कांग्रेस का आरोप: 1 नवंबर की दिल्ली रैली रोकने को केंद्र ने ट्रेनें बंद कीं, हैदराबाद में विरोध
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 1 नवंबर को प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' मार्च और रामलीला मैदान की मेगा रैली में लोगों की भागीदारी रोकने के लिए भारतीय रेलवे का उपयोग कर रही है। वेणुगोपाल के अनुसार, बार-बार अनुरोध के बाद भी तेलंगाना से कांग्रेस सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था नहीं की गई।
वेणुगोपाल का एक्स पोस्ट और आरोप
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा कि केंद्र सरकार इस कदर घबरा गई है कि उसने 'दिल्ली चलो' मार्च के लिए देशभर से आ रहे लोगों को रोकना शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी विपक्ष के 'वोट चोरी' आंदोलन के खिलाफ जन आक्रोश को दबाने के लिए रसद संबंधी बाधाएँ खड़ी कर रहे हैं।
वेणुगोपाल ने माँग की कि 1 नवंबर के कार्यक्रम से पहले बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाए। उनका यह बयान केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे पर प्रत्यक्ष आरोप के रूप में सामने आया है — हालाँकि रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हैदराबाद में दक्षिण मध्य रेलवे मुख्यालय पर प्रदर्शन
आरोपों के बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद स्थित दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी का कहना है कि उसने तेलंगाना से विशेष ट्रेनों के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन रेलवे ने पहले देरी की और फिर अंततः इनकार कर दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के घटक दल विभिन्न राज्यों से समर्थकों को राष्ट्रीय राजधानी पहुँचने के लिए संगठित कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी रैली से पहले ट्रेन उपलब्धता को लेकर विवाद उठा हो।
रैली का उद्देश्य और इंडिया ब्लॉक का एजेंडा
इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली का ऐलान किया है। यह आयोजन कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कामकाज के विरोध में अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि हाल के चुनावों में 'वोट चोरी' हुई और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में विफलता दिखाई है।
विपक्षी गठबंधन विभिन्न राज्यों — विशेष रूप से तेलंगाना, महाराष्ट्र, बंगाल और उत्तर प्रदेश — से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने की कोशिश कर रहा है।
केंद्र और रेलवे की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के इन आरोपों पर केंद्र सरकार या भारतीय रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रेलवे का पक्ष सामने आने के बाद ही इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि संभव होगी। वेणुगोपाल के आरोप कांग्रेस के इस व्यापक आख्यान का हिस्सा हैं कि सत्तारूढ़ दल लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहा है।
आगे क्या होगा
1 नवंबर की रैली अब केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं रह गई — यह सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती तकरार का प्रतीक बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रेलवे ट्रेनों की व्यवस्था करता है या नहीं, और रामलीला मैदान में भीड़ का स्तर इंडिया ब्लॉक की राजनीतिक ताकत का पैमाना बनेगा।