24 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी की दिल्ली रैली से व्यापारियों को नुकसान का डर, BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने की टालने की मांग

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राहुल गांधी की दिल्ली रैली से व्यापारियों को नुकसान का डर, BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने की टालने की मांग

सारांश

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली को त्योहारी सीज़न में व्यापार के लिए खतरा बताते हुए इसे टालने की मांग की। उनका दावा है कि हाल के प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों को ₹4,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है — और एक और रैली से नुकसान और बढ़ेगा।

मुख्य बातें

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली टालने की मांग की।
उनका दावा है कि हाल के विरोध-प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों को लगभग ₹4,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।
अक्टूबर से जनवरी के बीच का त्योहारी सीज़न व्यापारियों के लिए सालभर की सबसे महत्वपूर्ण बिक्री अवधि है।
खंडेलवाल ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान की भी निंदा की और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
केरल के राज्यपाल के शाकाहारी रसोई आदेश पर के.
वेणुगोपाल की आलोचना को खंडेलवाल ने 'गैर-मुद्दा' बताकर खारिज किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 24 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने विपक्ष से यह रैली टालने की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली में हाल के विरोध-प्रदर्शनों और इसी प्रकार की गतिविधियों के कारण व्यापारियों को पहले ही लगभग ₹4,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

खंडेलवाल का बयान और त्योहारी सीज़न की चिंता

खंडेलवाल ने कहा, 'पूरे देश ने देखा है कि पिछले दिनों में दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों और ऐसी ही अन्य गतिविधियों के कारण लगभग ₹4,000 करोड़ के व्यापार का नुकसान हुआ है।' उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अक्टूबर से जनवरी के बीच का समय व्यापारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारी सीज़न होता है और इस दौरान की बिक्री पूरे साल की आय में निर्णायक भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में राहुल गांधी की एक और रैली 'निश्चित रूप से व्यापार पर असर डालेगी और व्यापारियों को भारी नुकसान पहुँचाएगी।' गौरतलब है कि दिल्ली देश का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है और यहाँ हर दिन अन्य राज्यों से भारी संख्या में खरीदार आते हैं।

दिल्ली के व्यापारियों पर असर

BJP सांसद ने बताया कि जब भी राजधानी में बड़ी रैलियाँ या मार्च होते हैं, तो दूसरे राज्यों से आने वाले खरीदार या तो दिल्ली आना टाल देते हैं या यातायात की समस्याओं के कारण नहीं आ पाते। इससे स्थानीय व्यापारियों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है।

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने व्यवसाय पर ध्यान दें और प्रदर्शन करने वालों से आग्रह किया कि वे एक निर्धारित स्थान पर नियमानुसार अपनी गतिविधियाँ संचालित करें, ताकि आम जनता और व्यापारी दोनों को परेशानी न हो।

इमरान मसूद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि ये वही लोग हैं जो 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अलगाववादी बयान देकर ये नेता जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 'देश कानून के शासन से चलता है, और अगर वे ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं जिनकी कानून इजाज़त नहीं देता, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' यह ऐसे समय में आया है जब इमरान मसूद ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और कश्मीर से जुड़े विवादित पोस्टर लगाने वालों का उनसे कोई संबंध नहीं था।

केरल राज्यपाल के शाकाहारी रसोई आदेश पर विवाद

केरल के राज्यपाल के आधिकारिक आवास 'लोक भवन' में शाकाहारी रसोई के आदेश पर कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल की आलोचना को खंडेलवाल ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आवास पर खान-पान की व्यवस्था तय करने का अधिकार है और चूँकि लोक भवन राज्यपाल का निजी आवास है, इसलिए वहाँ की व्यवस्था तय करना उन्हीं का अधिकार है।

खंडेलवाल के अनुसार, कांग्रेस के पास उठाने के लिए कोई वास्तविक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसलिए वह ऐसे 'गैर-मुद्दों' को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। यह बयान दिल्ली चुनावी राजनीति में BJP और कांग्रेस के बीच लगातार बढ़ती तल्खी को भी रेखांकित करता है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस की ओर से रैली टालने या रद्द करने की कोई आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है। दिल्ली के व्यापारी संगठन इस मसले पर सरकार और विपक्ष दोनों से संवाद की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में राजधानी की राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के नुकसान का आँकड़ा एक राजनीतिक बयान है — इसकी कोई स्वतंत्र आर्थिक पुष्टि स्रोत में नहीं है, जो इसे तथ्य कम और आरोप अधिक बनाता है। यह दिल्ली में चुनावी माहौल की एक परिचित रणनीति है: विपक्ष की गतिविधियों को व्यापारी-विरोधी बताकर उनकी साख को कमज़ोर करना। असली सवाल यह है कि क्या दिल्ली के व्यापारी संगठन स्वतंत्र रूप से इस आँकड़े की पुष्टि करते हैं — अगर नहीं, तो यह आंकड़ा महज राजनीतिक कथ्य बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली का विरोध क्यों किया?
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि दिल्ली में हाल के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारियों को पहले ही लगभग ₹4,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। उनके अनुसार, अक्टूबर से जनवरी का त्योहारी सीज़न व्यापारियों के लिए सबसे अहम होता है और एक और रैली से यह नुकसान और बढ़ेगा।
दिल्ली में रैलियों से व्यापार कैसे प्रभावित होता है?
खंडेलवाल के अनुसार, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन या मार्च होने पर अन्य राज्यों से आने वाले खरीदार या तो यात्रा टाल देते हैं या यातायात की समस्याओं के कारण नहीं आ पाते। इससे स्थानीय बाज़ारों में सीधी बिक्री पर असर पड़ता है, खासकर त्योहारी सीज़न में।
इमरान मसूद पर खंडेलवाल ने क्या कहा?
खंडेलवाल ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान को 'अलगाववादी' करार दिया और कहा कि ऐसे लोग देश की प्रगति बर्दाश्त नहीं कर पाते। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून के दायरे से बाहर की किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई होगी।
केरल राज्यपाल के शाकाहारी रसोई आदेश पर विवाद क्या है?
केरल के राज्यपाल ने अपने आधिकारिक आवास 'लोक भवन' में शाकाहारी रसोई का आदेश दिया, जिसकी कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने आलोचना की। खंडेलवाल ने इसे 'गैर-मुद्दा' बताते हुए कहा कि राज्यपाल को अपने आवास में खान-पान की व्यवस्था तय करने का पूरा अधिकार है।
क्या कांग्रेस ने रैली टालने की मांग पर कोई प्रतिक्रिया दी?
अभी तक कांग्रेस की ओर से रैली स्थगित या रद्द करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। खंडेलवाल की मांग पर पार्टी की औपचारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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