HCL स्क्वैश PSA चैलेंजर टूर: सेमीफाइनल में तन्वी खन्ना और सूरज चंद हारे, फाइनल पूरी तरह मिस्र के नाम
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता में जारी HCL स्क्वैश PSA चैलेंजर टूर के सेमीफाइनल में 13 अगस्त को भारत को दोहरा झटका लगा — महिला वर्ग की टॉप सीड तन्वी खन्ना और पुरुष वर्ग के चौथी सीड सूरज कुमार चंद दोनों खिताबी दौड़ से बाहर हो गए। दोनों भारतीय खिलाड़ियों को मिस्र के प्रतिद्वंद्वियों ने हराया, जिससे दोनों वर्गों के फाइनल में अब केवल मिस्री खिलाड़ी बचे हैं।
सेमीफाइनल के नतीजे
महिला सेमीफाइनल में तन्वी खन्ना को मिस्र की तीसरी सीड सोहायला हजेम ने 11-6, 2-11, 7-11, 7-11 के स्कोर से मात दी। तन्वी ने दूसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन बाकी तीन गेम में हजेम का दबदबा रहा।
पुरुष सेमीफाइनल में सूरज कुमार चंद को मिस्र के टॉप सीड मोहम्मद गोहर ने 11-8, 11-2, 11-7 से सीधे तीन गेम में हराया। गोहर ने पूरे मैच में एकतरफा वर्चस्व कायम रखा।
भारतीय खिलाड़ियों का सफर
हाल ही में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप का सिंगल्स खिताब जीतने वाले सूरज चंद ने सेमीफाइनल तक पहुँचने के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिस्र के हसन मेनशावी को 11-4, 8-11, 11-2, 9-11, 11-8 से हराया — यह रोमांचक पाँच-गेम मुकाबला 73 मिनट तक चला। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने हमवतन आठवीं सीड ओम सेमवाल को भी चार गेम में पराजित किया।
महिला वर्ग में तन्वी खन्ना ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर बिना गेम गँवाए तय किया — पहले वसुंधरा नंगारे को और फिर छठी सीड हमवतन निरुपमा दुबे को सीधे गेम में हराया। सेमीफाइनल में हजेम से मिली हार ने उनके खिताबी सपने को तोड़ दिया।
एक अन्य रोमांचक मुकाबले में संदेश पलानीवेल रविकुमार ने 0-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और छठी सीड अयान वजीरल्ली को 6-11, 10-12, 11-5, 11-6, 11-7 से हराकर पुरुष क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में मिस्र का दबदबा
महिला फाइनल में सोहायला हजेम का मुकाबला दूसरी सीड मेना वालिद से होगा, जबकि पुरुष फाइनल में मोहम्मद गोहर तीसरी सीड सेफ रेफे से भिड़ेंगे। दोनों वर्गों में इनामी राशि 9,000 अमेरिकी डॉलर समान रखी गई है।
PSA चैलेंजर टूर का महत्व
HCL स्क्वैश PSA चैलेंजर टूर, प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (PSA) टूर का दूसरा स्तर है। यह सर्किट दुनिया के प्रमुख देशों में आयोजित होता है और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा, रैंकिंग अंक और उच्च स्तरीय PSA टूर में प्रवेश का अवसर देता है। भारतीय स्क्वैश के लिए यह टूर्नामेंट घरेलू प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर परखने का माध्यम बनता है।
फाइनल मुकाबले के साथ यह इवेंट अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, और भारतीय स्क्वैश प्रशंसकों की निगाहें अब अगले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर टिकी होंगी।