1 नवंबर 2026
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भाजपा विधायक राम कदम का राहुल गांधी पर हमला, विपक्ष की रैली को 'महामूर्खों की रैली' बताया

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भाजपा विधायक राम कदम का राहुल गांधी पर हमला, विपक्ष की रैली को 'महामूर्खों की रैली' बताया

सारांश

भाजपा विधायक राम कदम ने विपक्ष की दिल्ली रैली को 'महामूर्खों की रैली' और 'कौरवों की रैली' कहकर राहुल गांधी पर सीधा प्रहार किया। साथ ही आज़म खान की ED गिरफ्तारी को जायज़ ठहराते हुए कहा कि कानून से कोई ऊपर नहीं।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक राम कदम ने 1 नवंबर 2026 को मुंबई में विपक्ष की दिल्ली रैली को 'महामूर्खों की रैली' करार दिया।
उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे भारत को बदनाम कर रहे हैं, जबकि PM मोदी को 35 देशों ने पुरस्कृत किया है।
कदम ने रैली की तुलना महाभारत के कौरवों से की और कहा कि 'जीत धर्म की होगी।' SP नेता आज़म खान की ED द्वारा गिरफ्तारी को उन्होंने न्यायसंगत बताया और कहा कि 'कानून केवल सबूत देखता है।' उन्होंने विपक्ष पर चुनावी मौसम में हिंदू धर्म का उपयोग करने और 'पैसे देकर भीड़ जुटाने' का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 1 नवंबर 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली में आयोजित विपक्ष की रैली पर कड़ा प्रहार किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की इस रैली को 'बिना सबूत, बिना प्रमाण की महामूर्खों की रैली' करार दिया और आरोप लगाया कि उसमें भीड़ पैसे देकर जुटाई जाती है।

राहुल गांधी पर सीधा वार

राम कदम ने कहा, 'कैसी विडंबना है। एक ओर देश दुनिया में सबसे आगे बढ़ रहा है। अमेरिका हो, लंदन हो, ये सारे देश भारत की ओर देखकर सीख ले रहे हैं और दूसरी ओर इसी भारत में रहने वाले, इसी भारत में इज्जत, शोहरत और सब कुछ पाने वाले राहुल गांधी और विपक्ष के उनके साथी, तुम भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करो, हमारी सरकार को बदनाम करो, लेकिन देश को क्यों बदनाम करने निकले हो?'

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के 35 बड़े देशों ने पुरस्कृत किया है, जो उनके अनुसार केवल पीएम का नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है। कदम ने तर्क दिया कि जब देश अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्था को टक्कर देने की स्थिति में है, तब विपक्ष का यह रवैया देशहित के विरुद्ध है।

महाभारत का संदर्भ, रैली को 'कौरवों की रैली' बताया

भाजपा विधायक ने विपक्ष की रैली की तुलना महाभारत के कौरवों से करते हुए कहा कि द्वापर युग में कौरव संख्या में सौ थे और पांडव केवल पाँच, फिर भी जीत धर्म की हुई। उन्होंने कहा कि यह रैली 'कौरवों की रैली है, अधर्म के साथ की रैली है।' कदम ने वीर सावरकर का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को हिंदू धर्म की याद केवल चुनाव के समय आती है और बाद में वे 'घोर हिंदू विरोधी' हो जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर पर सवाल उठाए और राम को काल्पनिक बताया, साथ ही नवरात्रि, गणपति और दिवाली जैसे त्योहारों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी पूरे साल दिवाली का इंतजार करते हैं, उनके भी विरोध में खड़े हो जाते हैं।

आज़म खान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक ने समाजवादी पार्टी (SP) के नेता आज़म खान के जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत कानून किसी की जाति, धर्म, पद या हैसियत नहीं देखता — 'कानून केवल सबूत देखता है।' कदम ने कहा कि आज़म खान न्याय से ऊपर नहीं हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व की सरकारों में 'डकैती, लोगों को लूटना और धमकाना धड़ल्ले से चल रहा था', जबकि अब योगी सरकार के राज में कानून-व्यवस्था बदल चुकी है। गौरतलब है कि यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर भाजपा के आक्रामक रुख को दर्शाता है।

विपक्ष पर 'सबूत-रहित आरोपों' का इल्ज़ाम

कदम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन 'बिना सबूत, बिना उदाहरण, बिना प्रमाण' आरोप लगाना महामूर्खता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष के अपने कार्यकर्ताओं के वीडियो सामने आए हैं जिनमें रैलियों में पैसे देकर भीड़ जुटाने की बात कही गई है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक परखी हुई चुनावी शब्दावली है। आज़म खान पर ED की कार्रवाई को 'कानून का राज' बताना उस समय आता है जब विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है — इस विरोधाभास को मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। महाभारत के रूपक और वीर सावरकर के उद्धरण का एक साथ इस्तेमाल दर्शाता है कि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को चुनावी तर्क के रूप में और तेज़ी से भुनाने की कोशिश में है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायक राम कदम ने विपक्ष की रैली को क्या कहा?
राम कदम ने विपक्ष की दिल्ली रैली को 'बिना सबूत, बिना प्रमाण की महामूर्खों की रैली' करार दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रैली में भीड़ पैसे देकर जुटाई जाती है।
राम कदम ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के साथी भारत को बदनाम कर रहे हैं, जबकि PM मोदी को 35 देशों ने पुरस्कृत किया है और देश दुनिया में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार विपक्ष BJP को निशाना बनाने की आड़ में देश की छवि खराब कर रहा है।
आज़म खान की ED गिरफ्तारी पर भाजपा का क्या रुख है?
राम कदम ने आज़म खान की ED गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए कहा कि संविधान के तहत कानून जाति, धर्म या पद नहीं देखता, केवल सबूत देखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज़म खान न्याय से ऊपर नहीं हैं।
राम कदम ने कांग्रेस पर हिंदू धर्म को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को हिंदू धर्म की याद केवल चुनाव के समय आती है और बाद में वे 'घोर हिंदू विरोधी' हो जाते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने राम मंदिर, नवरात्रि, गणपति और दिवाली जैसे पर्वों पर भी सवाल उठाए हैं।
राम कदम का यह बयान किस संदर्भ में आया है?
यह बयान 1 नवंबर 2026 को मुंबई में आया, जब महाराष्ट्र में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हैं और दिल्ली में विपक्ष की एक बड़ी रैली आयोजित हुई। भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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