25 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी का 1 नवंबर दिल्ली रैली के लिए आह्वान: 'वोट चुराया जा रहा, चुपचाप नहीं सहेंगे'

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राहुल गांधी का 1 नवंबर दिल्ली रैली के लिए आह्वान: 'वोट चुराया जा रहा, चुपचाप नहीं सहेंगे'

सारांश

राहुल गांधी ने 1 नवंबर की दिल्ली महारैली के लिए एक्स पर आह्वान किया — मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने के आरोप के साथ। लेकिन व्यापारियों ने ₹10 हजार करोड़ नुकसान की चेतावनी दी और 1984 के सिख दंगा पीड़ितों ने संवेदनशील तारीख का हवाला देकर विरोध जताया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 25 अक्टूबर 2026 को एक्स पर 1 नवंबर की दिल्ली महारैली का आह्वान किया।
रैली रामलीला मैदान में होगी; नारा है — 'वोट बचाओ — देश बचाओ जन मार्च और महारैली' ।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम काटे गए और सवाल पूछने वालों पर लाठियाँ चलाई गईं।
दिल्ली व्यापारियों ने चेतावनी दी कि रैली से ₹10 हजार करोड़ का नुकसान संभव; त्योहारी सीजन में कुल ₹25 हजार करोड़ का कारोबार दाँव पर।
1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों ने 1 नवंबर की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए रैली का विरोध किया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 25 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर छात्रों, युवाओं, किसानों और मजदूरों से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की प्रस्तावित महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम काटे जा रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

राहुल गांधी का एक्स पोस्ट और मुख्य आरोप

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे। मतदाता सूचियों से नाम काटे गए। नियम-कानून तोड़े गए। और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं। अब जवाब देश देगा।' इसी पोस्ट में उन्होंने रैली की घोषणा करते हुए लिखा, '1 नवंबर — चलो दिल्ली। वोट बचाओ — देश बचाओ जन मार्च और महारैली।'

कांग्रेस नेता ने समाज के विभिन्न वर्गों — छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी — को संबोधित करते हुए कहा कि जिस-जिस को लोकतंत्र की फिक्र है, वो ज़रूर आए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

भाजपा पर तंज

राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, 'भाजपा और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा रहे हैं। बस अगले 7 दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए।' इस बयान को राजनीतिक हलकों में सत्ता पक्ष की आलोचना के प्रति पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।

व्यापारियों का विरोध और आर्थिक चिंता

रैली की घोषणा के साथ ही दिल्ली के व्यापारी वर्ग ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। व्यापारियों ने राहुल गांधी से रैली टालने की अपील की, यह तर्क देते हुए कि धनतेरस और दीपावली की खरीददारी नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाती है। व्यापारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में दिल्ली में करीब ₹25 हजार करोड़ का कारोबार होता है और यदि पुलिस ने रास्ते बंद किए तो लगभग ₹10 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि रामलीला मैदान राजधानी का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के करीब स्थित है और बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान इस क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध अनिवार्यतः लगाए जाते हैं।

1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों का विरोध

1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों ने भी इस रैली का विरोध करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि 1 नवंबर उनके लिए अत्यंत संवेदनशील तारीख है, क्योंकि 1984 में इसी दिन दिल्ली सहित कई स्थानों पर सिख समुदाय को निशाना बनाया गया था। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि इस तारीख पर राजनीतिक रैली आयोजित करना उनके पुराने जख्मों को फिर से हरा करने जैसा है।

यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस के शासनकाल में हुए उन दंगों के लिए पार्टी आज भी आलोचना के घेरे में रहती है, जिससे यह तारीख और अधिक संवेदनशील हो जाती है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने अभी तक रैली रद्द करने या तारीख बदलने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। 1 नवंबर को प्रस्तावित यह 'वोट बचाओ — देश बचाओ जन मार्च और महारैली' विपक्ष के लिए सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर दबाव बनाने का बड़ा मंच हो सकती है। व्यापारियों और पीड़ित समूहों के विरोध के बीच यह देखना होगा कि प्रशासन किस प्रकार स्थिति को संभालता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन समुदायों और वर्गों की ओर से भी है जिन्हें कांग्रेस अपना आधार मानती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी की 1 नवंबर दिल्ली रैली किस बारे में है?
यह कांग्रेस की 'वोट बचाओ — देश बचाओ जन मार्च और महारैली' है, जो 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों से नाम काटे गए और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
दिल्ली के व्यापारी इस रैली का विरोध क्यों कर रहे हैं?
व्यापारियों का कहना है कि 1 नवंबर धनतेरस और दीपावली की खरीददारी का मौसम है और रैली की वजह से पुलिस बंदोबस्त से रास्ते बंद होने पर लगभग ₹10 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। त्योहारी सीजन में दिल्ली में कुल ₹25 हजार करोड़ का कारोबार होता है।
1984 के सिख दंगा पीड़ित इस रैली का विरोध क्यों कर रहे हैं?
पीड़ित परिवारों का कहना है कि 1 नवंबर 1984 को दिल्ली सहित कई स्थानों पर सिख समुदाय को निशाना बनाया गया था, इसलिए यह तारीख उनके लिए बेहद संवेदनशील है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिन राजनीतिक रैली आयोजित करना उनके जख्मों को फिर से हरा करना है।
राहुल गांधी ने एक्स पर रैली के लिए किन वर्गों से अपील की?
राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी — सभी से रामलीला मैदान पहुँचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिसे भी लोकतंत्र की फिक्र है, वो ज़रूर आए।
क्या कांग्रेस ने रैली रद्द करने या तारीख बदलने के संकेत दिए हैं?
अभी तक कांग्रेस की ओर से रैली रद्द करने या तारीख बदलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। व्यापारियों और पीड़ित समूहों के विरोध के बावजूद पार्टी ने 1 नवंबर की महारैली के लिए आह्वान जारी रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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