संतकबीरनगर: थाना बखिरा के थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, महिला अपराधों में लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 15 सितंबर 2026 को कर्तव्य में घोर लापरवाही और पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता के आरोप में थाना बखिरा के थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्यवाही न करने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के आरोपों पर आधारित है।
कौन-कौन हुए निलंबित
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक उमाशंकर तिवारी (थानाध्यक्ष, बखिरा), उपनिरीक्षक सुरेश यादव (थाना बखिरा) और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद (थाना बखिरा) शामिल हैं। तीनों को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली, 1991 के नियम-17 (1) (क) के तहत निलंबित किया गया है।
थानाध्यक्ष पर लगे आरोप
उपनिरीक्षक उमाशंकर तिवारी पर महिला संबंधी अपराधों में तत्परता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कानूनी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा उन पर एचएस सत्यापन, 60 और 90 दिवसीय विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में शिथिलता और यक्ष ऐप पर आपराधिक सत्यापन में रुचि न लेने के आरोप भी हैं।
गौरतलब है कि तिवारी पर मिशन शक्ति के तहत आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन, साइबर अपराध रोकथाम जागरूकता कार्यक्रमों और उच्चाधिकारियों द्वारा चलाए गए अभियानों में सक्रिय भागीदारी न करने का भी आरोप है।
अन्य दो पुलिसकर्मियों पर आरोप
उपनिरीक्षक सुरेश यादव और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद पर जनसुनवाई में रुचि न लेने, जनता के साथ अमर्यादित व्यवहार करने और अपने क्षेत्र में घटित छोटी-बड़ी घटनाओं की सूचना समय पर उच्चाधिकारियों को न देने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही बीट प्रणाली और निरोधात्मक कार्रवाई में उदासीनता भी उनके विरुद्ध दर्ज की गई है।
निलंबन अवधि की शर्तें
निलंबन आदेश के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मी पुलिस लाइन, संतकबीरनगर से संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार ही परिलब्धियाँ मिलेंगी।
एसपी की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में अपराधियों की निगरानी और बीट व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखे। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है।