दिल्ली पुलिस ने 13 वर्षीय अपहृत बच्चे को बचाया, आरोपी आकाश गिरफ्तार; ₹40 हजार फिरौती मांगी थी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के ज्योति नगर थाना पुलिस ने 1 नवंबर 2026 को फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए 13 वर्षीय नाबालिग लड़के को सकुशल बरामद किया और मुख्य आरोपी आकाश (22 वर्ष), निवासी लोनी, उत्तर प्रदेश, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹5,000 फिरौती की राशि, एक मोबाइल फोन और अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी जब्त की।
घटनाक्रम की शुरुआत
30 अक्टूबर को शाम लगभग 7:14 बजे ज्योति नगर थाने को सूचना मिली कि एक 13 वर्षीय लड़का कुछ सामान खरीदने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बच्चे की माँ को कुछ देर बाद एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें बेटे को सुरक्षित छोड़ने के बदले ₹40,000 की फिरौती की माँग की गई। तत्काल थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
विशेष टीम का गठन और तकनीकी जांच
एसीपी गोकलपुरी श्री तनवीर अशरफ की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। एएसआई गजराज सिंह और हेड कांस्टेबल अमित तोमर पूर्वी गोकलपुर स्थित अमर कॉलोनी पहुँचे और जाँच शुरू की। टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
जाँच के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता से दोबारा संपर्क किया और फिरौती माँगी। आरोपी ने नकद की जगह यूपीआई के जरिए भुगतान पर जोर दिया और एक QR बारकोड साझा किया। पुलिस ने रणनीतिक रूप से एक अधिकारी के खाते से उस बारकोड पर ₹5,000 ट्रांसफर किए, ताकि आरोपी की डिजिटल निगरानी की जा सके।
साइबर कैफे से मिला सुराग
तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस टीम करावल नगर थाना क्षेत्र के प्रेम नगर स्थित एक साइबर कैफे तक पहुँची, जो सुनील सैनी द्वारा संचालित था। कैफे मालिक ने बताया कि लगभग 21-22 साल का एक युवक एक नाबालिग बच्चे के साथ आया था और उसने ₹50 के कमीशन के बदले ₹5,000 प्राप्त करने के लिए उस बारकोड का उपयोग किया था।
साइबर कैफे के सीसीटीवी फुटेज की तत्काल जाँच की गई, जिसमें बच्चे की माँ ने अपने बेटे को पहचान लिया। आरोपी को पकड़ने के लिए उसी बारकोड पर दूसरी बार ₹5,000 का लेन-देन किया गया। कुछ ही समय में आरोपी अपहृत बच्चे के साथ नकद राशि लेने कैफे वापस लौट आया।
आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासा
कैफे मालिक की पहचान और सहयोग के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर ही आरोपी आकाश (22) को दबोच लिया। बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आकाश ने कथित तौर पर बताया कि वह सदर बाजार इलाके में डिलीवरी हेल्पर का काम करता था और अपने चचेरे भाई के जरिए पीड़ित को पहचानता था। उसने कथित तौर पर नाबालिग को अपनी स्कूटी पर बैठाकर बहलाया-फुसलाया और बाद में उसकी माँ को फोन कर फिरौती माँगी।
आगे की कार्रवाई
यह मामला दर्शाता है कि किस तरह डिजिटल भुगतान तकनीक अपराधियों के लिए एक नई कमजोरी बन रही है — और पुलिस उसी तकनीक का उपयोग उन्हें जाल में फँसाने के लिए कर रही है। आरोपी आकाश के खिलाफ अपहरण और फिरौती से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है और आगे की जाँच जारी है।