प्रतिका रावल का नाबाद शतक, शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 64 रन — भारत ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने 23 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के कोताम्बी बीसीए स्टेडियम में तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे में जिम्बाब्वे पर 9 विकेट की ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी को 'मास्टरक्लास' करार दिया। 199 रनों के लक्ष्य को भारत ने महज 27.1 ओवर में हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। विश्व चैंपियन भारत की यह जीत रावल और शेफाली की विस्फोटक साझेदारी से संभव हुई, जिसने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया।
रावल और शेफाली की मास्टरक्लास पारी
प्रतिका रावल ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए और पारी में 15 चौके जड़े। शेफाली वर्मा ने महज 34 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। मंधाना के 34 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट होने के बाद इस जोड़ी ने टीम की बागडोर थामी और जीत को आसान बना दिया। मैच के बाद मंधाना ने कहा, 'हाँ, हम अपनी फील्डिंग में थोड़ा सुधार कर सकते हैं, कुछ कैच भी छूटे, लेकिन इसके अलावा, जिस तरह से शेफाली और प्रतिका ने लक्ष्य का पीछा किया, वह एक मास्टरक्लास था।'
गेंदबाजी में श्री चरणी और क्रांति की धमाकेदार वापसी
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की पूरी टीम को 49.5 ओवर में 197 रन पर समेट दिया। स्पिनर श्री चरणी ने केवल 23 रन देकर 4 विकेट झटके और सबसे प्रभावी गेंदबाज रहीं। क्रांति गौड़ ने 3 विकेट, उप-कप्तान दीप्ति शर्मा ने 2 विकेट और शेफाली वर्मा ने 1 विकेट लिया। मंधाना ने गेंदबाजी यूनिट की तारीफ करते हुए कहा, 'एक अलग मैदान पर आकर मुझे लगता है कि गेंदबाजों ने बहुत अच्छे से खुद को ढाला — खासकर श्री चरणी, जो हमारे लिए सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहीं। इसके अलावा तेज गेंदबाजों ने भी बहुत अनुशासित होकर गेंदबाजी की, जिसमें क्रांति का जिक्र करना चाहूंगी।'
टी20 से वनडे में वापसी की चुनौती
गौरतलब है कि भारतीय टीम पिछले सात महीनों से मुख्य रूप से टी20 क्रिकेट खेलती रही है। मंधाना ने माना कि 20 से 35 ओवर के बीच मैदान पर और अधिक तीव्रता दिखाई जा सकती थी। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसी सीख है जिसे हम इस मैच से साथ ले जा रहे हैं और इस पर काम करेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत विश्व चैंपियन के रूप में 50 ओवर फॉर्मेट में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में है।
सपोर्ट स्टाफ और कम्युनिकेशन की भूमिका
मंधाना ने गेंदबाजी कोच आविष्कार साल्वी की खास तारीफ की। उन्होंने कहा, 'बेहतरीन कम्युनिकेशन और सपोर्ट स्टाफ, खासकर आविष्कार सर का योगदान बहुत अहम है। वह हमेशा गेंदबाजों के साथ रहते हैं, उनके साथ तालमेल बिठाते हैं और फिर योजनाओं के साथ मेरे पास आते हैं — जिससे मेरा काम काफी आसान हो जाता है।' टी20 और वनडे टीमों के बीच आने-जाने वाले खिलाड़ियों को भूमिकाएं स्पष्ट रखने के लिए दो दिन का समय दिया गया था।
दूसरे वनडे से पहले टीम की तैयारी
मंधाना ने बताया कि दूसरे मैच से पहले टीम को आराम के साथ-साथ नए खिलाड़ियों से तालमेल बढ़ाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि एक रिलैक्स्ड और सुकून भरा दिन अच्छा रहेगा — हम एक-दूसरे के साथ समय बिताएंगे और नए खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से जानने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी टीम में कई नए खिलाड़ी आए हैं जो काफी ऊर्जा से भरे हैं।' सीरीज का दूसरा मैच अब भारत के सामने अगली अहम कसौटी है।