जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी रिजल्ट पर विवाद, रांची में अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय घेरा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर मंगलवार, 14 जुलाई को रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बापू वाटिका से जेपीएससी मुख्यालय तक मार्च निकाला और परिणाम रद्द करने तथा पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की।
मुख्य आरोप और अभ्यर्थियों की आपत्तियाँ
प्रदर्शनकारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने देर रात परिणाम जारी किया, जिससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके अलावा, परिणाम से संबंधित दस्तावेज पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं और अब तक कट-ऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की कि परिणाम जारी होने की रात आयोग परिसर की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ओएमआर शीट का हवाला भी दिया, जिसमें कथित तौर पर एक अभ्यर्थी के एक प्रश्नपत्र में 45 में से 45 तथा दूसरे में 97 सही उत्तर दर्ज होने का उल्लेख बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस ओएमआर शीट की सत्यता की स्वतंत्र जांच की माँग की है।
उत्तर कुंजी विवाद और प्रक्रियागत सवाल
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा की उत्तर कुंजी चार बार जारी की गई, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया। उनका कहना है कि परिणाम घोषित करते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बहस तेज़ हो रही है।
बाहरी अभ्यर्थियों को लाभ का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी हुई। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
पुलिस तैनाती और आंदोलन की चेतावनी
किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जेपीएससी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत लालपुर चौक से रातू रोड तक सड़क जाम करने की भी चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी प्रमुख माँगों में परीक्षा परिणाम और पूरी चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच, कट-ऑफ अंक और अन्य ज़रूरी जानकारियाँ सार्वजनिक करना, तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है। यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो यह विवाद और गहरा होने की आशंका है।