25 अक्टूबर 2026
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पटना मुठभेड़: हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी सौरभ सिंह ने पुलिस पर चलाई गोली, पैर में लगी गोली

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पटना मुठभेड़: हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी सौरभ सिंह ने पुलिस पर चलाई गोली, पैर में लगी गोली

सारांश

पटना में गैरेज मालिक अंजनी नंदन कुमार की हत्या का मुख्य आरोपी सौरभ सिंह रविवार सुबह हथियार बरामदगी अभियान के दौरान पुलिस पर ही गोली चला बैठा। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। अब सवाल यह है कि हिरासत में रहते हुए आरोपी के पास हथियार कहाँ से आया।

मुख्य बातें

25 अक्टूबर 2026 की सुबह बख्तियारपुर के कल्याण बीघा मोड़ पर पुलिस मुठभेड़ हुई।
आरोपी सौरभ सिंह ने हथियार बरामदगी के दौरान कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चलाई।
जवाबी फायरिंग में आरोपी के घुटने के नीचे गोली लगी; उसे एनएमसीएच पटना रेफर किया गया।
मूल हत्याकांड 26 सितंबर 2026 को नंदन ऑटोमोबाइल्स के मालिक अंजनी नंदन कुमार की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जुड़ा है।
ऑपरेशन में एसटीएफ , एसडीपीओ-2 और बख्तियारपुर पुलिस शामिल; जाँच जारी कि हिरासत में हथियार कहाँ से मिला।

पटना के बख्तियारपुर इलाके में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की सुबह एक पुलिस मुठभेड़ में गैरेज मालिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी सौरभ सिंह घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी अभियान के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर छिपा हुआ हथियार निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

मुठभेड़ की पूरी घटना

पुलिस के मुताबिक, रामकृष्ण नगर पुलिस ने सौरभ सिंह को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया था। रविवार सुबह अधिकारी उसे बख्तियारपुर के कल्याण बीघा मोड़ इलाके में ले गए, जहाँ उसने कथित तौर पर हथियार छिपाया था।

अभियान के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर वह छिपा हुआ हथियार निकाला और पुलिस टीम पर सीधे गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, एक गोली पुलिस वाहन के बोनट के नीचे हेडलाइट के पास जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के घुटने के नीचे लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।

इलाज और हिरासत

घायल आरोपी को तत्काल बख्तियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्नत चिकित्सा के लिए उसे पटना के एनएमसीएच (कथित तौर पर) में रेफर किया गया। इस पूरे ऑपरेशन में एसटीएफ, एसडीपीओ-2 और बख्तियारपुर पुलिस के जवान शामिल थे।

पुलिस अधिकारी का बयान

एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को हथियार बरामद कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, तभी उसने कथित तौर पर पुलिस दल पर गोली चला दी। श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों को बचाव में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। अब जाँच की जा रही है कि आरोपी पुलिस हिरासत में रहते हुए हथियार तक कैसे पहुँचा — यह प्रश्न जाँच के केंद्र में है।

मूल हत्याकांड की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 26 सितंबर 2026 को पटना के रामकृष्ण नगर के भूपतिपुर इलाके में नंदन ऑटोमोबाइल्स के मालिक अंजनी नंदन कुमार पर गैरेज बंद करते समय हथियारबंद अपराधियों ने घात लगाकर हमला किया था। उन्हें कई गोलियाँ मारी गई थीं और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। यह मामला कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आशंका से जुड़ा है, जो पटना में गंभीर कानून-व्यवस्था की चिंता को उजागर करता है।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारी अब इस बात की गहन जाँच कर रहे हैं कि हिरासत में रहते हुए आरोपी के पास हथियार कहाँ से आया। यह घटना हिरासत प्रबंधन को लेकर प्रक्रियागत सवाल खड़े करती है। आने वाले दिनों में जाँच के निष्कर्ष और चार्जशीट की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रश्न प्रक्रियागत चूक की ओर इशारा करता है। बिहार में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और जब तक ऐसी जाँच पारदर्शी रूप से नहीं होती, मुठभेड़ की वैधता संदेह के घेरे में रहती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना मुठभेड़ में कौन घायल हुआ और क्यों?
गैरेज मालिक अंजनी नंदन कुमार हत्याकांड का मुख्य आरोपी सौरभ सिंह 25 अक्टूबर 2026 को बख्तियारपुर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। हथियार बरामदगी अभियान के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
अंजनी नंदन कुमार की हत्या कब और कैसे हुई थी?
26 सितंबर 2026 को पटना के रामकृष्ण नगर के भूपतिपुर इलाके में नंदन ऑटोमोबाइल्स के मालिक अंजनी नंदन कुमार पर गैरेज बंद करते वक्त हथियारबंद कॉन्ट्रैक्ट किलर्स ने हमला किया था। उन्हें कई गोलियाँ मारी गईं और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में कौन-कौन सी पुलिस एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस ऑपरेशन में एसटीएफ (STF), एसडीपीओ-2 और बख्तियारपुर पुलिस के जवान संयुक्त रूप से शामिल थे। ऑपरेशन की कमान एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में चली।
घायल आरोपी का इलाज कहाँ हो रहा है?
सौरभ सिंह को पहले बख्तियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्नत चिकित्सा के लिए उसे पटना के एनएमसीएच (कथित तौर पर) में रेफर किया गया।
अब जाँच का मुख्य बिंदु क्या है?
पुलिस अधिकारी यह जाँच कर रहे हैं कि आरोपी पुलिस हिरासत में रहते हुए हथियार तक कैसे पहुँचा। यह सवाल हिरासत प्रबंधन की प्रक्रियागत खामियों को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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