जारी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। बार-बार उत्तर कुंजी बदलने से अंतिम परिणाम की निष्पक्षता प्रभावित होती है और अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ता है।
आगे क्या हो सकता है?
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानने पर लालपुर चौक से रातू रोड तक सड़क जाम किया जाएगा और आंदोलन और व्यापक होगा। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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