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नोएडा: अस्पताल से नवजात अपहरण, 8 घंटे में बरामद; बागपत की उपासना गिरफ्तार

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नोएडा: अस्पताल से नवजात अपहरण, 8 घंटे में बरामद; बागपत की उपासना गिरफ्तार

सारांश

नोएडा के भंगेल अस्पताल से 3 दिन के नवजात को ₹2,500 की सरकारी योजना का झांसा देकर चुराने वाली महिला उपासना को पुलिस ने सिर्फ आठ घंटे में CCTV और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। बच्चा सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया।

मुख्य बातें

9 अक्टूबर 2026 को भंगेल, नोएडा के एक अस्पताल से तीन दिन के नवजात शिशु का अपहरण हुआ।
आरोपी ने परिजनों को ₹2,500 की सरकारी योजना का झांसा देकर विश्वास जीता।
थाना फेस-2 पुलिस ने आठ घंटे के भीतर CCTV और मैनुअल इंटेलिजेंस से बच्चे को सकुशल बरामद किया।
आरोपी महिला उपासना (26 वर्ष), निवासी जिला बागपत , को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया।
उपासना ने बताया कि उसकी निःसंतान बहन के लिए वह बच्चा लेकर जा रही थी।
मामला बीएनएस धारा 318(4) और 137(2) के तहत, मुकदमा संख्या 468/2026 में दर्ज।

नोएडा के गौतमबुद्धनगर जिले में 9 अक्टूबर 2026 को एक महिला ने भंगेल स्थित अस्पताल से तीन दिन के नवजात शिशु का अपहरण कर लिया। आरोपी ने पहले सरकारी योजना के तहत ₹2,500 दिलाने का झांसा देकर बच्चे के परिजनों का विश्वास जीता और मौका पाते ही नवजात को लेकर फरार हो गई। थाना फेस-2 की पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी फुटेज की सहायता से महज आठ घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण

पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार की महिला ने 6 अक्टूबर 2026 को भंगेल स्थित एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। इसके दो दिन बाद, 8 अक्टूबर की शाम को एक अज्ञात महिला अस्पताल में पहुँची और नवजात की माँ तथा उसकी नानी से परिचय बढ़ाया।

आरोप है कि उस महिला ने किसी सरकारी योजना के तहत ₹2,500 दिलाने का प्रलोभन देकर परिजनों का भरोसा हासिल किया। 9 अक्टूबर की सुबह वह पुनः अस्पताल पहुँची, नवजात को दुलाराने लगी और बातचीत में परिजनों को उलझाकर शिशु को अपने साथ ले गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही थाना फेस-2 की पुलिस हरकत में आई। टीम ने अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जाँच की और मैनुअल इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय किया।

मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास पहुँचकर आरोपी महिला को दबोच लिया। आठ घंटे के भीतर नवजात को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्कूटी भी ज़ब्त की गई, जिसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।

आरोपी की पहचान और मकसद

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार महिला की पहचान उपासना, पत्नी सोनू कुमार, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी ग्राम बावली, थाना बड़ौत, जिला बागपत के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता ग्राम भंगेल, गौतमबुद्धनगर बताया गया है।

पूछताछ में उपासना ने बताया कि उसकी बहन निःसंतान है, और वह अपनी बहन को बच्चा देने के उद्देश्य से अस्पताल से नवजात को उठा ले गई थी। इसके अलावा, एक बाल अपचारी (नाबालिग) को भी इस मामले में पुलिस संरक्षण में लिया गया है।

कानूनी कार्रवाई

थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर में मुकदमा अपराध संख्या 468/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और धारा 137(2) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की जाँच जारी रखे हुए है।

आम जनता पर असर और संदेश

यह घटना अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि इस तरह के अपहरण के मामलों में अनजान व्यक्तियों द्वारा प्रसव-कक्ष के आसपास घूमना और परिजनों को प्रलोभन देना एक जानी-पहचानी चाल है।

पुलिस ने अस्पतालों में भर्ती मरीज़ों के परिजनों से अपील की है कि वे अजनबियों से सतर्क रहें और नवजात शिशुओं को अकेला न छोड़ें। पुलिस का त्वरित और प्रभावी कदम इस मामले में राहत की बात है, और आगे की जाँच में आरोपी के नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सरकारी अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों में सुरक्षा की खतरनाक कमज़ोरी को उजागर करता है — जहाँ अजनबी बिना किसी रोक-टोक के प्रसव-कक्ष तक पहुँच जाते हैं। यह पहली ऐसी घटना नहीं है; उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में अस्पतालों से नवजात चोरी के कई मामले सामने आए हैं, फिर भी प्रवेश प्रणाली में सुधार की रफ़्तार धीमी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि अस्पताल प्रशासन ने इसे रोका क्यों नहीं — और इसकी जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा अस्पताल से नवजात अपहरण की घटना क्या है?
9 अक्टूबर 2026 को नोएडा के भंगेल स्थित एक अस्पताल से एक महिला ने तीन दिन के नवजात शिशु का अपहरण कर लिया। आरोपी ने परिजनों को सरकारी योजना के तहत ₹2,500 दिलाने का झांसा देकर विश्वास हासिल किया और मौका पाकर बच्चे को लेकर फरार हो गई।
पुलिस ने बच्चे को कितने समय में बरामद किया?
थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर की पुलिस ने सिर्फ आठ घंटे के भीतर CCTV फुटेज और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से नवजात को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी महिला कौन है और उसने अपहरण क्यों किया?
गिरफ्तार महिला उपासना, पत्नी सोनू कुमार, उम्र करीब 26 वर्ष, जिला बागपत की रहने वाली है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी बहन निःसंतान है और वह उसी के लिए बच्चे को लेकर जा रही थी।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा अपराध संख्या 468/2026 के तहत थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर में दर्ज है।
क्या इस घटना में कोई नाबालिग भी शामिल था?
हाँ, पुलिस ने मामले की जाँच के दौरान एक बाल अपचारी (नाबालिग) को भी पुलिस संरक्षण में लिया है। घटना में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की स्कूटी भी बरामद की गई है, जिसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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