31 अक्टूबर 2026
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PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से देशभर में आक्रोश, BJP विधायक राम कदम बोले — राहुल का दांव उल्टा पड़ा

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PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से देशभर में आक्रोश, BJP विधायक राम कदम बोले — राहुल का दांव उल्टा पड़ा

सारांश

महाराष्ट्र में BJP विधायक राम कदम का बड़ा हमला — PM मोदी के पिता को राजनीतिक मुद्दा बनाने पर देशभर में आक्रोश का दावा, राहुल गांधी के 'दांव' को उन्हीं पर उलटा बताया। सरदार पटेल जयंती के दिन कांग्रेस पर पटेल-विरासत को लेकर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

BJP विधायक राम कदम ने 31 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने PM मोदी के पिता को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश की।
कदम के अनुसार इस विवाद से देशभर में आक्रोश फैला और जनभावना 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' की ओर झुकी।
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी जताई, लेकिन विपक्ष से ठोस प्रमाण माँगा।
कदम ने संविधान के अनुच्छेद 124(5) का हवाला देते हुए महाभियोग की माँग को 'राजनीतिक नौटंकी' करार दिया।
1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले BJP ने विपक्ष पर 'झूठ की राजनीति' का आरोप लगाया।
सरदार पटेल जयंती पर कांग्रेस से पूछा — उनके कार्यक्रमों में पटेल की प्रतिमा क्यों नहीं दिखती?

महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को राजनीतिक मुद्दा बनाना विपक्ष की बड़ी भूल साबित हुई है। उनके अनुसार, इस विवाद ने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा की है और जनभावना का रुख अब स्पष्ट रूप से मोदी के पक्ष में है।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

विधायक राम कदम ने कहा, 'देश के विपक्ष ने और राहुल गांधी ने मन में कपट रखते हुए षड्यंत्र के तहत एक दांव फेंका था, अब यह दांव उन्हीं पर उलटा पड़ गया।' उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने जानबूझकर पीएम मोदी के पिता को राजनीति का हथियार बनाने की कोशिश की, लेकिन इसकी प्रतिक्रिया में समूचे देश का क्रोध फूट पड़ा।

कदम के अनुसार, जनता इस प्रकार की राजनीति से ऊब चुकी है। उन्होंने कहा कि 'भ्रम बहुत लंबे समय तक नहीं चलता' और देश की जनता यह मान चुकी है कि 'मोदी कहीं नहीं जाएगा।'

संसद के विशेष सत्र और महाभियोग पर BJP का पलटवार

गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से राम कदम ने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है — बशर्ते विपक्ष कोई ठोस सबूत या प्रमाण प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा, 'हिम्मत नहीं है इनमें; सबूत नहीं है तो कहाँ से देंगे?'

1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कदम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन महाभियोग जैसी गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया को 'सड़कों का तमाशा' नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 124(5) का उल्लेख करते हुए विपक्ष को उसे पढ़ने की सलाह दी।

मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान

राम कदम ने दावा किया कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, कश्मीर से कन्याकुमारी तक सड़क-निर्माण हुआ है, और 35 से अधिक देशों ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा है। उन्होंने इसे 146 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया।

भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कदम ने कहा कि देश 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुँचने वाला है।

सरदार पटेल और कांग्रेस पर निशाना

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी मनाई जाती है। राम कदम ने इसका लाभ उठाते हुए कांग्रेस पर तंज कसा कि उसके किसी कार्यक्रम में पटेल की प्रतिमा नज़र नहीं आती।

गौरतलब है कि BJP लंबे समय से सरदार पटेल की विरासत को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रही है। कदम ने कहा, 'अगर सरदार वल्लभभाई पटेल नहीं होते तो आज भी यह देश बिखरा हुआ होता।' उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस के नेता पटेल का नाम लेने में संकोच क्यों करते हैं।

आगे क्या

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में BJP और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध तेज़ होने के संकेत हैं। 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है, जबकि BJP का प्रचार अभियान मोदी की छवि और विपक्ष की 'नकारात्मक राजनीति' के इर्द-गिर्द केंद्रित होता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो BJP की उस रणनीति की पुष्टि करता है जिसमें विपक्ष के हर वार को 'जनविरोधी' साबित करने की कोशिश होती है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि एक विधायक-स्तर के बयान को राष्ट्रीय जन-आक्रोश के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना एक चुनावी कथा-निर्माण की प्रक्रिया है, तथ्यात्मक माप नहीं। महाभियोग प्रक्रिया पर संविधान का हवाला देना वैध संवैधानिक बिंदु है, लेकिन विशेष सत्र की 'तैयारी' का दावा और 'सबूत की माँग' — दोनों ही अभी तक केवल बयानबाज़ी के स्तर पर हैं। जनता को यह भी देखना होगा कि क्या यह आक्रोश मतपेटी में परिलक्षित होता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कदम ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
BJP विधायक राम कदम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने षड्यंत्र के तहत PM मोदी के पिता को राजनीतिक मुद्दा बनाया, जो अब उन्हीं पर उलटा पड़ गया है। उनके अनुसार इस कदम से देशभर में जनता का आक्रोश भड़क उठा है।
महाभियोग के मुद्दे पर BJP का क्या रुख है?
राम कदम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी जताई है, बशर्ते विपक्ष एक ठोस सबूत या प्रमाण प्रस्तुत करे। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 124(5) का हवाला देते हुए महाभियोग की माँग को 'राजनीतिक नौटंकी' बताया।
1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
कदम ने कहा कि लोकतंत्र में रैली का अधिकार सभी को है, लेकिन संविधान की धज्जियाँ उड़ाने का नहीं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि महाभियोग की माँग करनी है तो पहले ठोस उदाहरण सामने रखें।
सरदार पटेल जयंती पर BJP ने कांग्रेस पर क्या निशाना साधा?
31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर राम कदम ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पटेल की प्रतिमा नज़र नहीं आती। उन्होंने दावा किया कि पटेल की विरासत का सम्मान करने का काम BJP ने किया है।
राम कदम ने मोदी सरकार की कौन-सी उपलब्धियाँ गिनाईं?
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे, 35 से अधिक देशों ने PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिया, और भारत 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।
राष्ट्र प्रेस
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