असम बना पूर्वोत्तर का लॉजिस्टिक्स हब: गुवाहाटी एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग में 15.1% की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
असम तेज़ी से पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कार्गो केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 जून 2026 को जानकारी दी कि गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वित्त वर्ष 2025-26 में कार्गो हैंडलिंग में साल-दर-साल 15.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार यह आँकड़ा असम के बढ़ते आर्थिक सामर्थ्य और क्षेत्रीय व्यापार केंद्र के रूप में राज्य की मज़बूत होती स्थिति का प्रमाण है।
मुख्य घटनाक्रम
सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 29,155 मीट्रिक टन कार्गो का संचालन हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 33,555.99 मीट्रिक टन हो गया। यह एकल वर्ष की वृद्धि पूर्वोत्तर के किसी भी हवाई अड्डे के लिए उल्लेखनीय मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्गो यातायात में यह बढ़ोतरी असम की आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से बढ़ते जुड़ाव का सकारात्मक संकेत है। राज्य सरकार इस गति को बनाए रखते हुए लॉजिस्टिक्स और कार्गो क्षेत्र को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बुनियादी ढाँचे पर सरकार का ज़ोर
सड़क, रेल, अंतर्देशीय जलमार्ग और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। परिवहन ढाँचे, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निर्यात को बढ़ावा देने वाली योजनाओं में निवेश किया जा रहा है। सरमा के अनुसार, बुनियादी ढाँचे पर आधारित यह विकास मॉडल निवेश आकर्षित करने, विनिर्माण क्षेत्र को गति देने और रोज़गार के नए अवसर सृजित करने में सहायक है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि गुवाहाटी एयरपोर्ट पर बढ़ता कार्गो ट्रैफ़िक तीन प्रमुख कारणों से महत्वपूर्ण है — व्यापारिक विश्वास में वृद्धि, कृषि और औद्योगिक उत्पादों की बढ़ती आवाजाही, तथा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में असम की बढ़ती अहमियत। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के बुनियादी ढाँचे पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।
आम जनता पर असर
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विस्तार से असम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। कृषि उत्पादों — विशेष रूप से चाय, मसाले और बागवानी उत्पाद — की तेज़ और किफ़ायती ढुलाई से किसानों और निर्यातकों दोनों को लाभ मिलेगा। मज़बूत कार्गो क्षमता असम को पूर्वोत्तर के प्रमुख व्यापार और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और निर्यात-प्रोत्साहन योजनाओं के विस्तार पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्तमान निवेश की गति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में असम पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक अपरिहार्य लॉजिस्टिक्स गेटवे बन सकता है।