24 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर जा रहे नेताओं को नहीं रोक पाई नोएडा पुलिस, गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

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जंतर-मंतर जा रहे नेताओं को नहीं रोक पाई नोएडा पुलिस, गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

सारांश

जंतर-मंतर जा रहे नेताओं को न रोक पाना नोएडा पुलिस को महंगा पड़ा — गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी तत्काल निलंबित। एसओजी का एक कर्मी भी जद में, विभागीय जांच जारी।

मुख्य बातें

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने 24 जुलाई को तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
निलंबित कर्मियों में गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी , फेस-3 थाना का एक कर्मी और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शामिल।
कार्रवाई का कारण — नोएडा से जंतर-मंतर जा रहे नेताओं को समय रहते न रोक पाना।
नोएडा-दिल्ली सीमा पर विशेष चेकिंग व्यवस्था लागू होने के बावजूद सुरक्षा में चूक हुई।
पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच जारी, अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई संभव।

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने 24 जुलाई को बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब नोएडा से दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर जा रहे नेताओं को फेस-3 थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी समय रहते रोकने में विफल रहे।

मुख्य घटनाक्रम

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए नोएडा-दिल्ली सीमा और विभिन्न मार्गों पर विशेष निगरानी एवं चेकिंग व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बावजूद कुछ नेता नोएडा से निकलकर दिल्ली की ओर चले गए और फेस-3 थाना पुलिस उन्हें रोकने में नाकाम रही। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने अपेक्षित सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया।

किन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई

निलंबित किए गए तीन पुलिसकर्मियों में गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी, फेस-3 थाना स्तर पर तैनात एक कर्मी और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शामिल बताया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना आवश्यक है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धरना-प्रदर्शनों और संवेदनशील आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

आगे की जांच

पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत विभागीय जांच जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता और व्यवस्था पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी और उससे सटे क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। गौरतलब है कि जंतर-मंतर दिल्ली का प्रमुख प्रदर्शन स्थल है और वहाँ जाने वाले मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता होती है। इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विशेष चेकिंग व्यवस्था लागू होने के बावजूद नेता सीमा पार क्यों कर सके। यह घटना बताती है कि संवेदनशील राजनीतिक आयोजनों के दौरान जमीनी स्तर पर निर्देशों के पालन और निगरानी तंत्र में अभी भी गंभीर खामियाँ हैं। मातहतों को दंडित करना पर्याप्त नहीं — यह भी जांचा जाना चाहिए कि क्या वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय में कोई विफलता थी। बिना प्रणालीगत सुधार के, ऐसी कार्रवाइयाँ महज़ दिखावे तक सीमित रह सकती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में तीन पुलिसकर्मी क्यों निलंबित किए गए?
जंतर-मंतर की ओर जा रहे नेताओं को नोएडा-दिल्ली सीमा पर न रोक पाने के कारण गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने 24 जुलाई को तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान अपेक्षित सतर्कता न बरतने की बात सामने आई।
कौन-से पुलिसकर्मी निलंबित हुए हैं?
निलंबित किए गए तीन पुलिसकर्मियों में गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी, फेस-3 थाना स्तर का एक कर्मी और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शामिल बताया गया है।
नोएडा-दिल्ली सीमा पर क्या व्यवस्था थी?
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए नोएडा-दिल्ली सीमा और विभिन्न मार्गों पर पुलिस की विशेष निगरानी एवं चेकिंग व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बावजूद कुछ नेता फेस-3 थाना क्षेत्र से निकलकर दिल्ली पहुँचने में सफल रहे।
क्या इस मामले में आगे और कार्रवाई होगी?
पुलिस विभाग ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत विभागीय जांच जारी रखी है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना का कानून-व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी की चूक से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस कारण भविष्य में सभी पुलिसकर्मियों को धरना-प्रदर्शनों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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