रिंकू सिंह की वापसी का राज़: केकेआर हेड कोच अभिषेक नायर ने बताई आईपीएल 2026 की पर्दे के पीछे की कहानी
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के हेड कोच अभिषेक नायर ने 14 मई 2026 को रायपुर में आरसीबी के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू सिंह को आईपीएल 2026 के शुरुआती दौर की खराब फॉर्म से बाहर निकालने के लिए पर्दे के पीछे किस तरह की मेहनत की गई। रिंकू ने उस मैच में 29 गेंदों पर 49 रन की नाबाद पारी खेली और अपने पिछले चार मैचों में बिना आउट हुए 207 रन जड़े हैं।
टूर्नामेंट की शुरुआत में क्या हुआ था
आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण में रिंकू सिंह की लगातार विफलता केकेआर की मध्यक्रम बल्लेबाजी की सबसे बड़ी कमज़ोरी बन गई थी। टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि रिंकू टीम के फिनिशर की भूमिका निभाने में संघर्ष कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया जब केकेआर पिछले सत्र की चैंपियन टीम के रूप में मैदान में उतरी थी और उससे उम्मीदें भी उतनी ही ऊँची थीं।
कोच नायर की रणनीति: सेंटर-विकेट अभ्यास
नायर ने बताया, 'जब हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था, तब हमने एक चीज़ आज़माई — खिलाड़ियों का आत्मविश्वास वापस लाने के लिए सेंटर-विकेट पर खूब अभ्यास करवाया। वरुण चक्रवर्ती और रिंकू, दोनों के साथ हमने यही किया, क्योंकि वे हमारी टीम के दो बहुत ही अहम खिलाड़ी हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए। रिंकू के मामले में उन्हें पिच के बीच में अधिक से अधिक समय बिताने का अवसर दिया गया।
तकनीकी बदलाव जिसने पलटा खेल
नायर ने एक अहम तकनीकी बदलाव का ज़िक्र किया: 'अगर आपने गौर किया हो, तो रिंकू का शुरुआती मूवमेंट बदल गया है। अब वह पहले के मुकाबले पिच पर थोड़ा ज़्यादा आगे की ओर चलकर खेलते हैं।' उन्होंने बताया कि यह बदलाव पहले कभी रिंकू की बल्लेबाज़ी का हिस्सा नहीं था, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने इसे उनकी तकनीक में शामिल किया और इससे उन्हें स्पष्ट फायदा मिला। गर्मी में मैदान पर समय बिताने और बाउंड्री मारने का आत्मविश्वास दोबारा जगाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
रिंकू का हालिया प्रदर्शन
इस मेहनत का नतीजा आँकड़ों में साफ दिखता है। रिंकू ने अपने पिछले चार मैचों में 207 रन बिना आउट हुए बनाए हैं और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 172 रहा है — जो किसी भी टी20 फिनिशर के लिए उत्कृष्ट आँकड़ा है। आरसीबी के खिलाफ उनकी 29 गेंदों पर 49 रन की नाबाद पारी इसी पुनरुत्थान की ताज़ा मिसाल है।
आगे की राह
नायर की इस खुलासे ने यह भी दर्शाया कि आधुनिक क्रिकेट में कोचिंग स्टाफ की भूमिका केवल रणनीति तक सीमित नहीं, बल्कि खिलाड़ी के मानसिक पुनर्निर्माण तक फैली हुई है। रिंकू की फॉर्म में वापसी के साथ केकेआर का मध्यक्रम एक बार फिर मज़बूत दिख रहा है और टीम प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है।