सिद्धिविनायक मंदिर चंदा चोरी विवाद: BJP विधायक राम कदम बोले — 'राज ठाकरे सबूत हैं तो पुलिस जाएं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 2 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कदम ने स्पष्ट कहा कि यदि ठाकरे के पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें सीधे पुलिस से संपर्क करना चाहिए — मीडिया के सामने बयानबाज़ी से मंदिरों में अनियमितताएँ नहीं रुकतीं।
राम कदम का राज ठाकरे पर सीधा निशाना
BJP विधायक राम कदम ने कहा, 'राज ठाकरे खुद अक्सर दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। मैंने उनके साथ पाँच साल काम किया है और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं। गणेश मंदिर के बारे में ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है। अगर उनके पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे पुलिस को सौंपना चाहिए। मामले की पूरी जाँच की जाएगी।'
कदम ने यह भी कहा कि 'मीडिया के सामने इस बारे में बात करने से सुर्खियाँ तो मिल सकती हैं, लेकिन इससे किसी भी मंदिर में ऐसी घटनाओं को रोकने का मकसद पूरा नहीं होगा। पुख्ता जानकारी दिए बिना सिर्फ मीडिया के सामने बोल देना, यह उनका सुर्खियों में आने का प्रयास है।'
कुलगाम आतंकी हमले पर भी बोले कदम
राम कदम ने कुलगाम में हुए ताज़ा आतंकी हमले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में जिस तरह गोली मारने से पहले पीड़ितों का धर्म पूछा गया था, वैसी ही एक और घटना सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की पूरी जाँच होगी और हर पहलू को खँगाला जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब पहलगाम हमले के बाद से देश में आतंकवाद के विरुद्ध राजनीतिक माहौल तीखा हो चुका है। गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत कड़ी सैन्य कार्रवाई की थी।
आतंकवाद पर सरकार का रुख
BJP विधायक ने स्पष्ट किया कि पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकवादियों को पहले ही समाप्त किया जा चुका है और कुलगाम मामले में भी शामिल किसी भी आतंकवादी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'धर्म या जाति पूछकर किसी की हत्या करना एक बर्बर और घिनौना काम है। ऐसे आतंकवादियों को मार गिराने का काम किया जाएगा।'
कदम ने आगे कहा, 'इन आतंकियों के पीछे जो ताकतें हैं, उन्हें भी माफ नहीं किया जाएगा। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है — आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाएगा।'
सिद्धिविनायक विवाद की पृष्ठभूमि
मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर देश के सर्वाधिक दान प्राप्त करने वाले धार्मिक स्थलों में से एक है और इसका प्रबंधन एक सरकारी ट्रस्ट करता है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कथित तौर पर मंदिर में चंदे की अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए थे, जिस पर BJP ने उन्हें सबूत के साथ पुलिस के पास जाने की चुनौती दी है। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
आगे क्या
BJP और मनसे के बीच यह वाक्युद्ध महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई तनातनी का संकेत है। यदि राज ठाकरे पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो मामला जाँच के दायरे में आ सकता है। फिलहाल BJP ने गेंद मनसे के पाले में डाल दी है।