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मुंबई: राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात, तिलक नगर पुलिस ने दर्ज किया मामला

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मुंबई: राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात, तिलक नगर पुलिस ने दर्ज किया मामला

सारांश

मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में 25 मई की रात एक नवजात बालक बेसहारा मिला। युवक की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शिशु की जान बची। अज्ञात महिला फरार है, CCTV फुटेज से पहचान की कोशिश जारी है।

मुख्य बातें

25 मई की रात मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल के वार्ड नंबर-40 के सामने बाथरूम में नवजात बालक लावारिस मिला।
पुलिस हवलदार जितेंद्र विष्णु पाटिल और युवक विष्णु श्रीराम पटेल की सतर्कता से शिशु को समय पर NICU में भर्ती कराया गया।
नवजात की हालत स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।
अस्पताल के रिकॉर्ड में उस रात किसी महिला के प्रसव का उल्लेख नहीं; अज्ञात महिला के फरार होने की आशंका।
तिलक नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के ज़रिए संदिग्ध महिला की पहचान की कोशिश शुरू की।

घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल, मुंबई में 25 मई की रात एक नवजात शिशु को वार्ड नंबर-40 के सामने बने बाथरूम में बेसहारा हालत में ठंडे फर्श पर पाया गया। मासूम के रोने की आवाज़ सुनकर वहाँ मौजूद एक युवक ने अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी को सूचित किया, जिससे समय रहते बच्चे की जान बचाई जा सकी। तिलक नगर पुलिस ने अज्ञात महिला के विरुद्ध मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

रात करीब 9 बजे विष्णु श्रीराम पटेल नामक युवक ने राजावाड़ी अस्पताल के कैजुअल्टी विभाग में ड्यूटी पर तैनात पुलिस हवलदार जितेंद्र विष्णु पाटिल को बताया कि बाथरूम से किसी शिशु के रोने की आवाज़ आ रही है। हवलदार पाटिल तत्काल मौके पर पहुँचे और नवजात बालक को फर्श पर लावारिस पड़ा पाया।

इसके बाद अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ को बुलाया गया। युवक पटेल और नर्सों की मदद से शिशु को उठाकर साफ किया गया और उसे तत्काल NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती कराया गया।

नवजात की स्थिति

डॉक्टरों के अनुसार, समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से शिशु की जान बच गई। फ़िलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है।

जाँच में क्या सामने आया

प्रारंभिक जाँच में राजावाड़ी अस्पताल के रिकॉर्ड में 25 मई की रात किसी महिला के प्रसव का कोई उल्लेख नहीं मिला। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि एक अज्ञात महिला ने अस्पताल परिसर के बाथरूम में ही प्रसव किया और शिशु को वहीं छोड़कर फरार हो गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध महिला की पहचान की जा सके।

पुलिस की कार्रवाई

तिलक नगर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार महिला की सक्रिय तलाश में जुटी है। गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में पुलिस आमतौर पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करती है।

आगे क्या होगा

नवजात के NICU से स्थिर होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति की देखरेख में सौंपे जाने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में 'पालना' (शिशु संरक्षण पालने) जैसी सरकारी योजनाओं की प्रासंगिकता पर चर्चा होती रही है, जो अनचाहे शिशुओं को सुरक्षित रूप से छोड़ने का विकल्प देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अस्पतालों में शिशु परित्याग की घटनाएँ थमती नहीं। सवाल यह है कि क्या इन योजनाओं की पर्याप्त जागरूकता है, और क्या संकट में फँसी महिलाओं तक ये विकल्प वास्तव में पहुँच पाते हैं। जब तक इस खाई को नहीं पाटा जाएगा, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल में क्या हुआ?
25 मई की रात घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में एक नवजात बालक बेसहारा हालत में फर्श पर मिला। युवक विष्णु श्रीराम पटेल की सतर्कता और पुलिस हवलदार जितेंद्र विष्णु पाटिल की त्वरित कार्रवाई से शिशु को NICU में भर्ती कराया गया और उसकी जान बचाई जा सकी।
नवजात को छोड़कर कौन फरार हुआ?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, एक अज्ञात महिला ने कथित तौर पर अस्पताल के बाथरूम में ही प्रसव किया और शिशु को वहीं छोड़कर फरार हो गई। अस्पताल के रिकॉर्ड में उस रात किसी महिला के प्रसव का उल्लेख नहीं मिला।
पुलिस फरार महिला को कैसे ढूँढ रही है?
तिलक नगर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस सक्रिय रूप से संदिग्ध महिला की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
नवजात शिशु अभी कहाँ है और उसकी हालत कैसी है?
नवजात फिलहाल राजावाड़ी अस्पताल के NICU में डॉक्टरों की निगरानी में है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
क्या भारत में ऐसे परित्यक्त शिशुओं के लिए कोई सरकारी योजना है?
हाँ, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में 'पालना' योजना के तहत अस्पतालों और सरकारी केंद्रों पर सुरक्षित पालने लगाए गए हैं, जहाँ कोई भी महिला बिना पहचान उजागर किए नवजात को सुरक्षित छोड़ सकती है। इस घटना ने इन योजनाओं की पहुँच और जागरूकता पर फिर से सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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