रांची: JPSC-JSSC अनियमितता पर छात्रों का विधानसभा घेराव, पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखा टकराव हुआ। पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक छात्र के सिर से खून बहने की सूचना है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ छात्रों का मार्च दोपहर 2 बजे तक विधानसभा परिसर से महज 200 मीटर की दूरी पर पहुँच गया। जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह अचानक उग्र हो गया और पुलिस की ओर पत्थर तथा जूते-चप्पल फेंके। धक्का-मुक्की के बाद स्थिति बिगड़ी और पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
इससे पहले प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन पानी की तेज बौछार के बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए विधानसभा के निकट पहुँच गए।
घायल और राहत
भिड़ंत में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक घायल पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगी और उसके सिर से खून बहने लगा। अफरा-तफरी के बीच प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी।
छात्रों की माँगें
आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला किया।
जयराम महतो की मध्यस्थता
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मौके पर पहुँचकर छात्रों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से 200 मीटर पहले डटे हुए हैं और नारेबाजी जारी है।
आगे की स्थिति
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोकना है। यह आंदोलन झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग को लेकर बढ़ते असंतोष की कड़ी में नवीनतम और सबसे बड़ा विस्फोट है।