28 जून 2026
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राम मंदिर चोरी पर सांसद चंद्रशेखर आजाद का सवाल — 'भगवान के दर पर लूट, तो सुरक्षित कहाँ हैं हम?'

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राम मंदिर चोरी पर सांसद चंद्रशेखर आजाद का सवाल — 'भगवान के दर पर लूट, तो सुरक्षित कहाँ हैं हम?'

सारांश

राम मंदिर में चंदा चोरी और उत्तराखंड में दलित युवक केतन लाल की कथित जातीय हत्या — दोनों मुद्दों पर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने हरिद्वार में एक साथ मोर्चा खोला। पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका, जिससे विवाद और गहरा गया।

मुख्य बातें

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 28 जून 2026 को हरिद्वार में राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'भगवान के दर पर लूट हो तो सुरक्षित जगह कौन सी है।' उत्तराखंड के टिहरी जिले के देवल गाँव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की कथित जातीय घृणा से प्रेरित हत्या का मामला सामने आया।
परिजनों के अनुसार केतन को प्रेम संबंध के कारण बुलाकर बंधक बनाया गया और पूरी रात पीटा गया; आरोपियों ने परिवार को धमकी भरे अंदाज़ में फोन किया।
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को हरिद्वार में पुलिस ने रोका ; समर्थकों ने इसका विरोध किया।
आजाद ने एक्स पर इस घटना को 'संविधान, समानता और मानवता की हत्या' करार दिया।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 28 जून 2026 को हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। नगीना लोकसभा क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) से निर्वाचित सांसद ने कहा कि जब मंदिर जैसी पवित्र जगह भी असुरक्षित हो जाए, तो समाज में सच्चाई और सुरक्षा का भरोसा कहाँ बचता है।

मंदिर चोरी पर सांसद का सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने हरिद्वार में पत्रकारों से कहा, 'जहाँ लोग चोरी करने से भी नहीं डरते, वहाँ सच्चाई कहाँ है? अगर भगवान के दर पर लूटपाट और चोरी हो रही है, तो आप ही बताइए — सबसे सुरक्षित जगह कौन सी है?' उन्होंने यह भी कहा कि अगर मंदिर में डकैती हो सकती है, तो कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

पुलिस ने रोका, समर्थकों ने जताया विरोध

इसी दौरान, उत्तराखंड के टिहरी जिले में एक दलित युवक की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को हरिद्वार में पुलिस ने रोक लिया। सांसद के समर्थकों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोका, हालाँकि पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं था।

आजाद ने इस पर कहा, 'परिवार ने हमें अपनी आवाज़ बनने के लिए बुलाया है और हम शांतिपूर्वक मिलने जा रहे थे। इस देश में सभी को संवैधानिक तरीके से विरोध जताने का अधिकार है। डर का यह माहौल खत्म होना चाहिए।'

केतन लाल हत्याकांड — जातीय हिंसा का आरोप

सांसद ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र के देवल गाँव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की हत्या को 'जातीय घृणा से प्रेरित' बताया। परिजनों के अनुसार, केतन को कथित तौर पर प्रेम संबंध के कारण सुनियोजित ढंग से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों तथा बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया — उसकी प्रेमिका के सामने। अंततः उसकी मृत्यु हो गई।

आरोपियों ने कथित तौर पर स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे लहजे में कहा, 'अपने बेटे को यहाँ से उठाकर ले जाओ।' आजाद ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह घटना 'केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।'

जातिवादी मानसिकता पर चेतावनी

सांसद ने आगे लिखा कि यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

आगे क्या

केतन लाल हत्याकांड में अब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है। सांसद चंद्रशेखर आजाद के इस मामले में सक्रिय होने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा में आ गया है और दलित अधिकार संगठनों ने न्याय की माँग तेज़ कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ही व्यापक संस्थागत विफलता के दो चेहरे हैं। पुलिस द्वारा एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना — यदि यह दावा सही है — तो यह संवैधानिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन दोनों धाराओं को अलग-अलग रिपोर्ट करती है; असली कहानी यह है कि ये एक साथ क्यों उभर रही हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राम मंदिर चोरी पर क्या कहा?
चंद्रशेखर आजाद ने हरिद्वार में कहा कि अगर मंदिर जैसी जगह पर भी चोरी और लूटपाट हो रही है, तो समाज में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ भगवान के दर पर डकैती हो, वहाँ सच्चाई और सुरक्षा का भरोसा कहाँ बचता है।
केतन लाल कौन था और उसकी हत्या कैसे हुई?
केतन लाल उत्तराखंड के टिहरी जिले के देवल गाँव का 18 वर्षीय दलित युवक था। परिजनों के अनुसार, कथित तौर पर प्रेम संबंध के कारण उसे सुनियोजित तरीके से बुलाकर बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों व बेल्ट से पीटा गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
हरिद्वार में पुलिस ने सांसद को क्यों रोका?
सांसद चंद्रशेखर आजाद केतन लाल के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तभी हरिद्वार में पुलिस ने उन्हें रोका। सांसद के समर्थकों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोका; हालाँकि पुलिस की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं था।
आजाद ने इस हत्या को जातीय हिंसा क्यों बताया?
सांसद आजाद ने एक्स पर लिखा कि केतन को केवल इसलिए मारा गया क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया। उनके अनुसार यह घटना जातिवादी मानसिकता के समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरे को उजागर करती है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
केतन लाल हत्याकांड में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सांसद चंद्रशेखर आजाद के सक्रिय होने और मामले के राष्ट्रीय चर्चा में आने के बाद दलित अधिकार संगठनों ने न्याय और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की माँग तेज़ कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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