PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से देशभर में आक्रोश, BJP विधायक राम कदम बोले — राहुल का दांव उल्टा पड़ा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को राजनीतिक मुद्दा बनाना विपक्ष की बड़ी भूल साबित हुई है। उनके अनुसार, इस विवाद ने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा की है और जनभावना का रुख अब स्पष्ट रूप से मोदी के पक्ष में है।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
विधायक राम कदम ने कहा, 'देश के विपक्ष ने और राहुल गांधी ने मन में कपट रखते हुए षड्यंत्र के तहत एक दांव फेंका था, अब यह दांव उन्हीं पर उलटा पड़ गया।' उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने जानबूझकर पीएम मोदी के पिता को राजनीति का हथियार बनाने की कोशिश की, लेकिन इसकी प्रतिक्रिया में समूचे देश का क्रोध फूट पड़ा।
कदम के अनुसार, जनता इस प्रकार की राजनीति से ऊब चुकी है। उन्होंने कहा कि 'भ्रम बहुत लंबे समय तक नहीं चलता' और देश की जनता यह मान चुकी है कि 'मोदी कहीं नहीं जाएगा।'
संसद के विशेष सत्र और महाभियोग पर BJP का पलटवार
गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से राम कदम ने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है — बशर्ते विपक्ष कोई ठोस सबूत या प्रमाण प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा, 'हिम्मत नहीं है इनमें; सबूत नहीं है तो कहाँ से देंगे?'
1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कदम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन महाभियोग जैसी गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया को 'सड़कों का तमाशा' नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 124(5) का उल्लेख करते हुए विपक्ष को उसे पढ़ने की सलाह दी।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान
राम कदम ने दावा किया कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, कश्मीर से कन्याकुमारी तक सड़क-निर्माण हुआ है, और 35 से अधिक देशों ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा है। उन्होंने इसे 146 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया।
भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कदम ने कहा कि देश 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुँचने वाला है।
सरदार पटेल और कांग्रेस पर निशाना
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी मनाई जाती है। राम कदम ने इसका लाभ उठाते हुए कांग्रेस पर तंज कसा कि उसके किसी कार्यक्रम में पटेल की प्रतिमा नज़र नहीं आती।
गौरतलब है कि BJP लंबे समय से सरदार पटेल की विरासत को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रही है। कदम ने कहा, 'अगर सरदार वल्लभभाई पटेल नहीं होते तो आज भी यह देश बिखरा हुआ होता।' उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस के नेता पटेल का नाम लेने में संकोच क्यों करते हैं।
आगे क्या
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में BJP और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध तेज़ होने के संकेत हैं। 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है, जबकि BJP का प्रचार अभियान मोदी की छवि और विपक्ष की 'नकारात्मक राजनीति' के इर्द-गिर्द केंद्रित होता दिख रहा है।