रिंकू सिंह की फॉर्म वापसी का राज़: केकेआर हेड कोच अभिषेक नायर ने बताई पर्दे के पीछे की कहानी
सारांश
मुख्य बातें
रिंकू सिंह आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की मध्यक्रम बल्लेबाज़ी की धुरी माने जाते हैं, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत में उनकी खराब फॉर्म ने टीम को लगातार हार की ओर धकेल दिया था। अब, पिछले चार मैचों में बिना आउट हुए 207 रन और 172 के स्ट्राइक रेट के साथ, यह बाएँ हाथ का बल्लेबाज़ पूरी तरह लय में लौट आया है। 14 मई 2026 को रायपुर में आरसीबी के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केकेआर के हेड कोच अभिषेक नायर ने इस कायापलट के पीछे की तैयारी की पूरी कहानी सुनाई।
सेंटर-विकेट अभ्यास: आत्मविश्वास की नींव
नायर ने बताया कि जब टीम का प्रदर्शन लड़खड़ा रहा था, तब कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास पुनर्जीवित करने के लिए सेंटर-विकेट पर गहन अभ्यास सत्रों का सहारा लिया। उन्होंने कहा, 'जब हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था, तब हमने एक चीज़ आज़माई — खिलाड़ियों का आत्मविश्वास वापस लाने के लिए सेंटर-विकेट पर खूब अभ्यास करवाया।' वरुण चक्रवर्ती और रिंकू, दोनों को इसी प्रक्रिया से गुज़ारा गया, क्योंकि नायर के अनुसार ये दोनों केकेआर के 'दो बहुत ही अहम खिलाड़ी' हैं।
तकनीकी बदलाव: आगे बढ़कर खेलने की नई शैली
नायर ने रिंकू की बल्लेबाज़ी में किए गए ठोस तकनीकी बदलाव का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'अगर आपने गौर किया हो, तो रिंकू का शुरुआती मूवमेंट बदल गया है। अब वह पहले के मुकाबले पिच पर थोड़ा ज़्यादा आगे की ओर चलकर खेलते हैं।' यह बदलाव रिंकू के लिए बिल्कुल नया था — उन्होंने पहले कभी इस तरह नहीं खेला था। कोचिंग टीम ने इसे उनकी बैटिंग में शामिल किया और परिणाम सकारात्मक रहे।
मानसिक पुनर्निर्माण: बाउंड्री का भरोसा लौटाना
नायर ने स्पष्ट किया कि यह केवल तकनीकी काम नहीं था — मानसिक पहलू उतना ही महत्त्वपूर्ण था। उनके शब्दों में, 'उसके मन में यह विश्वास फिर से जगाना कि वह बाउंड्री पार कर सकता है, वह चौके और छक्के लगा सकता है, और ऐसा करने के लिए तकनीकी और रणनीतिक रूप से उसे क्या करना चाहिए — इसलिए बहुत सारी ज़मीनी तैयारी की गई।' गर्मी में मैदान पर समय बिताना भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहा।
मैदान पर नतीजे: चार मैचों में 207 रन
रिंकू की मेहनत के नतीजे आँकड़ों में साफ़ दिखते हैं। आरसीबी के खिलाफ उन्होंने 29 गेंदों पर 49 रन की नाबाद पारी खेली। पिछले चार मैचों में उन्होंने बिना आउट हुए 207 रन बनाए हैं और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 172 रहा है — जो किसी भी मध्यक्रम बल्लेबाज़ के लिए असाधारण है। गौरतलब है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में उनकी खराब फॉर्म के चलते केकेआर को कई मैचों में हार झेलनी पड़ी थी।
आगे क्या
रिंकू की फॉर्म वापसी ऐसे समय में आई है जब केकेआर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। नायर की कोचिंग रणनीति — तकनीकी सुधार और मानसिक पुनर्निर्माण का संयोजन — टीम के शेष मैचों में भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है।