रिंकू सिंह का आईपीएल सफर: हीरो से जीरो तक की कहानी और केकेआर की बढ़ती चिंताएं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईपीएल 2023 में 9 अप्रैल को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस (जीटी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच एक महत्वपूर्ण मैच हुआ। इस मैच ने रिंकू सिंह को एक चमकता सितारा बनाया, लेकिन अब वो अपनी फॉर्म में गिरावट के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
9 अप्रैल को उस मैच को याद करें, जब केकेआर को 205 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए आखिरी ओवर में 29 रन की जरूरत थी। क्रीज पर रिंकू सिंह 16 गेंदों पर 18 रन और उमेश यादव 5 गेंदों पर 4 रन बना रहे थे। उस समय किसी भी टीम ने आखिरी ओवर में इतने रन नहीं बनाए थे, इसलिए केकेआर की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं। लेकिन उस ओवर में जो हुआ, वह क्रिकेट इतिहास में एक अद्वितीय पल बन गया।
यश दयाल द्वारा फेंकी गई पहली गेंद पर उमेश यादव ने सिंगल लेकर रिंकू सिंह को स्ट्राइक दी। इसके बाद रिंकू ने लगातार 5 छक्के लगाते हुए केकेआर को जीत दिलाई। यह क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था जब किसी बल्लेबाज ने लगातार 5 छक्के लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। रिंकू ने 21 गेंदों पर 48 रन बनाए और नाबाद लौटे।
इस मैच के बाद रिंकू सिंह न केवल केकेआर के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण चेहरा बन गए। उन्हें राष्ट्रीय टीम में भी मौका मिला, जहां उनका प्रदर्शन भी प्रभावशाली रहा। हालांकि, वह टीम में लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं। टी20 विश्व कप 2026 में उनकी फॉर्म अच्छी नहीं रही, जिसके कारण उन्हें संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया।
केकेआर ने हमेशा रिंकू सिंह में अपना भविष्य देखा। टीम ने कई खिलाड़ियों को जाने दिया, लेकिन आईपीएल 2025 में उन्हें 13 करोड़ रुपये में रखा।
हालांकि, 9 अप्रैल 2023 के बाद से रिंकू के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन बनाने में संघर्ष के बाद, वह आईपीएल में भी असफल हो रहे हैं। आईपीएल 2025 में 13 मैचों की 11 पारियों में उन्होंने 206 रन बनाए, जबकि आईपीएल 2026 में 6 मैचों की 5 पारियों में केवल 79 रन ही बना सके। उनका औसत 19.75 रहा है। चाहे उन्हें चौथे क्रम पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाए या छठे क्रम पर, रनों की कमी से वह जूझ रहे हैं। रिंकू सिंह की फॉर्म में गिरावट के कारण केकेआर प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ गई है, और उनके भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं।
रिंकू सिंह को केकेआर के मध्यक्रम का सबसे मजबूत बल्लेबाज माना जाता था और उन्हें फिनिशर के रूप में देखा जाता था, जिसके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं था। लेकिन अब उनके प्रदर्शन ने न केवल टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, बल्कि उनकी अपनी चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं। केकेआर ने उन्हें इस सीजन में उपकप्तान नियुक्त किया था, लेकिन यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं होता है, तो अगले सीजन में टीम में बड़े बदलाव संभव हैं, जिसमें रिंकू सिंह का स्थान भी कट सकता है।
रिंकू सिंह 2018 से केकेआर के साथ जुड़े हुए हैं। 2023 में हीरो बनने वाला यह बाएं हाथ का विस्फोटक बल्लेबाज अब लगातार असफलता के कारण जीरो साबित हो रहा है। उन्हें अपनी प्रतिष्ठा पुनः स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है।