गुवाहाटी हवाई अड्डा बना अगरवुड चिप्स-तेल का निर्यात केंद्र, असम के 50,000 किसानों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और अगरवुड तेल के आधिकारिक निर्यात केंद्र के रूप में मंजूरी दे दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 31 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह निर्णय असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर लिया गया है। इस कदम से असम के 50,000 से अधिक किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री गोयल की घोषणा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'असम के लिए बड़ी खबर! मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर, मोदी सरकार ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और अगरवुड तेल के निर्यात केंद्र के रूप में मंजूरी दे दी है।' गोयल ने यह भी रेखांकित किया कि यह असम और समूचे पूर्वोत्तर के लिए लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है, जिससे संभावित अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और करीब आएँगे।
असम में अगरवुड उद्योग का महत्व
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, देश के कुल अगरवुड संसाधनों में से लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा अकेले असम में है, जिससे यह राज्य इस उद्योग का राष्ट्रीय केंद्र बनता है। एक्विलारिया प्रजाति के पेड़ों से प्राप्त यह सुगंधित लकड़ी इत्र, अगरबत्ती, एसेंशियल ऑयल और पारंपरिक सुगंधित उत्पादों के निर्माण में व्यापक रूप से उपयोग होती है। वैश्विक अगरवुड बाज़ार में खाड़ी देशों, दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप की माँग लगातार बढ़ रही है।
दुबई निर्यात: पहली सफलता की कहानी
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब असम ने अक्टूबर 2026 में दुबई को 123 किलोग्राम अगरवुड के टुकड़े निर्यात किए — जो राज्य के पारंपरिक अगरवुड उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रवेश का एक उल्लेखनीय प्रारंभिक संकेत था। मुख्यमंत्री सरमा ने उस अवसर पर कहा था, 'असम की सुगंधित विरासत को दुनिया तक ले जा रहे हैं!' राज्य सरकार ने इसे पूर्वोत्तर की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया था।
पूर्वोत्तर के लिए व्यापक असर
गोयल ने असम और पूर्वोत्तर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह कदम न केवल राज्य, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए लॉजिस्टिक्स में एक 'बहुत बड़ा कदम' है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के किसान और निर्यातक लंबे समय से देश के अन्य हवाई अड्डों के ज़रिए माल भेजने की जटिल प्रक्रिया से गुज़रते रहे हैं। गुवाहाटी हवाई अड्डे को निर्यात केंद्र बनाने से परिवहन लागत और समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंजूरी के बाद अगरवुड से जुड़े छोटे और मझोले किसान अब सीधे खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाज़ारों तक अपने उत्पाद भेज सकेंगे। यह कदम असम की कृषि-निर्यात नीति को एक ठोस दिशा देता है और भविष्य में अन्य पारंपरिक उत्पादों के लिए भी ऐसे केंद्रों की संभावना खोलता है।