रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ' महारैली: दिल्ली पुलिस ने किए कड़े सुरक्षा प्रबंध
सारांश
मुख्य बातें
विपक्षी INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जा रही है। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, कथित वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में बुलाई गई है। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के आने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की तैयारी दो स्तरों पर है — एक वेन्यू प्रबंधन और दूसरा रूट प्रबंधन। उन्होंने कहा, 'पुलिस की तैयारी दो तरीके की है। एक हमारा वेन्यू अरेंजमेंट है और दूसरी तैयारी रूट अरेंजमेंट को लेकर है, जो मिंटो ब्रिज से लेकर जेएलएन और फिर चमन लाल मार्ग पर जो मार्च प्रस्तावित है, उसके लिए रूट पर हमारे पुलिसकर्मी तैनात हैं।'
भीड़ प्रबंधन और आयोजन स्थल की क्षमता
डीसीपी के अनुसार रामलीला मैदान की अंदरूनी क्षमता 45,000 से 50,000 लोगों की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इससे अधिक भीड़ आती है तो भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त लोगों को जवाहरलाल नेहरू मार्ग, आसफ अली मार्ग और चमन लाल मार्ग पर समायोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि ऐसी बड़ी राजनीतिक रैलियों में भीड़ प्रबंधन एक अहम चुनौती बनती रही है।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर राजघाट डिपो और दिल्ली गेट पर बसों के ठहरने के लिए निर्धारित क्षेत्र बनाए गए हैं। डीसीपी ने बताया, 'जहां बड़े पैमाने पर पैदल लोगों की आवाजाही होती है, वहां हम नहीं चाहते कि बसें और चार पहिया वाहन आएं क्योंकि हादसों का खतरा रहता है।' पैदल आवाजाही सभी के लिए खुली रखी गई है, जबकि वाहनों के लिए विशेष पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।
पुलिस-आयोजक समन्वय पर विवाद
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा दिल्ली पुलिस पर असहयोग के आरोपों को डीसीपी ने खारिज किया। उन्होंने कहा, 'इस पूरे हफ्ते में हमारी और आयोजकों की कई बैठकें हुई हैं। मुझे नहीं लगता कि अगर आप आयोजकों से पूछेंगे तो वे इससे अलग कुछ बताएंगे।' यह बयान उस समय आया है जब विपक्ष लगातार दावा कर रहा है कि रैली की तैयारियों में प्रशासनिक स्तर पर रुकावटें डाली जा रही हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का आश्वासन
ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा कि 'ऑफिसर सेंट्रिक' व्यवस्था की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे, यातायात सुचारू हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदर्शन करने आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। रैली का परिणाम और प्रतिभागियों की वास्तविक संख्या दिन के अंत में स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी।