प्रतिका रावल का नाबाद शतक: '96 गेंदों में 100 रन, जब बल्ला बोलता है तो बल्लेबाजी आसान हो जाती है'
सारांश
मुख्य बातें
प्रतिका रावल ने 24 अक्टूबर 2026 को जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेलते हुए भारत को 9 विकेट की बड़ी जीत दिलाई। रावल ने अपनी इस पारी का श्रेय नेट्स में की गई मेहनत, स्पष्ट मानसिक दृष्टिकोण और क्रीज पर आत्मविश्वास को दिया।
मुख्य पारी और साझेदारियाँ
रावल ने स्मृति मंधाना के साथ ओपनिंग साझेदारी करते हुए पारी की नींव रखी। इसके बाद उन्होंने शेफाली वर्मा के साथ 106 रनों की अटूट साझेदारी निभाते हुए भारतीय टीम को लक्ष्य तक पहुँचाया। उनका स्ट्राइक रेट पूरे मैच में आक्रामक रहा और उन्होंने बिना किसी अनावश्यक दबाव के खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।
बल्लेबाजी की लय पर रावल के विचार
बीसीसीआई के एक वीडियो में प्रतिका रावल ने कहा, 'एक बल्लेबाज के तौर पर जब आप अपने बल्ले को जमीन पर थपथपाते हैं, तो आपको आत्मविश्वास महसूस होता है। हर दिन अलग होता है, लेकिन जब आपको पता हो कि आप गेंद को बल्ले के बीचों-बीच अच्छे से हिट कर रहे हैं, गेंद खाली जगहों में जा रही है, और आप अपनी मर्जी के मुताबिक शॉट्स खेल पा रहे हैं, तो बल्लेबाजी काफी आसान हो जाती है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका दिमाग उलझा हुआ नहीं होता। आपके मन में बहुत सारे विचार नहीं चल रहे होते, जिससे बल्लेबाजी करना बहुत आसान हो जाता है। मुझे बहुत खुशी है कि सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ।'
पहले शतक की सालगिरह का संयोग
गौरतलब है कि इस शतक ने रावल को ठीक एक साल पहले बनाए गए अपने पहले वनडे शतक की याद दिला दी। रावल के अनुसार, पारी शुरू होने से पहले कोच अमोल मजूमदार ने उन्हें इस संयोग से अवगत कराया। इसके बाद स्मृति मंधाना ने उन्हें उस पल को फिर से जीने के लिए प्रेरित किया।
रावल ने बताया, 'सच कहूं तो मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इसी दिन पिछले साल मैंने अपना पहला वनडे शतक लगाया था। हम बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले बैठे थे और टीवी पर भारत बनाम न्यूजीलैंड का मैच चल रहा था। मैंने अमोल सर से पूछा—यह उसी समय की बात है—तो उन्होंने बताया कि आज ही के दिन तुमने शतक लगाया था। इस पर स्मृति दी ने कहा, चलो, आज फिर से वैसा ही करते हैं।'
पिच और तैयारी का योगदान
रावल ने अपनी सफलता के पीछे पिच की अनुकूल परिस्थितियों और हाल की प्रैक्टिस को भी महत्त्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार सपाट ट्रैक पर गेंद में ज़्यादा हरकत नहीं थी और जिम्बाब्वे की फील्ड सेटिंग ने भी उन्हें मदद की। उन्होंने कहा, 'किस्मत से विकेट हमारे पक्ष में था। यह एक सपाट ट्रैक था, गेंद ज्यादा हरकत नहीं कर रही थी, और उन्होंने जिस तरह की फील्ड सेटिंग की थी, उससे भी हमें काफी मदद मिली।'
भारतीय ओपनर ने आगे कहा, 'जब आप नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी करते हैं और प्रैक्टिस सेशन में अच्छी तैयारी करते हैं, तो आपके अंदर एक अलग तरह का आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता आ जाती है। मैं ज्यादा से ज्यादा बाउंड्री लगाना चाहती थी। मैंने हाल ही में इसी चीज पर काम किया है, इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ।'
आगे क्या
इस श्रृंखला में अभी और वनडे मुकाबले बाकी हैं और प्रतिका रावल की यह पारी उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। भारतीय महिला टीम अपनी शीर्ष बल्लेबाजी क्रम की इस लय को बनाए रखने की कोशिश करेगी।