आईजीआरएस शिकायत निस्तारण में गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट यूपी में नंबर-1, सभी 27 थानों ने भी जीती प्रथम रैंक
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने जून 2026 की मूल्यांकन रिपोर्ट में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर जनशिकायतों के निस्तारण के मामले में उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस रिपोर्ट में कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले सभी 27 थानों ने भी अपने-अपने स्तर पर प्रदेश में प्रथम रैंक दर्ज की — जो किसी एक कमिश्नरेट के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में यह सफलता मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क और फीडबैक संग्रह की श्रेणी में भी गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा। इस श्रेणी में कमिश्नरेट का प्रदर्शन शत-प्रतिशत दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायत निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर कार्रवाई की जानकारी दी गई और मौके पर जाकर जाँच सुनिश्चित की गई। इसी पारदर्शी प्रक्रिया के चलते शिकायतकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
निगरानी तंत्र कैसे काम करता है
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह प्रत्येक माह के प्रत्येक शुक्रवार को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा स्वयं करती हैं। इस दौरान लंबित मामलों, निस्तारण की गुणवत्ता और समय-सीमा का गहन मूल्यांकन होता है तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
यह सतत मॉनिटरिंग और जवाबदेही की व्यवस्था ही कमिश्नरेट के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की बुनियाद बताई जा रही है। गौरतलब है कि आईजीआरएस पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित एक ऑनलाइन जनशिकायत निस्तारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकते हैं।
आम जनता पर असर
बेहतर निस्तारण से न केवल आमजन को त्वरित राहत मिलती है, बल्कि प्रशासन और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में जहाँ जनसंख्या घनत्व और शिकायतों की संख्या दोनों अधिक हैं, वहाँ इस तरह की पारदर्शी व्यवस्था विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।
आगे की राह
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। प्रत्येक नागरिक को प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता के साथ कमिश्नरेट आगे भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा।