10 अगस्त 2026
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रांची: JPSC-JSSC अनियमितता पर छात्रों का विधानसभा घेराव, पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल

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रांची: JPSC-JSSC अनियमितता पर छात्रों का विधानसभा घेराव, पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल

सारांश

JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले के खिलाफ रांची में छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा — हजारों प्रदर्शनकारी विधानसभा से 200 मीटर तक पहुँचे, पथराव और लाठीचार्ज में कई घायल। तीन दौर की वार्ता विफल होने के बाद यह टकराव झारखंड की भर्ती प्रणाली पर बढ़ते जनाक्रोश का सबसे तीखा इज़हार है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को रांची में JPSC-JSSC अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा घेराव का प्रयास किया।
पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्र व पुलिसकर्मी घायल; एक छात्र के सिर से खून बहा, एक पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
प्रदर्शनकारी वाटर कैनन के बावजूद पीछे नहीं हटे; खेतों व कच्चे रास्तों से विधानसभा के 200 मीटर तक पहुँचे।
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो की मध्यस्थता के बाद छात्र सड़क पर बैठकर धरने पर।
माँगें: 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, भर्ती सुधार और सीबीआई जाँच ।
सरकार-छात्र वार्ता के तीन दौर बेनतीजा रहे, जिसके बाद घेराव का निर्णय लिया गया।

झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखा टकराव हुआ। पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक छात्र के सिर से खून बहने की सूचना है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ छात्रों का मार्च दोपहर 2 बजे तक विधानसभा परिसर से महज 200 मीटर की दूरी पर पहुँच गया। जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह अचानक उग्र हो गया और पुलिस की ओर पत्थर तथा जूते-चप्पल फेंके। धक्का-मुक्की के बाद स्थिति बिगड़ी और पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

इससे पहले प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन पानी की तेज बौछार के बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए विधानसभा के निकट पहुँच गए।

घायल और राहत

भिड़ंत में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक घायल पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगी और उसके सिर से खून बहने लगा। अफरा-तफरी के बीच प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी।

छात्रों की माँगें

आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला किया।

जयराम महतो की मध्यस्थता

जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मौके पर पहुँचकर छात्रों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से 200 मीटर पहले डटे हुए हैं और नारेबाजी जारी है।

आगे की स्थिति

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोकना है। यह आंदोलन झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग को लेकर बढ़ते असंतोष की कड़ी में नवीनतम और सबसे बड़ा विस्फोट है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि JPSC-JSSC विवाद महीनों से सुलग रहा था। लाठीचार्ज और वाटर कैनन से आंदोलन को दबाने की कोशिश अल्पकालिक हो सकती है — बिना ठोस सुधार और पारदर्शी जाँच के यह असंतोष और गहरा होगा। CBI जाँच की माँग इस बात का संकेत है कि छात्रों को राज्य की स्वयं जाँच करने की क्षमता पर भरोसा नहीं है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र किस बात के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँगें हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच।
10 अगस्त को रांची में क्या हुआ?
सोमवार सुबह 10 बजे से हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव मार्च शुरू किया। जगन्नाथपुर मंदिर के पास छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, पथराव और लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए। दोपहर 2 बजे तक छात्र विधानसभा से 200 मीटर पहले पहुँचकर धरने पर बैठ गए।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का क्या हुआ?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद ही छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला किया। अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है।
जयराम महतो की इसमें क्या भूमिका रही?
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मौके पर पहुँचकर उग्र छात्रों से बातचीत की और उन्हें शांत करने की कोशिश की। उनके समझाने के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण धरने पर चले गए।
इस आंदोलन का आगे क्या होगा?
फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से 200 मीटर पहले धरने पर बैठे हैं और नारेबाजी जारी है। पुलिस और प्रशासन छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश में है। जब तक सरकार CBI जाँच और परीक्षा रद्द करने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं देती, आंदोलन जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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