हन्नान मोल्लाह का रिजिजू पर पलटवार: नसीरुद्दीन शाह को 'दिमागी नक्सल' कहने पर बोले — 'मेंटल क्रिमिनल' हैं मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर कड़ा हमला बोला और उन्हें 'मेंटल क्रिमिनल' (मानसिक अपराधी) करार दिया। यह प्रतिक्रिया रिजिजू द्वारा वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'खतरनाक शहरी दिमागी नक्सल' बताने वाली एक्स पोस्ट के बाद सामने आई। नई दिल्ली में भड़का यह राजनीतिक विवाद सत्ता की आलोचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक बहस को नया आयाम दे रहा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार, 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा: 'मैं समझता था कि नसीरुद्दीन शाह सिर्फ एक साधारण अभिनेता हैं। मैं उनका सम्मान करता था और उन्हें पसंद भी करता था। मुझे नहीं पता था कि वह एक खतरनाक शहरी दिमागी नक्सल हैं। मुझे उनके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला। वह भारत के लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक हैं।'
रिजिजू की इस पोस्ट को लेकर विपक्षी दलों में तीव्र प्रतिक्रिया हुई और नसीरुद्दीन शाह द्वारा जेनजी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किए जाने का मुद्दा केंद्र में आ गया।
मोल्लाह का पलटवार
हन्नान मोल्लाह ने रिजिजू की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम, लोकतंत्र, संविधान और मौलिक अधिकारों की समझ नहीं है। मोल्लाह ने कहा, 'किरेन रिजिजू अपनी ही सोच में रहते हैं। उन्हें भारत की आज़ादी, लोकतंत्र और संविधान की कोई समझ नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा कि नसीरुद्दीन शाह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अभिनेता हैं और यदि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में आवाज़ उठाई तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए थी, न कि उन पर व्यक्तिगत हमले किए जाने चाहिए थे।
सरकार पर लेबलिंग का आरोप
मोल्लाह ने यह भी कहा कि जो लोग सरकार से सवाल पूछते हैं या गलत कामों के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें 'ब्रेनवॉश्ड नक्सल' कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया: 'आज देश में लोगों को दो हिस्सों में बाँट दिया गया है। नसीरुद्दीन शाह को ब्रेनवॉश्ड नक्सल कहा जा रहा है, जबकि किरेन रिजिजू को मैं दिमागी पागल कहता हूँ।'
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग सत्तारूढ़ दल से सवाल पूछते हैं, उन्हें अपमानजनक नामों से पुकारा जाता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी इस प्रकरण में BJP की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'जो भी व्यक्ति ऐसी बात कहता है जो BJP को पसंद नहीं, उसे अलग-अलग नाम दे दिए जाते हैं — कभी टुकड़े-टुकड़े गैंग, कभी अर्बन नक्सल और अब दिमागी नक्सल। यह उनका काम करने का तरीका है।'
गौरतलब है कि 'अर्बन नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे शब्द पहले भी कई बार विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर इस्तेमाल होते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह 'लेबलिंग की राजनीति' असहमति को दबाने का एक औज़ार बन गई है।
क्या होगा आगे
यह विवाद ऐसे समय में भड़का है जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक असहमति को लेकर देशभर में बहस तेज़ है। विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। किरेन रिजिजू की ओर से अभी तक मोल्लाह के जवाब पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।