वडोदरा वनडे: वैष्णवी के 5 विकेट, प्रतिका-शेफाली की तूफानी पारी से भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से किया क्लीन स्वीप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 28 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8 विकेट से रौंदकर सीरीज़ पर 3-0 का क्लीन स्वीप दर्ज किया। 132 रनों के मामूली लक्ष्य को भारतीय टीम ने महज 17 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
बल्लेबाज़ी: प्रतिका और शेफाली की साझेदारी ने किया काम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत संतोषजनक नहीं रही। यास्तिका भाटिया पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद हरलीन देओल और प्रतिका रावल ने दूसरे विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी की, लेकिन हरलीन 19 रन बनाकर आउट हो गईं।
इसके बाद मैदान पर उतरीं शेफाली वर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से मैच का पासा पलट दिया। प्रतिका और शेफाली ने तीसरे विकेट के लिए महज 50 गेंदों में 74 रनों की अटूट साझेदारी निभाते हुए भारत को जीत दिलाई।
प्रतिका रावल 56 गेंदों में 59 रन बनाकर नाबाद रहीं — उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए। वहीं, शेफाली वर्मा ने केवल 26 गेंदों में 51 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। जिम्बाब्वे की तरफ से नोमवेलो सिबांडा और लोरिन फिरी ने एक-एक विकेट लिया।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाज़ी: शुरू से ही लड़खड़ाई
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 39.5 ओवर में 131 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम की शुरुआत बेहद खराब रही — लोरिन फिरी खाता खोले बिना लौटीं, चिपो मुगेरी-तिरिपानो महज 4 रन बनाकर आउट हुईं, और बिलव्ड बीजा को वैष्णवी शर्मा ने हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच कराकर सिर्फ 1 रन पर पवेलियन भेज दिया।
25 रन तक जिम्बाब्वे के तीन विकेट गिर चुके थे। जोसेफिन नकोमो और चिएड्जा धुरुरू ने चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों में 27 रन जोड़कर पारी को थामने की कोशिश की, लेकिन धुरुरू 20 रन बनाकर वैष्णवी की गेंद पर आउट हो गईं। कप्तान नकोमो ने 67 गेंदों में 35 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली, जिसमें 4 चौके शामिल थे, लेकिन उनके आउट होते ही जिम्बाब्वे की पूरी टीम 131 रन पर सिमट गई।
वैष्णवी शर्मा का कमाल: 5 विकेट से तबाही
गेंदबाज़ी में 20 वर्षीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने 10 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाज़ों के लिए अबूझ पहेली बन गईं। यह प्रदर्शन इस युवा गेंदबाज़ के उभरते करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
क्रांति गौड़ ने 7 ओवर में 23 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि सायली सतघरे ने 6 ओवर में केवल 11 रन देकर 2 विकेट झटके — जो इस मैच की सबसे किफायती गेंदबाज़ी रही।
सीरीज़ में भारत का दबदबा
यह जीत किसी एकाकी प्रदर्शन का नतीजा नहीं है — भारतीय महिला टीम ने इस दौरे में टी20 सीरीज़ भी 3-0 से जीती थी। इस प्रकार उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ सभी 6 मैचों में जीत दर्ज की — एक सर्वांगीण प्रभुत्व जो टीम के गहराते तालमेल और युवा खिलाड़ियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
गौरतलब है कि वैष्णवी शर्मा जैसी युवा प्रतिभाओं का उभार और प्रतिका-शेफाली जैसी बल्लेबाज़ जोड़ियों का निर्माण भारतीय महिला क्रिकेट के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंटों की दृष्टि से शुभ संकेत है। अगले चरण में टीम का ध्यान अब बड़े मंचों पर इसी प्रदर्शन को दोहराने पर रहेगा।