गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में 6 एडीसीपी/एसीपी अधिकारियों का तबादला, नई जिम्मेदारियां तय
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 जुलाई 2026 को छह एडीसीपी/एसीपी स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण और पुनर्नियुक्ति के आदेश जारी किए, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी इन आदेशों के तहत अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव किए गए हैं।
किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
राजेंद्र कुमार गौतम (पीपीएस), जो वर्तमान में प्रभारी पुलिस उपायुक्त लाइन्स, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध तथा आंकिक एवं मॉनिटरिंग सेल का कार्यभार संभाल रहे हैं, उन्हें अग्रिम आदेशों तक सहायक पुलिस आयुक्त (आंकिक) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस प्रकार अब उनके पास अपराध, मॉनिटरिंग और आंकिक शाखा — तीनों की एकीकृत जिम्मेदारी होगी।
राजीव कुमार सिसौदिया (पीपीएस), जो अब तक पुलिस आयुक्त के स्टाफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण सहायक पुलिस आयुक्त चतुर्थ, ग्रेटर नोएडा के रूप में किया गया है। यह नियुक्ति ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव
डॉ. रवि शंकर (पीपीएस), जो नोएडा एवं सेंट्रल नोएडा के यातायात एसीपी पद पर तैनात थे, उन्हें अब सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय, ग्रेटर नोएडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके स्थान पर पवन कुमार (पीपीएस) को नियुक्त किया गया है, जो इससे पहले ग्रेटर नोएडा यातायात के साथ-साथ मुख्यालय एवं आंकिक शाखा का दायित्व निभा रहे थे। नई तैनाती में पवन कुमार अब नोएडा और सेंट्रल नोएडा के यातायात की कमान संभालेंगे।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
मयंक तिवारी (पीपीएस) को सहायक पुलिस आयुक्त द्वितीय, नोएडा के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, शकील मोहम्मद (पीपीएस), जो फिलहाल पुलिस लाइंस में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें अपने मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ सहायक पुलिस आयुक्त यातायात, ग्रेटर नोएडा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
फेरबदल का उद्देश्य और व्यापक संदर्भ
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशासनिक पुनर्गठन विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और अधिकारियों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग करने की रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर — जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आते हैं — राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक तेज़ी से विस्तार होता शहरी केंद्र है, जहाँ यातायात दबाव और अपराध नियंत्रण दोनों ही प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौतियां रही हैं।
यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब कमिश्नरेट प्रशासन विभिन्न इकाइयों में कार्यभार के असंतुलन को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। नए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माने जा रहे हैं।