आर्यवीर सहवाग में दिखती है वीरू की झलक, कोच राजीव नैयर बोले — भारत के लिए खेलने की काबिलियत है
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली अंडर 19 मेन्स क्रिकेट टीम के हेड कोच राजीव नैयर ने 25 अक्टूबर 2026 को कहा कि पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग में भविष्य में भारत के लिए खेलने की पूरी काबिलियत है, लेकिन उन्हें एक एक कदम आगे बढ़ना होगा। नैयर ने यह बात वीनू मांकड़ ट्रॉफी में आर्यवीर की शानदार बल्लेबाज़ी के बाद कही, जिसमें उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 143 गेंदों पर 19 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 173 रन की धमाकेदार पारी खेली थी।
मुख्य घटनाक्रम
वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी कर रहे आर्यवीर सहवाग ने हाल ही में चंडीगढ़ के विरुद्ध एक असाधारण पारी खेली। 143 गेंदों में ठोके गए 173 रन न केवल उनकी तकनीकी दक्षता का प्रमाण हैं, बल्कि कोच नैयर द्वारा की गई रणनीतिक बातचीत का भी नतीजा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब युवा क्रिकेटरों की 'लीगेसी प्रेशर' को लेकर अक्सर चर्चा होती है।
कोच की सलाह और बदलाव
नैयर ने बताया, "पहले वह अच्छा स्कोर कर रहा था, लेकिन वह शुरुआत को शतक में नहीं बदल पा रहा था, इसलिए हमने बात की। उसकी बैटिंग का अंदाज बहुत अच्छा है, लेकिन 40 50 रन तक पहुँचने के बाद वह अपना विकेट खो रहा था।" उन्होंने आर्यवीर को राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ का उदाहरण देते हुए प्रतिस्पर्धा का अहसास दिलाया, जिसने दिल्ली के विरुद्ध 158 और 85 90 रन की पारियाँ खेली थीं।
नैयर ने कहा, "मैंने उससे कहा कि तुम्हें वीनू मांकड़ ट्रॉफी और पूरे देश में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाला बनना है। अगर तुम 50 ओवर बैटिंग करोगे तो तुम पक्का 200 रन बनाओगे।"
पिता वीरेंद्र सहवाग की झलक
कोच राजीव नैयर ने कहा कि आर्यवीर में उनके पिता वीरेंद्र सहवाग की साफ़ झलक दिखती है। "मैं उसका कॉन्फिडेंस देखकर हैरान रह गया। वह पेसर्स के खिलाफ फील्डर्स के ऊपर से बॉल मार रहा था — ज़्यादातर बल्लेबाज़ ऐसा करने से डरते हैं। उसने बिना पैर हिलाए कवर के ऊपर से कुछ शॉट मारे। यह देखना शानदार था।" गौरतलब है कि वीरेंद्र सहवाग अपने करियर में अपनी आक्रामक और निडर बैटिंग स्टाइल के लिए ही जाने जाते थे।
नैयर ने यह भी स्पष्ट किया कि 173 रन की पारी का श्रेय उन्हें नहीं, बल्कि "उसके पिता और उस कोच को जाता है जो पिछले 5 8 10 सालों से उसके साथ है।"
अगला लक्ष्य — एशिया कप और भविष्य का रोडमैप
नैयर ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि आर्यवीर को आगामी अंडर 19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चुना जाएगा। "मैंने उससे कहा था कि पाकिस्तान खेलेगा। उसे अच्छा खेलना होगा। आर्यवीर ने पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने की बात कही है — मुझे यह सच में पसंद आया।"
भविष्य के रोडमैप पर कोच ने कहा कि आर्यवीर अभी अंडर 19 में हैं, उसके बाद अंडर 23, फिर रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, इंडिया ए और अंततः भारतीय सीनियर टीम का रास्ता है।
मानसिक परिपक्वता और नेतृत्व
नैयर ने आर्यवीर की मानसिक दृढ़ता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "वह अपना विकेट खोने के बाद किसी से बात नहीं करता। वह एक कोने में बैठकर सोचता है कि उसने क्या किया — और मुझसे चर्चा भी करता है।" कोच ने यह भी जोड़ा कि एक कप्तान के रूप में मैदान पर टिके रहकर आर्यवीर अपनी टीम के लिए नेतृत्व का उदाहरण पेश करते हैं। आने वाले टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन पर पूरे देश की नज़रें टिकी रहेंगी।