रिंकू सिंह की फॉर्म वापसी: केकेआर हेड कोच अभिषेक नायर ने बताया सेंटर-विकेट अभ्यास का राज़
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के हेड कोच अभिषेक नायर ने 14 मई 2026 को रायपुर में आरसीबी के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू सिंह को आईपीएल 2026 में फॉर्म में वापस लाने के पीछे सेंटर-विकेट पर गहन अभ्यास और तकनीकी बदलाव की निर्णायक भूमिका रही। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में रिंकू की खराब फॉर्म केकेआर के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थी, जिसके चलते टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा था।
मुख्य घटनाक्रम
नायर ने बताया कि जब टीम का प्रदर्शन लड़खड़ा रहा था, तब कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बहाल करने के लिए सेंटर-विकेट पर भरपूर अभ्यास का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, 'जब हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था, तब हमने एक चीज आजमाई — खिलाड़ियों का आत्मविश्वास वापस लाने के लिए सेंटर-विकेट पर खूब अभ्यास करवाया।' वरुण चक्रवर्ती और रिंकू, दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि ये दोनों केकेआर के सबसे अहम खिलाड़ी हैं।
तकनीकी बदलाव जिसने पलटी बाज़ी
नायर ने रिंकू की बैटिंग में किए गए एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'अगर आपने गौर किया हो, तो रिंकू का शुरुआती मूवमेंट बदल गया है। अब वह पहले के मुकाबले पिच पर थोड़ा ज्यादा आगे की ओर चलकर खेलते हैं।' यह बदलाव रिंकू के लिए नया था — उन्होंने इससे पहले कभी इस तरह नहीं खेला था — लेकिन कोचिंग स्टाफ ने इसे उनकी बैटिंग में शामिल किया और इसका सकारात्मक असर सामने आया।
पर्दे के पीछे की मेहनत
नायर ने स्वीकार किया कि किसी खिलाड़ी को फॉर्म में वापस लाना आसान काम नहीं होता। उन्होंने कहा, 'उसके मन में यह विश्वास फिर से जगाना कि वह बाउंड्री पार कर सकता है, वह चौके और छक्के लगा सकता है, और ऐसा करने के लिए तकनीकी और रणनीतिक रूप से उसे क्या करना चाहिए — इसलिए बहुत सारी जमीनी तैयारी की गई।' गर्मी में मैदान पर समय बिताना और खिलाड़ी की मानसिक बहाली दोनों इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।
रिंकू सिंह के ताज़ा आँकड़े
आरसीबी के खिलाफ 29 गेंदों पर 49 रन की नाबाद पारी खेलने वाले रिंकू ने अपने पिछले चार मैचों में बिना आउट हुए 207 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 172 रहा है — एक ऐसा आँकड़ा जो टी20 क्रिकेट में किसी मध्यक्रम बल्लेबाज के लिए असाधारण माना जाता है। गौरतलब है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में जो रिंकू टीम की सबसे बड़ी कमज़ोरी बने हुए थे, वही अब केकेआर की जीत के सबसे बड़े आधार बन गए हैं।
आगे की राह
केकेआर के लिए रिंकू की यह वापसी ऐसे समय में आई है जब टीम प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। कोचिंग स्टाफ की यह कार्यप्रणाली — व्यक्तिगत तकनीकी सुधार और मानसिक आत्मविश्वास की बहाली — आने वाले मैचों में भी टीम के प्रदर्शन की कुंजी बन सकती है।