तमिलनाडु कैबिनेट के 4 बड़े फैसले: सामाजिक न्याय सर्वेक्षण आयोग गठन, 8 उद्योगों को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर 2026 को चेन्नई सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य के कानून और ऊर्जा संसाधन मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि इनमें आठ उद्योगों को परिचालन की अनुमति देना और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय सर्वेक्षण के लिए आयोग का गठन शामिल हैं।
मुख्य निर्णय और उनका दायरा
कैबिनेट ने सामाजिक न्याय सर्वेक्षण की रूपरेखा तैयार करने का काम सरकार को सौंपा है। इसके साथ ही, धर्म परिवर्तन करने वाले मुसलमानों के आरक्षण के मुद्दे पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की भी योजना बनाई गई है। निर्मल कुमार के अनुसार, ये फैसले राज्य में सामाजिक समता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं।
थलाम्बुर भूमि विवाद: 30 वर्ष पुरानी समस्या
थलाम्बुर की करीब 600 एकड़ सरकारी ('पोराम्बोके') भूमि से जुड़े विवाद पर मंत्री ने कहा कि यह मामला लगभग 30 वर्षों से अनसुलझा पड़ा है और इससे करीब 3,000 परिवार प्रभावित हैं। इस इलाके में 15 से अधिक शैक्षणिक संस्थान भी स्थित हैं। कैबिनेट ने संभावित समाधानों पर विचार-विमर्श किया। निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में 'कासाग्रैंड' द्वारा संपत्तियों की धोखाधड़ी से बिक्री सहित कई अनियमितताएँ हुईं।
पूर्व मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
निर्मल कुमार ने पूर्व मंत्री अनबिल महेश पर आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर 200 से अधिक बिचौलियों के माध्यम से 3,000 से अधिक स्कूलों को धमकाकर ₹400 करोड़ की वसूली की। उन्होंने इसकी तुलना पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े कथित नौकरी घोटाले से की। साथ ही, डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) की जाँच के बाद पूर्व मंत्री के. एन. नेहरू पर एक नौकरी रैकेट के जरिए करीब 2,300 लोगों से ₹800 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के दौरान महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के कई मामलों को दबाया गया, जो बाद में केवल अदालती कार्यवाही के जरिये सामने आए। उन्होंने दावा किया कि जी. वीरमणि से जुड़े मामले को दो महीने तक समझौते की बातचीत से दबाने की कोशिश हुई और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी इसकी जानकारी थी — हालाँकि ये आरोप अभी सिद्ध नहीं हैं।
जेल सुधार और प्रशासनिक निर्देश
जेल सुधारों के अंतर्गत राज्य की सभी 11 केंद्रीय जेलों में आधुनिक तकनीकें लागू की जाएंगी, ताकि सुरक्षा खामियों और प्रक्रियागत कमियों को दूर किया जा सके। उप-जेलों में भी व्यापक सुधार की योजना है। बिजली विभाग में फील्ड असिस्टेंट के करीब 8,000 पद रिक्त बताए गए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को पूर्वोत्तर मानसून की तैयारियों को प्राथमिकता देने और जनशिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए हैं।
अन्य मुद्दे: प्रोफेसर की हिरासत और लापता बच्चा
प्रोफेसर कलैयारासन को हिरासत में लिए जाने के मामले में मंत्री ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और यह घटना स्थानीय पुलिस की गलती के कारण हुई। जिंजी में लापता बच्चे की तलाश के बारे में उन्होंने बताया कि खोज अभियान तेज कर दिया गया है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि टीवीके सरकार की कार्रवाई शिकायतों पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से।