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रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली: 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ' की गूंज, 10 लाख की भीड़ का दावा

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रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली: 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ' की गूंज, 10 लाख की भीड़ का दावा

सारांश

रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली से पहले देशभर से नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुँच गए। विपक्ष ने इसे 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ' की लड़ाई बताया और BJP पर कथित वोट चोरी के आरोप लगाए। सीपीआई सांसद ने 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया।

मुख्य बातें

1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की बड़ी महारैली आयोजित हुई।
रैली में कांग्रेस , समाजवादी पार्टी , सीपीआई समेत गठबंधन के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
संतोष ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया।
विपक्षी नेताओं ने रैली को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया और BJP पर कथित वोट चोरी के आरोप लगाए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी.
वेणुगोपाल ने रैली की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रैली में कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल हुए।

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को इंडी गठबंधन की महारैली से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब देशभर से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) समेत गठबंधन के अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुँचने लगे। विपक्षी नेताओं ने इस रैली को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई करार दिया और केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर निशाना साधा।

रैली का माहौल और भीड़ का दावा

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि रैली का निर्धारित समय दोपहर 12 बजे था, लेकिन सुबह 9 बजे से ही समर्थक पूरे जोश के साथ रामलीला मैदान पहुँचने लगे थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल भी रैली की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँचे। सीपीआई सांसद पी. संतोष ने दावा किया कि रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं और पूरी दुनिया की निगाहें दिल्ली पर होंगी।

वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का हमला

एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव दानिश अबरार ने BJP और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि BJP सरकार चुनाव में वोट चोरी कर सकती है, चुनाव आयोग पर दबाव बना सकती है, या विधायकों की खरीद-फरोख्त के ज़रिए सत्ता हासिल करने की कोशिश कर सकती है। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि कथित चुनावी हेरफेर, वोट कटवाने और गठबंधन में जोड़-तोड़ से जुड़े आरोप अब 'सबूतों के साथ' जनता के सामने आ चुके हैं।

नेताओं की प्रमुख प्रतिक्रियाएँ

कांग्रेस सांसद सुखदेव सिंह भगत ने रैली के कारण व्यापारियों की कथित नाराजगी के सवाल पर कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग किसी स्थान पर पहुँचते हैं, तो स्थानीय कारोबार को भी फायदा होता है। उन्होंने तर्क दिया कि रैली में आए लोग होटलों में ठहरेंगे और स्थानीय दुकानों तथा खानपान सेवाओं का उपयोग करेंगे, जिससे व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुब्बुरमन थिरुनावुक्करासर ने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल सभी दल इस रैली में हिस्सा ले रहे हैं और सभी रास्ते रामलीला मैदान की ओर जा रहे हैं।

सपा का बयान और छात्रों की भागीदारी

लखनऊ से समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी इस रैली में शामिल होंगे। उन्होंने इसे देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए 'ऐतिहासिक रैली' बताया।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब इंडी गठबंधन लगातार केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के कथित प्रयासों को लेकर सवाल उठाता रहा है। रामलीला मैदान, जो ऐतिहासिक रूप से बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का गवाह रहा है, एक बार फिर विपक्षी एकता की परीक्षा का मंच बन रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि इस महारैली के बाद इंडी गठबंधन की राजनीतिक रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष अब तक इन्हें किसी ठोस न्यायिक या संसदीय प्रक्रिया में तब्दील नहीं कर पाया है — रैलियाँ राजनीतिक ऊर्जा दिखाती हैं, जवाबदेही तय नहीं करतीं। जब तक इंडी गठबंधन कथित चुनावी हेरफेर के दावों को सत्यापन-योग्य साक्ष्य और संस्थागत चुनौती में नहीं बदलता, ये आयोजन सत्ता को असहज करने के बजाय गठबंधन के भीतरी अंतर्विरोधों को ढकने का माध्यम बनने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडी गठबंधन की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर हो रही है?
यह रैली कथित वोट चोरी, चुनावी हेरफेर और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के मुद्दे पर आयोजित की गई है। विपक्षी नेताओं ने BJP सरकार पर चुनाव आयोग को प्रभावित करने और विधायकों की खरीद-फरोख्त के ज़रिए सरकारें बनाने के आरोप लगाए हैं।
रैली में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
रैली में इंडी गठबंधन के सभी प्रमुख दल शामिल हैं — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और गठबंधन के अन्य घटक दल। नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी इसमें शामिल हुए।
रैली में कितने लोगों के जुटने का दावा किया गया है?
सीपीआई सांसद पी. संतोष ने दावा किया कि रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। कई राज्यों से लोग एक दिन पहले से ही ट्रेन और अन्य साधनों के ज़रिए दिल्ली पहुँचने लगे थे।
प्रियंका गांधी वाड्रा की इस रैली में क्या भूमिका रही?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल रैली की व्यवस्थाओं का जायजा लेने रामलीला मैदान पहुँचे। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इसकी जानकारी दी।
रामलीला मैदान रैली से स्थानीय व्यापारियों पर क्या असर पड़ेगा?
कांग्रेस सांसद सुखदेव सिंह भगत ने कहा कि बड़ी संख्या में आए लोग होटलों में ठहरेंगे और स्थानीय दुकानों व खानपान सेवाओं का उपयोग करेंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने रैली से व्यापारियों को नुकसान होने की आशंकाओं को खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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