राहुल गांधी के 'रैली से बिक्री' दावे पर BJP सांसद खंडेलवाल का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 1 नवंबर 2026 को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें गांधी ने देशभर के व्यापारियों — विशेष रूप से दिल्ली के व्यापारियों — से रैली में आने का आग्रह करते हुए दावा किया था कि रैली में आने वाले लोग खरीदारी भी करेंगे। खंडेलवाल ने इसे व्यापारियों का 'क्रूर मजाक' करार दिया और कहा कि दिल्ली के बाजारों को भीड़ नहीं, असली ग्राहक चाहिए।
व्यापारियों पर खंडेलवाल का तर्क
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'राहुल गांधी ने कल एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसके जरिए उन्होंने देश भर के व्यापारियों और खासकर दिल्ली के व्यापारियों का क्रूर मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोग खरीदारी भी करेंगे। राहुल गांधी जी, दिल्ली के बाजारों और व्यापारियों को रैलियों की भीड़ की जरूरत नहीं है, उन्हें तो ग्राहकों की भीड़ चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली के व्यापारी किसी के 'रहमोकरम के मोहताज' नहीं हैं और राजनीतिक तमाशे से उनकी रोजी-रोटी कितनी प्रभावित होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
1984 और 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान
BJP के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का संदर्भ देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि 1 नवंबर का दिन ऐतिहासिक रूप से दुखद है, क्योंकि 1984 में इसी दिन दिल्ली में सिख समुदाय का नरसंहार हुआ था। उनके अनुसार, इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस और उसके नेताओं पर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज फिर से दिल्ली में 1984 जैसी अराजकता दोहराना चाहती है, हालाँकि उन्होंने दावा किया कि यह प्रयास सफल नहीं होगा। BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सिख समुदाय के साथ मिलकर मार्च निकाला।
विश्व बैंक रिपोर्ट पर BJP नेता का दावा
विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर — जिसमें भारत में 10-12 वर्षों में गरीबी दर में उल्लेखनीय कमी का उल्लेख है — खंडेलवाल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक को पीएम मोदी नहीं चलाते, जैसा हमारे विपक्ष के नेता कहते हैं। पूरा विश्व भारत को सम्मान दे रहा है।' उन्होंने अफसोस जताया कि विपक्षी दल इस सच्चाई को स्वीकार करने में हिचक रहे हैं।
आजम खान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी (SP) के नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपनी गिरफ्तारी पर कथित तौर पर कहा था कि उन्हें 'मुसलमान होने की सजा' मिल रही है। इस पर खंडेलवाल ने कहा कि ED ने गिरफ्तारी की है, तो पर्याप्त साक्ष्य अवश्य होंगे और जाँच के बाद सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने आजम खान पर आरोप लगाया कि वे 'हर विषय को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हैं।' गौरतलब है कि आजम खान की गिरफ्तारी से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं और ED के आरोप अभी अप्रमाणित हैं।
आगे क्या
यह बयानबाजी दिल्ली में राजनीतिक माहौल के बीच आई है, जहाँ कांग्रेस की रैली और BJP का जवाबी अभियान एक साथ चल रहे हैं। व्यापारी संगठनों की प्रतिक्रिया और दोनों दलों के बीच आगे की रणनीति पर निगाहें टिकी हैं।