क्या असम के सीएम ने गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की सराहना की?
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि वर्तमान सरकार ने न केवल गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक नया टर्मिनल स्थापित किया है, बल्कि शहर और हवाई अड्डे के बीच यात्रा समय को भी काफी हद तक घटाया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पहले खानापारा से हवाई अड्डे तक पहुँचने में कम से कम दो घंटे लगते थे, लेकिन अब छह लेन के हाईवे के निर्माण के कारण यह दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकती है। उन्होंने बताया कि यह एक लंबे समय से लंबित समस्या थी, जिसे राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाकर सुलझाया।
सीएम सरमा ने कहा कि कुछ समय पहले तक हवाई अड्डे तक पहुंचना बहुत मुश्किल और समय लेने वाला था, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने केंद्र और राज्य में भाजपा की “डबल इंजन सरकार” की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में असम में बड़े पैमाने पर विकास हुआ है।
यह अत्याधुनिक टर्मिनल भारत का पहला प्रकृति-थीम आधारित एयरपोर्ट टर्मिनल है, जिसे असम की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
नए टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता 1.3 करोड़ से अधिक है, जिससे गुवाहाटी पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में उभरेगा। इस एकीकृत टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर आवाजाही, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम शामिल हैं।
टर्मिनल की वास्तुकला प्रकृति से प्रेरित है, जिसमें असम की नदियों, जंगलों और जैव विविधता को दर्शाने वाले डिज़ाइन तत्व शामिल किए गए हैं, जिससे यात्रियों को आगमन और प्रस्थान के दौरान राज्य की विशिष्ट पहचान का अनुभव होगा।
इसके अतिरिक्त, हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे और एयरफील्ड प्रणालियों में बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से परिचालन क्षमता, सुरक्षा और बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में मदद मिलेगी। विस्तारित ढांचा बड़े विमानों के संचालन और समय पर उड़ानों को भी प्रोत्साहित करेगा।