2 अगस्त 2026
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सिद्धिविनायक मंदिर चंदा चोरी विवाद: BJP विधायक राम कदम बोले — 'राज ठाकरे सबूत हैं तो पुलिस जाएं'

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सिद्धिविनायक मंदिर चंदा चोरी विवाद: BJP विधायक राम कदम बोले — 'राज ठाकरे सबूत हैं तो पुलिस जाएं'

सारांश

मनसे प्रमुख राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर BJP विधायक राम कदम ने पलटवार किया — सबूत हैं तो पुलिस जाएं, मीडिया में बोलना सिर्फ सुर्खियाँ बटोरना है। साथ ही कुलगाम हमले पर कहा, आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाएगा।

मुख्य बातें

BJP विधायक राम कदम ने 2 अगस्त 2026 को राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को खारिज किया।
कदम ने कहा — 'ठोस जानकारी है तो पुलिस को सौंपें, मीडिया में बोलना सिर्फ सुर्खियाँ पाने का प्रयास है।' राज ठाकरे खुद सिद्धिविनायक मंदिर के नियमित दर्शनार्थी हैं और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं — कदम का बयान।
कुलगाम आतंकी हमले पर कदम ने कहा, पहलगाम जैसी घटना फिर सामने आई है, पूरी जाँच होगी।
कदम ने मोदी सरकार की आतंकवाद-विरोधी नीति दोहराई — 'आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाएगा।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 2 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कदम ने स्पष्ट कहा कि यदि ठाकरे के पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें सीधे पुलिस से संपर्क करना चाहिए — मीडिया के सामने बयानबाज़ी से मंदिरों में अनियमितताएँ नहीं रुकतीं।

राम कदम का राज ठाकरे पर सीधा निशाना

BJP विधायक राम कदम ने कहा, 'राज ठाकरे खुद अक्सर दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। मैंने उनके साथ पाँच साल काम किया है और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं। गणेश मंदिर के बारे में ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है। अगर उनके पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे पुलिस को सौंपना चाहिए। मामले की पूरी जाँच की जाएगी।'

कदम ने यह भी कहा कि 'मीडिया के सामने इस बारे में बात करने से सुर्खियाँ तो मिल सकती हैं, लेकिन इससे किसी भी मंदिर में ऐसी घटनाओं को रोकने का मकसद पूरा नहीं होगा। पुख्ता जानकारी दिए बिना सिर्फ मीडिया के सामने बोल देना, यह उनका सुर्खियों में आने का प्रयास है।'

कुलगाम आतंकी हमले पर भी बोले कदम

राम कदम ने कुलगाम में हुए ताज़ा आतंकी हमले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में जिस तरह गोली मारने से पहले पीड़ितों का धर्म पूछा गया था, वैसी ही एक और घटना सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की पूरी जाँच होगी और हर पहलू को खँगाला जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब पहलगाम हमले के बाद से देश में आतंकवाद के विरुद्ध राजनीतिक माहौल तीखा हो चुका है। गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत कड़ी सैन्य कार्रवाई की थी।

आतंकवाद पर सरकार का रुख

BJP विधायक ने स्पष्ट किया कि पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकवादियों को पहले ही समाप्त किया जा चुका है और कुलगाम मामले में भी शामिल किसी भी आतंकवादी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'धर्म या जाति पूछकर किसी की हत्या करना एक बर्बर और घिनौना काम है। ऐसे आतंकवादियों को मार गिराने का काम किया जाएगा।'

कदम ने आगे कहा, 'इन आतंकियों के पीछे जो ताकतें हैं, उन्हें भी माफ नहीं किया जाएगा। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है — आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाएगा।'

सिद्धिविनायक विवाद की पृष्ठभूमि

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर देश के सर्वाधिक दान प्राप्त करने वाले धार्मिक स्थलों में से एक है और इसका प्रबंधन एक सरकारी ट्रस्ट करता है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कथित तौर पर मंदिर में चंदे की अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए थे, जिस पर BJP ने उन्हें सबूत के साथ पुलिस के पास जाने की चुनौती दी है। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

आगे क्या

BJP और मनसे के बीच यह वाक्युद्ध महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई तनातनी का संकेत है। यदि राज ठाकरे पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो मामला जाँच के दायरे में आ सकता है। फिलहाल BJP ने गेंद मनसे के पाले में डाल दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर BJP और मनसे के बीच महाराष्ट्र में जारी प्रभाव-क्षेत्र की लड़ाई झलकती है — विशेषकर हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर 'असली रक्षक' की छवि को लेकर। सिद्धिविनायक जैसे संवेदनशील मंदिर पर आरोप लगाना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा दाँव है, और BJP का 'पुलिस के पास जाओ' वाला जवाब दरअसल मनसे को एक ऐसे कदम के लिए मजबूर करता है जो या तो विश्वसनीयता देगा या आरोप को निराधार साबित करेगा। कुलगाम का संदर्भ जोड़कर कदम ने एक स्थानीय धार्मिक विवाद को राष्ट्रीय सुरक्षा आख्यान से जोड़ने की कोशिश की — यह BJP की परिचित रणनीति है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर पर क्या आरोप लगाए हैं?
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कथित तौर पर सिद्धिविनायक मंदिर में चंदे की अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए हैं। हालाँकि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
BJP विधायक राम कदम ने राज ठाकरे को क्या जवाब दिया?
BJP विधायक राम कदम ने कहा कि यदि राज ठाकरे के पास ठोस जानकारी है तो उन्हें पुलिस के पास जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में बयान देना सिर्फ सुर्खियाँ बटोरने का प्रयास है और इससे मंदिरों में अनियमितताएँ नहीं रुकतीं।
सिद्धिविनायक मंदिर का प्रबंधन कौन करता है?
मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर एक सरकारी ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित होता है और यह देश के सर्वाधिक दान प्राप्त करने वाले धार्मिक स्थलों में से एक है। किसी भी अनियमितता की जाँच का अधिकार संबंधित ट्रस्ट और पुलिस को है।
कुलगाम हमले पर राम कदम ने क्या कहा?
राम कदम ने कहा कि कुलगाम में पहलगाम जैसी घटना फिर सामने आई है, जहाँ धर्म पूछकर हमला किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की पूरी जाँच होगी और शामिल किसी भी आतंकवादी को बख्शा नहीं जाएगा।
BJP और मनसे के बीच यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति को कैसे प्रभावित करेगा?
यह विवाद महाराष्ट्र में BJP और मनसे के बीच हिंदू मतदाताओं पर प्रभाव की प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है। यदि राज ठाकरे पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं तो मामला जाँच के दायरे में आ सकता है, अन्यथा BJP का यह पलटवार राजनीतिक रूप से मनसे को कमज़ोर स्थिति में डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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