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एमएलसी चुनाव: 12 में से 1 सीट जीती कांग्रेस, रामदास आठवले बोले — जनाधार घट रहा है

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एमएलसी चुनाव: 12 में से 1 सीट जीती कांग्रेस, रामदास आठवले बोले — जनाधार घट रहा है

सारांश

बैलेट पेपर पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस 12 सीटों में से सिर्फ 1 जीत सकी — जिस पर केंद्रीय मंत्री आठवले ने कहा कि ईवीएम का बहाना अब नहीं चलेगा। महायुति ने महाराष्ट्र में 5 में से 3 सीटें जीतीं। अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों और नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भी आठवले ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि कांग्रेस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 1 सीट जीती।
चार राज्यों में 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमज़ोर रहा।
महाराष्ट्र में महायुति ने 5 में से 3 सीटें जीतीं; कर्नाटक में सरकार होने के बावजूद कांग्रेस खाली हाथ रही।
आठवले ने कहा — बैलेट पेपर से चुनाव हुआ फिर भी कांग्रेस 1 सीट पर सिमटी, ईवीएम का तर्क अब टिकता नहीं।
अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए आठवले ने संयम बरतने की सलाह दी।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' बयान को आठवले ने 'बिल्कुल ठीक नहीं' करार दिया।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 29 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एमएलसी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार सिकुड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने देशभर में 12 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे केवल एक सीट मिली। वहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों को भी खारिज किया।

मुख्य घटनाक्रम

आठवले ने कहा कि चार राज्यों में 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमज़ोर रही। उनके अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद वहाँ भी पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी। महाराष्ट्र में पाँच सीटों में से तीन महायुति के खाते में गईं और दो विपक्ष को मिलीं।

कांग्रेस पर आठवले का सीधा वार

आठवले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि वे बार-बार ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का आरोप लगाते थे, लेकिन इस बार बैलेट पेपर से चुनाव हुआ — फिर भी कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि पार्टी का जनाधार घट रहा है और राहुल गांधी के आंदोलन से लोग नाराज हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों में कई राज्य चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी है, और यह एमएलसी नतीजा उस प्रवृत्ति की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

एनसीपी के आंतरिक मतभेद पर बयान

आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में आंतरिक मतभेद की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व में सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने जीशान सिद्दीकी की मुंबई अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का भी बचाव किया और कहा कि वे क्षेत्र के विधायक भी रहे हैं और उनके पिता ने भी पार्टी में योगदान दिया है। यदि कोई मतभेद है भी, तो वह आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा।

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर आठवले ने कहा कि वे एक प्रतिभाशाली कलाकार हैं और समाज के प्रति उनकी समझ भी है, लेकिन खुद को 'नक्सली दिमाग' वाला कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने देश को भारी नुकसान पहुँचाया है — जब हिंसा बढ़ती है तो विकास रुकता है और आम जनता को नुकसान होता है।

आठवले ने यह भी कहा कि देश में नक्सलवाद 99.99 फीसदी समाप्त हो चुका है और नक्सली भी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ऐसे में किसी सार्वजनिक हस्ती का ऐसा बयान देना उचित नहीं है।

अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों पर जवाब

उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनावों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों पर आठवले ने कहा कि चुनाव में अधिकारी, पुलिस और सभी पार्टियों के कार्यकर्ता मौजूद होते हैं। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी साबित करना और धोखाधड़ी का आरोप लगाना — दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं। उनका मानना है कि जो सीटें मिली हैं, उनका सम्मान किया जाना चाहिए और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैचारिक भी, क्योंकि अब ईवीएम का तर्क खुद ही कमज़ोर पड़ जाता है। आठवले का बयान भले ही सत्ता-पक्ष की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो, लेकिन यह एक असुविधाजनक सवाल सामने रखता है — क्या कांग्रेस की संगठनात्मक कमज़ोरी अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रही? महाराष्ट्र में महायुति की जीत और कर्नाटक में सत्तारूढ़ होने के बावजूद कांग्रेस की हार यह भी दर्शाती है कि स्थानीय निकायों और विधान परिषदों में पार्टी की पकड़ ढीली हो रही है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह परिणाम विपक्षी एकता और रणनीति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमएलसी चुनाव 2026 में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
कांग्रेस ने देशभर में 12 सीटों पर चुनाव लड़ा और केवल 1 सीट जीत सकी। चार राज्यों में हुए 28 सीटों के एमएलसी चुनाव में यह उसका बेहद कमज़ोर प्रदर्शन रहा।
महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में महायुति ने कितनी सीटें जीतीं?
महाराष्ट्र में पाँच एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में महायुति ने तीन सीटें जीतीं और दो सीटें विपक्ष के खाते में गईं।
रामदास आठवले ने कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव होने के बाद भी कांग्रेस केवल 1 सीट जीत सकी, जिससे साफ है कि पार्टी का जनाधार घट रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के आंदोलन से लोगों की नाराज़गी को भी इसकी वजह बताया।
अखिलेश यादव के धांधली के आरोपों पर आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने कहा कि चुनाव में अधिकारी, पुलिस और सभी पार्टियों के कार्यकर्ता मौजूद होते हैं, इसलिए धोखाधड़ी के बेबुनियाद आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव को जीती हुई सीटों का सम्मान करने और संयम बरतने की सलाह दी।
नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' बयान पर आठवले की क्या प्रतिक्रिया थी?
आठवले ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह एक प्रतिभाशाली अभिनेता हैं और उन्हें सरकार को सुझाव देने का अधिकार है, लेकिन खुद को 'नक्सली दिमाग' वाला बताना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने देश को भारी नुकसान पहुँचाया है और ऐसे बयान उचित नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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