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बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा: ₹45 लाख की दवाएं जब्त, मंत्री खादर ने एक्सपायरी डेट जांचने की अपील की

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बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा: ₹45 लाख की दवाएं जब्त, मंत्री खादर ने एक्सपायरी डेट जांचने की अपील की

सारांश

कर्नाटक के खाद्य और औषधि सुरक्षा विभाग ने बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा मारा और ₹45 लाख की दवाएं जब्त कीं। एक सप्ताह में राज्यभर में ₹3 करोड़ के एक्सपायर्ड उत्पाद बरामद हुए। मंत्री खादर ने आपराधिक कार्रवाई और केंद्र के हस्तक्षेप की माँग की।

मुख्य बातें

8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर कर्नाटक के खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग ने छापा मारा।
होसकोटे और लिंगराजपुरम के गोदामों से कथित तौर पर ₹45 लाख मूल्य की दवाइयां जब्त की गईं; कुछ पर पुनः लेबलिंग की आशंका।
पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में ₹3 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और दवाइयां बरामद।
स्वास्थ्य मंत्री यू.टी.
खादर ने उपभोक्ताओं से क्यूआर कोड और बारकोड से उत्पादों की वैधता जांचने की अपील की।
सरकार दोषियों के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत सख्त प्रावधान लाने पर विचार कर रही है; केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा।
'पेप्टाइड पार्टी' की सोशल मीडिया सूचना के आधार पर जांच शुरू हुई; आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द किया, जांच जारी।

कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा विभाग और औषधि सुरक्षा विभाग ने 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के एक गोदाम पर छापा मारा। यह कार्रवाई एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों और दवाइयों के भंडारण तथा पुनः लेबलिंग के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान का हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे कोई भी खाद्य पदार्थ, दवा या उत्पाद खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट अनिवार्य रूप से जांचें।

मुख्य घटनाक्रम

होसकोटे स्थित एक डार्क स्टोर में अधिकारियों को कथित तौर पर ₹45 लाख मूल्य की दवाइयां मिलीं। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि इनमें से कुछ उत्पादों पर दोबारा लेबल लगाकर बिक्री की तैयारी की जा रही थी। लिंगराजपुरम स्थित एक अन्य गोदाम में भी करीब ₹45 लाख मूल्य के एक्सपायर्ड उत्पाद बरामद किए गए।

मंत्री खादर ने बताया कि मंगलवार को तीन संयुक्त टीमों ने अनेकल समेत कई स्थानों पर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अब तक कुल मिलाकर लगभग ₹1 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड उत्पादों का पता चल चुका है, जबकि पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में ₹3 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और दवाइयां जब्त की जा चुकी हैं।

'पेप्टाइड पार्टी' और जांच की पृष्ठभूमि

मंत्री खादर ने बताया कि इस पूरी छापेमारी की शुरुआत कथित तौर पर एक 'पेप्टाइड पार्टी' की सूचना से हुई, जो उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत विभागीय आयुक्त को मामले की जांच के निर्देश दिए।

विभाग के अधिकारियों ने ग्राहक बनकर उस कार्यक्रम में ऑनलाइन पंजीकरण कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई — आयोजक केवल चुनिंदा लोगों को ही शामिल होने दे रहे थे। बार-बार प्रयास विफल होने पर विभाग ने आयोजकों को नोटिस जारी किया। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी मिलते ही आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द कर दिया, लेकिन जांच जारी रही।

पूछताछ में आयोजकों ने दावा किया कि कार्यक्रम का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल और न्यूट्रास्यूटिकल क्षेत्र के नए उत्पादों से लोगों को परिचित कराना था और कुछ उत्पाद अमेजन के डार्क स्टोर के जरिए उपलब्ध कराए गए थे। इसी सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित गोदामों पर छापेमारी की।

उपभोक्ताओं के लिए सरकार की अपील

मंत्री खादर ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि कोई भी खाद्य पदार्थ, दवा या अन्य उत्पाद खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें। यदि आपको कोई छोटी-सी भी गड़बड़ी या संदेह नजर आए तो तुरंत इसकी सूचना दें, क्योंकि इससे किसी बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।'

उन्होंने बताया कि विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड और बारकोड प्रणाली शुरू की है, जिससे लोग उत्पादों की वैधता और जानकारी घर बैठे जांच सकते हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इस व्यवस्था के बारे में आम जनता को जागरूक करें।

सख्त कानूनी प्रावधानों पर विचार

खादर ने स्पष्ट किया कि केवल चेतावनी, जुर्माना और नियामकीय कार्रवाई से कुछ लोग बाज नहीं आ रहे। उन्होंने कहा, 'जो लोग स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जनता को धोखा देते हैं और उनकी जान जोखिम में डालते हैं, उनके खिलाफ आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।'

मंत्री ने बताया कि सरकार विधि विभाग से इस विषय पर चर्चा कर रही है और केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि वे चौबीसों घंटे, बिना किसी पक्षपात के, निरीक्षण और छापेमारी कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

जब्त दवाइयों और खाद्य पदार्थों की विस्तृत प्रयोगशाला जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से एक्सपायर्ड व गलत लेबल वाले उत्पादों की आपूर्ति रोकने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब त्वरित वाणिज्य (क्विक कॉमर्स) प्लेटफार्मों पर खाद्य गुणवत्ता और भंडारण मानकों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये उत्पाद आपूर्ति श्रृंखला में इतने गहरे कैसे पहुंचे — और क्या नियामक निगरानी ऑफलाइन बाज़ार की तरह डिजिटल डार्क स्टोर पर भी उतनी ही सक्रिय है। मंत्री खादर का आपराधिक कानून की माँग करना सही दिशा है, लेकिन जब तक खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अभियोजन दर नहीं बढ़ती, छापेमारी महज़ प्रतीकात्मक बनी रहेगी।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा क्यों मारा गया?
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि सुरक्षा विभाग ने एक्सपायर्ड उत्पादों की भंडारण और पुनः लेबलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत यह छापा मारा। 'पेप्टाइड पार्टी' की सोशल मीडिया सूचना से शुरू हुई जांच में आयोजकों से पूछताछ के बाद गोदामों तक पहुंचा गया।
छापेमारी में कितनी दवाएं और उत्पाद जब्त हुए?
होसकोटे और लिंगराजपुरम के गोदामों से कथित तौर पर ₹45 लाख मूल्य की दवाइयां जब्त की गईं। मंत्री खादर के अनुसार, अब तक कुल ₹1 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड उत्पाद बरामद हो चुके हैं, जबकि पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में ₹3 करोड़ के उत्पाद जब्त किए गए।
मंत्री यू.टी. खादर ने उपभोक्ताओं को क्या सलाह दी?
मंत्री खादर ने सभी उपभोक्ताओं से कोई भी खाद्य पदार्थ, दवा या उत्पाद खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जांचने की अपील की। उन्होंने क्यूआर कोड और बारकोड प्रणाली के जरिए उत्पादों की वैधता जांचने और किसी भी संदेह पर तुरंत सूचना देने का आग्रह किया।
क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
मंत्री खादर ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत सख्त प्रावधान लाने पर विचार कर रही है। विधि विभाग से चर्चा जारी है और केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा; जब्त उत्पादों की प्रयोगशाला जांच अभी चल रही है।
'पेप्टाइड पार्टी' क्या थी और इसका छापेमारी से क्या संबंध है?
'पेप्टाइड पार्टी' एक ऐसा कार्यक्रम था जिसमें कथित तौर पर फार्मास्यूटिकल और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों का प्रचार किया जाना था। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी मिलने के बाद मंत्री के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने जांच की, जिसके बाद आयोजकों ने बताया कि कुछ उत्पाद डार्क स्टोर के जरिए आते थे — इसी सूचना से गोदामों तक पहुंचा गया।
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