29 अक्टूबर 2026
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गौतमबुद्धनगर पुलिस में बड़ी कार्रवाई: जनशिकायत अनदेखी पर 5 उपनिरीक्षक निलंबित, दर्जनों अधिकारी जांच के घेरे में

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गौतमबुद्धनगर पुलिस में बड़ी कार्रवाई: जनशिकायत अनदेखी पर 5 उपनिरीक्षक निलंबित, दर्जनों अधिकारी जांच के घेरे में

सारांश

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट ने जनशिकायतों की अनदेखी पर पाँच उपनिरीक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया और दर्जनों अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का साफ संदेश है — लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं।

मुख्य बातें

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के आदेश पर 29 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में पाँच उपनिरीक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित।
निलंबित अधिकारियों में अजित सिंह , अक्षय प्रताप , बिरजलाल , कपिल पांडे और अनिल कुमार शामिल; सभी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू।
एसीपी-2 नोएडा , एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी प्रारंभिक जांच के दायरे में।
चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और झपटमारी की रोकथाम में चूक पर अनेक चौकी व हल्का प्रभारियों को कड़ी चेतावनी।
कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया — जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नरेट ने 29 अक्टूबर 2026 को जनशिकायतों की लगातार अनदेखी और निस्तारण में लापरवाही के आरोप में पाँच उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सभी निलंबित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

कौन हैं निलंबित उपनिरीक्षक

निलंबित किए गए पाँच उपनिरीक्षकों में थाना सेक्टर-24 की मोरना चौकी के प्रभारी अजित सिंह और सेक्टर-12/22 चौकी के प्रभारी अक्षय प्रताप शामिल हैं। इनके अलावा थाना जेवर की आरआर साइट चौकी के प्रभारी बिरजलाल, थाना सूरजपुर की कस्बा सूरजपुर चौकी के प्रभारी कपिल पांडे और कचहरी सूरजपुर चौकी के प्रभारी अनिल कुमार को भी निलंबित किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों के विरुद्ध जनशिकायतों की संख्या में लगातार वृद्धि, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से न सुनना, उचित समाधान न करना और निस्तारण में अनावश्यक विलंब जैसे आरोप सामने आए थे। असंतुष्ट फीडबैक की बढ़ती तादाद को भी कार्रवाई का एक प्रमुख आधार बनाया गया है।

व्यापक जांच के दायरे में अन्य अधिकारी

निलंबन से परे, कमिश्नरेट ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध भी प्रारंभिक जांच संस्थित की है। इनमें एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। थाना सेक्टर-113, थाना बीटा-2 और थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षकों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

चौकी स्तर पर ओखला, सेक्टर-98, सरस्वती इंक्लेव, कचहरी फेस-2, कलौंदा, सिरसा और शाहबेरी/चिपियाना चौकियों के प्रभारियों के खिलाफ भी जांच के आदेश जारी किए गए हैं। थाना दनकौर के हल्का-1 और थाना इकोटेक-1 के हल्का-3 के प्रभारी भी जांच के घेरे में हैं।

अपराध रोकथाम में चूक पर भी चेतावनी

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और झपटमारी जैसे अपराधों की रोकथाम में अपेक्षित कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी है। इस श्रेणी में थाना सेक्टर-39 की सदरपुर चौकी, थाना सेक्टर-58 की एनआईबी चौकी, थाना फेस-1 की झुंडपुरा/गोलचक्कर चौकी और थाना फेस-3 की ममूरा/गढ़ी चौखंडी चौकी के प्रभारी शामिल हैं।

थाना सेक्टर-63 की एच ब्लॉक/बहलोलपुर चौकी, थाना बिसरख की गौर सिटी-1/2, निराला और चेरी काउंटी क्षेत्र की चौकी, थाना बीटा-2 की एच्छर/अल्फा चौकी, थाना दादरी की कस्बा दादरी/रेलवे रोड/अजायबपुर चौकियों के प्रभारी और थाना नॉलेज पार्क के हल्का-2 एवं हल्का-3 के प्रभारी भी जांच के दायरे में हैं।

कमिश्नरेट का स्पष्ट संदेश

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायतों और नागरिकों से जुड़े प्रत्येक मामले का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में शहरीकरण की तेज़ रफ़्तार के साथ नागरिक शिकायतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में जांच के दायरे में आए सभी अधिकारियों के विरुद्ध जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस विभाग के अनुसार, शिकायत निस्तारण तंत्र को और मज़बूत बनाने की दिशा में यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या मामला चेतावनी और बहाली पर समाप्त हो जाता है। अतीत में ऐसी कार्रवाइयाँ अक्सर पूर्ण जवाबदेही तक नहीं पहुँचीं। यदि इस बार परिणाम पारदर्शी और सार्वजनिक किए गए, तो यह उत्तर प्रदेश पुलिस सुधार की दिशा में एक वास्तविक मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में किन उपनिरीक्षकों को निलंबित किया गया है?
29 अक्टूबर 2026 को मोरना चौकी के प्रभारी अजित सिंह, सेक्टर-12/22 चौकी के प्रभारी अक्षय प्रताप, आरआर साइट चौकी के प्रभारी बिरजलाल, कस्बा सूरजपुर चौकी के प्रभारी कपिल पांडे और कचहरी सूरजपुर चौकी के प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित किया गया। सभी के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
इन उपनिरीक्षकों को निलंबित क्यों किया गया?
पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों के विरुद्ध जनशिकायतों की संख्या में वृद्धि, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से न सुनना, उचित समाधान न करना और निस्तारण में अनावश्यक देरी के आरोप सामने आए थे। असंतुष्ट फीडबैक की बढ़ती तादाद को भी निलंबन का आधार बनाया गया।
क्या केवल उपनिरीक्षक ही जांच के दायरे में हैं?
नहीं, एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है। थाना सेक्टर-113, थाना बीटा-2 और थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षकों पर भी जांच के आदेश हैं।
गौतमबुद्धनगर पुलिस में जनशिकायत निस्तारण को लेकर क्या नीति है?
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायतों और नागरिकों से जुड़े प्रत्येक मामले का निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अपराध रोकथाम में लापरवाही पर कौन से अधिकारी चेतावनी के दायरे में हैं?
चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और झपटमारी जैसे अपराधों की रोकथाम में चूक के लिए थाना सेक्टर-39, सेक्टर-58, फेस-1, फेस-3, सेक्टर-63, बिसरख, बीटा-2, दादरी और नॉलेज पार्क क्षेत्र के अनेक चौकी व हल्का प्रभारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है और प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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